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जिसकी लाठी उसकी भैंस कहानी || Hindi Kahaniya 7

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 जिसकी लाठी उसकी भैंस कहानी || Hindi  || Hindi Story For Children || 

एक गाँव में रामू नाम का एक दूधवाला रहता था। उसके पास बहुत सारी भैंसें थीं। वह अपनी भैंसों का बहुत ख्याल रखता था। वह रोजाना सुबह-शाम उनका दूध निकालकर दूध अलग-अलग गाँवों में बेचा करता था। वह दयालु होने के साथ-२ ईमानदार भी था ।

वह अन्य दूधियों की तरह कभी भी दूध में पानी नहीं मिलाता था । इसलिए सभी गाँव वाले उससे दूध खरीदना पसंद करते थे। उसके ग्राहकों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही थी ।

धीरे-२ उसके ग्राहकों की संख्या इतनी बढ़ गई की कभी-कभी वह अपने सभी ग्राहकों को दूध नहीं दे पाता था और उसके कई ग्राहकों को बगैर दूध लिए ही लौटना पड़ता था।

जिसकी लाठी उसकी भैंस कहानी || Hindi Kahaniya || Hindi Story For Children || Kahaniya
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इसी कारण रामू ने अपने सभी ग्राहकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक और भैंस खरीदने का फैसला किया और वह एक दिन पैसे लेकर भैंस खरीदने निकला ।

भैंस के शेड में पहुंचने के बाद रामू ने कहा :- 
भाई, मैं एक भैंस खरीदना चाहता हूं।

भैसवाला बोला :-
आप कौन सी भैंस खरीदना चाहेंगे? आप जो भी भैस खरीदना चाहते है चुन लीजिये ।

रामू ने वहां खड़ी भैसो में से एक भैंस को सूक्ष्मता से देखा। उसने एक बड़ी काली भैस चुनी। और बोला :-
मैं यह भैंस खरीदना चाहता हूं।

भैसवाला बोला :-
आप बहुत स्मार्ट हैं। आपने जिस भैंस को चुना जो रोज 6-7 लीटर दूध देती है। वास्तव में? यह भैंस दिन में दो बार दूध देती है। यदि आप इस भैंस को खरीदते हैं तो आप बहुत लाभ कमाएंगे।

रामू ने भैंस का भुगतान किया और भैंस को लेकर अपने घर चला आया । घर पहुंचने के लिए उसे जंगल से गुजरना पड़ा।

जिसकी लाठी उसकी भैंस कहानी

जंगल से गुजरते समय रामू दूधवाले के सामने अचानक एक चोर आ गया। चोर के हाथ में एक लाठी थी।
लाठी को लहराते हुए चोर ने कहा :-
मुझे भैंस दो या फिर में तुम्हारे सिर को लाठी से तोड़ दूंगा ।

रामू चोर और उसकी लाठी को अचानक देख कर डर गया लेकिन जल्दी ही संभलते हुए बोला :-
ठीक है भाई। भैंस ले लो।

भैस लेते ही चोर हसने लगा और बोला :-
तुम बहुत मुर्ख और डरपोक हो । तुम तो बड़ी जल्दी डर गए और मुझे अपनी भैंस दे दी।

तब रामू बोला :-
चोर भाई, अगर भैस सर फूटने के बाद देते तो हम बेवकूफ भी कहलाते |

अब भागो यहां से | चोर बोला |

और चोर भैंस को लेकर खुश होकर जाने वाला था की तभी रामू ने समझदारी दिखाते हुए एक चांस लेने की सोची और बोला :- सुनो भाई, तुमने मेरी भैंस ले ली है। कृपया मुझे अपनी लाठी दें । मैं खाली हाथ घर कैसे जा सकता हूं?

चोर जो की आसानी से भैस मिलने से अंदर ही अंदर बहुत खुश हो रहा था उसने सोचा की भैस तो उसे मिल ही गई है अब वह लाठी का क्या करेगा । यही सोचते हुए चोर बोला :-
ठीक है लो लाठी ले लो और दफा हो जाओ।

बस रामू भैसवाले की तरकीब काम कर गई थी | जैसे ही रामू को लाठी मिली रामू ने लाठी से चोर को धमकाया और कहा :-मुझे मेरी भैंस वापस दो या या फिर में तुम्हारे सिर को लाठी से तोड़ दूंगा ।

चोर को अपनी मूर्खता का एहसास हुआ। और वह समझ गया की रामू ने उसे मुर्ख बनाया है और अब उसके पास भैस को छोड़कर भागने के अलावा कोई और चारा नहीं था | चोर डर कर भाग गया। दूधवाला खुशी-खुशी भैंस लेकर घर लौटा।

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