किशमिश

सुबह-2 पीने के लिए किशमिश का पानी बनाने के 7 तरीके और उनके फायदे

सुबह-2 पीने के लिए किशमिश का बनाने के 7 तरीके और उनके फायदे :-


पीने से शरीर की कमजोरी दूर होती है, कब्ज, एसिडिटी, सर्दी, जुकाम, इन्फेक्शन, खून की कमी, शारीरिक कमजोरी और मोटापा दूर होता है | हड्डियां मजबूत बनती है, आंखों की रोशनी तेज होती है, कैंसर और अन्य बीमारियों के साथ-साथ बालों और स्किन की प्रॉब्लम भी दूर होती है और शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम ( प्रतिरक्षा प्रणाली ) स्ट्रॉन्ग बनती है | 

किशमिश विटामिंस, मिनरल्स और एनर्जी का भंडार है | इसमें काफी मात्रा में आयरन, पोटेशियम, विटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं |

वैज्ञानिकों के अनुसार किशमिश में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘बी’ और विटामिन ‘सी’, आयरन तथा शरीर को बल प्रदान करने वाले पौष्टिक द्रव्य होते हैं | इसमें पोटेशियम, सेल्यूलोज, शर्करा और कार्बनिक अम्ल है जिसके कारण यह कब्जियत को दूर करती है |

सुबह-2 पीने के लिए किशमिश का बनाने के 7 तरीके और उनके फायदे –


1) किशमिश रात में भिगोकर रखिए | दूसरे दिन सुबह उसे उसी में मसल का छान लीजिए | इसमें जीरा का पाउडर और शक्कर मिलाकर पीने से पित्त की वजह से होने वाली जलन और उत्तेजना समाप्त होती है | 

2) किशमिश, पित्त पापड़ा और आंवला पांच-पांच ग्राम लेकर रात को आधा पोंड में भिगो दीजिये | सुबह उसे उसी में मसलकर छानकर उसमें 10 ग्राम शक्कर मिलाकर पीने से अमाश्य के पित्त प्रकोप से होने वाले जलन और उत्तेजना मिटती है |

3) किशमिश और सौंफ 20-20 ग्राम लेकर रात में आधा पोंड में भिगोकर रख दीजिए | सुबह उसे उसी में मसलकर छानकर उसमें 10 ग्राम शक्कर मिलाकर थोड़े दिनों तक पीने से एसिडिटी, खट्टी डकारे, उबकाई , खट्टी उल्टी, मुंह के छाले, आमाशय में जलन होना, पेट का भारीपन आदि मिटते है | 

4) 30-40 ग्राम किशमिश को रात में ठंडे में भिगो कर रखिये | उसे उसी में मसल कर छान लीजिए | इसे थोड़े दिनों तक पीने से कब्ज मिटती है |

5) 40 ग्राम किशमिश को रात में ठंडे में भिगोकर रख दीजिए | सुबह उसी में मसलकर छानकर थोड़ा सा जीरे का पाउडर डालकर पीने से पेशाब की गर्मी दूर होती है और पेशाब साफ आता है | 

 6) किशमिश को रात में ठंडे में भिगोकर | सुबह शक्कर डालकर पीने से मृतकछु यानी बूंद-बूंद करके पेशाब आना मिटता है |

7) किशमिश और धनिए को ठंडे में भिगो कर पीने से आधा सीसी यानी आधे सिर का दर्द मिटता है |

ध्यान रखने योग्य बातें –

1) खट्टी या कच्ची किशमिश प्रयोग में नहीं लानी चाहिए |

2) किशमिश को गर्म में धोने के बाद ही प्रयोग में लानी चाहिए ताकि गंदगी या  सूक्षम जंतु दूर हो जाए |

3)  शुगर के मरीजों को चिकित्सक के परामर्श के बिना इस पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए | 

4) बहुत अधिक मात्रा में किशमिश का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है |





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