को क्या खिलाये, Recipes और कुछ टिप्स || and Tips In Hindi:-

बच्चे के पैदा होने से लेकर 3 साल तक की उम्र ऐसी होती है जब उसकी खाना खाने की आदतों का विकास होता है | इस समय उसके द्वारा खाये गए खाने का असर उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है | इस समय खाया गया पोषण से भरपूर खाना उसे पूरी जिंदगी स्वस्थ रखने में मदद करता है | इसी दौरान खाया गया जंक फूड उसे मोटापे, मधुमेह, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की तरफ ले जाता है |

पैदा होने से लेकर 3 साल तक की उम्र का होने तक के बच्चे के लिए पोषण से भरपूर खाने की कुछ अलग रेसिपीज और कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :-

0 से 6 माह के बच्चे :-

बच्चे के जन्म के बाद जितनी जल्दी हो सके यानि जन्म से दो-तीन घंटे के बाद से ही उसे मां का दूध पिलाना चाहिए | बच्चे के लिए मां का पहला दूध यानी वोलोस्ट्रम उसे जीवनदायिनी शक्ति देता है और इसमें पाए जाने वाले तत्व पौष्टिकता देने के अतिरिक्त बच्चे को कई रोगों व रोग संक्रमण से बचाते हैं | शिशु को पहले दिन से ही दो-तीन घंटे के अंतर से स्तनपान करवाना या मां का दूध पिलाना सर्वोत्तम रहता है | 3 महीने तक बच्चे को जब वह मां का दूध पीता है उसे की आवश्यकता नहीं होती, मां का दूध ही संपूर्ण आहार है |

डब्ल्यूएचओ और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के मुताबिक 6 महीने तक के बच्चे को स्तनपान करवाना ( ब्रेस्टफीडिंग (BF)) करवाना बहुत जरूरी होता है | अगर उसे ब्रेस्ट फीडिंग करवाएंगे तो उसे ना तो एक्स्ट्रा की जरूरत होती है और ना ही कोई दूसरी चीज खिलाने की | यही नहीं BF बच्चे के साथ मां के लिए भी फायदेमंद होती है | यह बच्चे को एनर्जी और न्यूट्रिशंस देती है | न्यूट्रीशन के अलावा माँ का दूध बच्चे को आगे चलकर अस्थमा, आंतों और यूरिन के इंफेक्शन से बचाती है |यही नहीं डॉक्टरों के मुताबिक माँ का दूध एलर्जी, पुरानी बीमारियां, मधुमेह, कैंसर आदि से बचाता है |
जब तक बच्चा मां का दूध पिए तब तक मां को चाहिए कि वह खाना खाने के बाद बिल्कुल भी नहीं ले बल्कि बच्चे को दूध पिलाने से 15 मिनट पहले एक गिलास पी ले फिर स्तनपान करवाएं | इस तरह दूध पिलाने से बच्चे को उल्टी दस्त जैसी बीमारियां नहीं होती | साथ ही मां को सदैव प्रसन्नचित होकर ही बच्चे को दूध पिलाना चाहिए, गुस्से या मानसिक तनाव में स्तनपान नहीं करवाना चाहिए |
4 महीने के बच्चे को दोपहर में एक पूरे संतरे का रस छान कर भी दिया जा सकता है | इसके अलावा टमाटर या गाजर का रस भी थोड़ी मात्रा में दिया जा सकता है | बच्चे को रस पचाने में मुश्किल हो तो आधा और आधा रस मिलाकर भी दे सकते हैं और धीरे-धीरे की मात्रा को कम करते जाये | इस तरह रस पिलाने से बच्चा हृष्ट-पुष्ट होगा और उसका रंग भी निखरेगा |

6 से 12 माह तक:-

6 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चे को स्तनपान (BF) के अलावा दूसरी खाने की चीजें देना भी शुरू कर देना चाहिए क्योंकि इस उम्र में केवल स्तनपान (BF) करवाने से उसका पेट नहीं भरेगा |
6 महीने के बाद मां का दूध बढ़ रहे बच्चे के लिए पर्याप्त नहीं रहता | उसे अतिरिक्त की आवश्यकता होती है | बच्चे को पका केला मसल कर दे | उसमें आधी छोटी इलायची का चूर्ण मिलाकर देने से केले को हजम करने में सहायता मिलती है और कब्ज भी नहीं होती |

सीनियर पाइल्स हॉस्पिटल की पेट्रियोटिक और सीनियर कंसल्टेंट जूही चावला कहती हैं कि इस उम्र में हल्का तरल ( Liquid) खाना दे जिसे आप आसानी से उसे खिला सके | बच्चा तरल ( Liquid) खाने को आराम से निगल भी लेता है और उसके गले में फंसने का डर भी नहीं रहता |

6 महीने का होते ही बच्चे को थोड़ा-थोड़ा करके हर तरह का खाना देना चाहिए | उन्हें अनाज, दाल, सब्जियां, फल आदि किस तरह से दें इसके बारे में कुछ जानकारी देने जा रहे हैं | एक और बात बच्चे नखरे तो करेंगे पर आपको धीरज रखना होगा | कुछ दिनों के बाद वह हर चीज खाएंगे और तंदुरुस्त होते जाएंगे |
मां के दूध के साथ-साथ गाय या भैंस का दूध, फलों के रस, हरी सब्जियों के सूप आदि भी दिया जा सकता है | अर्ध ठोस आहार यानी आधा पका खाना जैसे चावल, पतली खीर, और सब्जिया, पतली खिचड़ी आदि देना शुरू करें | गाजर, को उबालकर खूब मसल कर दे | केला दूध में फेट कर, चावल के मुरमुरे आदि भी दिया जा सकता है | और आपके लिए छोटे बच्चों की कुछ डिफरेंट रेसिपीज के बारे में आगे जानकारी दे रहे हैं जो आप छोटे बच्चे को दे सकते हैं :-

स्ट्रॉबेरी मिक्स :-

एक छोटा चम्मच स्ट्रॉबेरी को धो कर साफ कर उसे ग्राइंडर में पीस लें |
दूध में चीनी डालकर उबाल लें |
कमरे के तापमान में ठंडा होने के लिए छोड़ दें | उसके बाद ठंडा होने पर दूध में स्ट्रॉबेरी का पेस्ट अच्छे से मिला लें |
लेकिन एक बात का ध्यान रखें 6 महीने तक का बच्चा ऊपर का ज्यादा कुछ नहीं खाता इसलिए इसकी एक या दो चम्मच बीच-बीच में दे सकते हैं | इसका नया स्वाद उसे भायेगा |

केला कोकोनट :-

एक या दो टुकड़े केले को लेकर अच्छी तरह मैश कर लें |
दूध गर्म करके इसमें 1 छोटा चम्मच नारियल की मिलाई डालकर थोड़ा सा चीनी मिला ले |
ठंडा होने के लिए रखें |
इसमें केले को अच्छी तरह मिला लें |
छोटी चम्मच से बेबी को खिलाएं उसे खाने में बहुत मजा आएगा |

बच्चो को फायदा :- दूध या दूध से बने पदार्थ को कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है | इसमें विटामिन डी और बी12 पाया जाता है |

शकरकंद की खीर :-

एक टुकड़ा शकरकंद लेकर उसे अच्छी तरह से साफ करके अच्छी तरह छील ले और कद्दूकस कर लें |
1 कप दूध में डालकर पकाएं |
थोड़ी देर बाद इसमें शकरकंद मिला ले |
पकने के दौरान ही चीनी को भी मिला लें |
बच्चो के फायदा :- शकरकंद का फाइटोकेमिकल्स रोगों से लड़ने में मदद करता है |

मीठा सेब :-

एक छोटा सेब लेकर उसका छिलका उतार लें |
उसके बीच वाले हिस्से को अच्छी तरह से निकाल दे |
सेब को कद्दूकस कर कर दूध या में मिलाकर उबाल ले |
जब सेब अच्छी तरह पक जाये तो इसे ठंडा होने के लिए रख दें |
इसे पतला बनाने के लिए ऊपर से भी दूध मिलाया जा सकता है | चीनी भी मिला लें | इसे बनाने के बाद तुरंत ही खिलाये, नहीं तो धीरे-धीरे इसका रंग गाढ़ा और भद्दा होता जाएगा |
Tip :- सेब को स्टीम करके अच्छी तरह से मैश करें और थोड़ी सी मात्रा में बेबी को खिलाएं क्योंकि 6 महीने तक के बच्चे ज्यादा कुछ नहीं खाते और नन्हे बेबी को खाना खिलाने का गोल्डन रूल यह है की उसे कोई भी कोई भी खाना थोड़ा थोड़ा करके खिलाये | कोशिश करें कि 2 घंटे के अंतराल पर ही उसे कुछ खाने के लिए दे |

सूजी की खीर :-

2 बड़े चम्मच सूजी को लेकर उसे मोटे तले वाली कढ़ाई में भून ले | हल्का सा भून लेने के बाद उसमें थोड़ा सा घी मिलाकर चलाएं |
एक दो बार चला लेने के बाद इसमें 1 1/2 कप दूध मिला लें और धीमी आंच पर पकने दें |
दो छोटा चम्मच चीनी भी मिलाएं और ठंडा होने के बाद बेबी को चम्मच से खिलाएं |
Tip :- विटामिन डी शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है | वैसे तो यह बटर, एग योक आदि में भी मिलता है लेकिन अभिभावकों को चाहिए कि वे थोड़ी देर के लिए बच्चों को धूप में बिठाए | लगभग 20 मिनट की सुबह सुबह की हल्की धूप उनके लिए पर्याप्त रहती है |

मूंग की दाल की खिचड़ी :-

एक चौथाई चम्मच धुली हुई मूंग की दाल और 2 छोटे चम्मच चावल को अच्छी तरह साफ कर लें |
इसे में भिगोकर रख दें |
एक प्रेशर कुकर में सभी सामग्री, आधा कटा बारीक टमाटर, तीन कप , स्वादानुसार नमक और चुटकी भर हल्दी मिला कर गैस पर चढ़ाये | 2 सिटी आने के बाद उतार ले |
खिचड़ी को एक भगोने मैं निकाल ले |
अब टमाटर के छिलके इसमें से अलग कर दे |
खिचड़ी को बड़े चम्मच से मैश कर ले |
9 महीने या इससे बड़ी उम्र के बच्चे को देने से पहले आधा छोटा चममच देसी घी मिला ले |
1 साल से बड़े बच्चों के लिए खिचड़ी बनाते समय ऊपर के बीच में थोड़ी सी हरी सब्जियों को काट कर डाल सकते हैं | यह पौष्टिक भी हो जाएगा |

Tip :- अच्छी तरह पका आम और चीकू मैश करके बच्चे को खाने के लिए दे सकते हैं | संतुलित देना तो जरूरी है घर मैं बना ताज़ा खाना साफ सफाई से तैयार किया जाने के कारण कीटाणुमुक्त होता है |

1 से 3 वर्ष के बच्चे:-

1 साल का होने के बाद बच्चे को कोई भी ऐसी सॉफ्ट चीज दे सकते हैं जो परिवार के लोग खा रहे हैं | उसे जो भी दे वह अच्छी तरह से पका हो और छोटे-छोटे टुकड़ो में हो |
डॉक्टर ज्योति कहती है कि इस समय उसके अंदर अपने आप खाने की आदतें डिवेलप करें |
छोटा बच्चा हर चीज को खाने से मना करता है ऐसे में आप यह न सोचें कि वह उसे खाएगा नहीं तो दे क्यों | उसे वह चीज बार बार दे | अगर वह एक बार भी इसे चख लेगा तो हो सकता है कि उसे उसका स्वाद पसंद आने लगे और वह उसे खाना शुरु कर दें |
बच्चों के दांत दूध के दांत होते हैं इसलिए जब चीजों को सही तरह से चबा नहीं पाते | वह इसलिए सख्त फूड जैसे की हार्ड Candy, सूखे फल, मूंगफली, कच्ची गाजर आदि न दे | चीनी वाली चीजें एनर्जी तो देती है लेकिन इसमें नुट्रिशन शून्य होते हैं | यह बच्चों के दांतो को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं और अधिक वजन और मोटापे का कारण भी बन सकते हैं |
ऑयली और वसा वाली चीजें दे क्योंकि यह स्वाद देती हैं | मगर ध्यान रहे कि कुल उर्जा का 30 से 45% ही वसा और तेल से बच्चे को मिलना चाहिए |

1 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए खाना :-

इस उम्र के बेबी के दांत निकाल चुके होते है और कुछ निकलने की तयारी मैं होते है इसलिए उनको हल्का चबाने वाला खाना दिया जा सकता है |

सेब सदाबहार :-

  1. बड़ा चम्मच घी को थोड़ी

  2. 1 बड़ा चम्मच सूजी को थोड़ी देर कढ़ाई में भूने |

  3. इसमें एक छोटा चम्मच देसी घी डालकर भूने और फिर निकाल दे |

  4. आधा चम्मच घी में एक बड़ा सेब कद्दूकस किया हुआ भूने |

  5. इसमें दो बड़े चम्मच चीनी और थोड़ा सा चुटकी भर इलायची पाउडर मिला ले |

  6. एक कप दूध और एक कप मिलाकर पकाएं |

  7. बेबी को केला पसंद हो तो इसे परोसते समय पके हुए केले के छोटे-छोटे टुकड़े भी मिला दे |

    Tip :- बच्चे की खाने को अधिक टेस्टी बनाने के लिए उसमें अत्यधिक चीनी, नमक या मसाले का इस्तेमाल ना करें |

नमकीन मखाना :-

  • अच्छी तरह से साफ किए हुए दो कप मखाने को खाली कढ़ाई में भुने |

  • इसमें थोड़ा सा एक चम्मच देसी घी भी मिला कर चलाये |

  • इन पर चुटकी भर नमक को बुर्के |

  • इन्हें डिब्बे में बंद करके रख दे |

  • कुछ मखाने रोजाना बच्चो को तोड़ कर खाने को दे |

  • इसे दही में डाल कर भी खिलाया जा सकता है |

    Tip :- दही में कैल्शियम, प्रोटीन और फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में होते हैं | यह दांतों और हड्डियों को मजबूती देते हैं |

दलिया वेजिटेबल :-

  • एक फली बिन्स

  • एक छोटी गाजर

  • आधा कप कटा टमाटर

  • एक कप दलिया

  • एक छोटा चम्मच तेल

  • चार कप

  • नमक स्वादानुसार और चुटकी भर हल्दी

  • इसमें से सभी सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें |

  • धोकर बारीक काट लें |

  • सब्जियों को तेल में हल्का भून ले |

  • उसके बाद इसमें दलिया डालकर चलाएं |

  • दलिया अच्छी तरह भून जाए तो इसमें , नमक और हल्दी मिला लें |

  • इसे अच्छी तरह पकने दें |

  • इस उम्र के बच्चों को यह रंगबिरंगा दलिया खूब पसंद आएगा |

  • और अनाज से भरपूर होने के कारण उनके शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे | जिनकी इस उम्र में उनको बहुत जरूरत होती है |

    Tip :- रोजाना खाने में 1 साल से 2 साल के बच्चों को एक कप 2 साल से 3 साल के बच्चे को 1 1/2 कप दी जा सकती है |

चावल रसीले :-

  • एक चौथाई कप चावल

  • दो कप दूध

  • एक कप पानी

  • एक बड़ा चम्मच चीनी

  • चुटकी भर इलायची पाउडर

विधि :-

  • चावल पानी में भिगोकर रख दे |

  • पानी गर्म करें और इस में चावल पकाएं |

  • अब इसमें चीनी मिला ले |

  • दूध मिलाकर इलायची पाउडर मिला लें |

Tip :- 12 से 24 माह के बच्चे को प्रतिदिन 85 ग्राम दिया जा सकता है | वही 24 से 36 महीने के बच्चे के लिए यह मात्र डेढ़ सौ ग्राम तक हो सकती है |

एग ब्रेड टोस्ट :-

एक अंडा
1 स्लाइस ब्राउन ब्रेड
2 छोटे चम्मच दूध
एक बड़ा चम्मच तेल और
स्वादानुसार नमक

विधि
एक कप में अंडे को तोड़ ले |
उसमें दो चम्मच दूध मिलाकर फेट ले |
इस मिक्सचर में थोड़ा सा नमक मिला ले |
ब्रेड को चौकोर टुकड़ों में काट लें |
नॉन स्टिक पैन में तेल गर्म करे |
टुकड़ो को फेटे हुए अंडे में डीप करने के तुरंत बाद पैन में डालो |
पलट कर दूसरी तरफ भी सेंके |
Tip :- साल भर तक के बेबी को तरह तरह के अनाज, दाल और सब्जियों को कई तरह से पका कर खिलाया जा सकता है | ऐसे को थोड़ा-थोड़ा करके दिन में तीन-चार बार खिलाएं |

Tip :- छोटे बच्चों पर एक साथ कई खाने की चीजों को ट्राई ना करें | कई बार बच्चों को किसी चीज से फूड एलर्जी हो सकती है | एक बार में एक नया फूडट्राई करें जिससे कि यह पता चल जाएगा कि वह एलर्जी किस कारण से हो रही है |

मैंगो मजा :-

दो टुकड़े पका हुआ आम
1 बड़े चम्मच पके हुए चावल
एक कप दूध
एक बड़ा चम्मच चीनी
और चुटकी भर दालचीनी

विधि :-
दूध को गर्म करें |
इसमें चावल मिलाकर थोड़ी देर पकाएं |
अब इसमें चीनी मिलाएं |
आंच को धीमी कर दें |
इस में अच्छी तरह से मैश किया हुआ आम मिला ले |
दालचीनी पाउडर मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स करें और ठंडा होने पर बेबी को खिलाएं |

Tip :- साल भर के बच्चे को पका हुआ आम आराम से दिया जा सकता है | शुरुआत में इसकी मात्रा कम रखें क्योंकि कुछ बच्चे इसे आसानी से नहीं पचा पाते | पके हुए आम की छोटी फांक बच्चे को खिलाएं |

कर्ड राइस :-

एक कप ताजा दही
आधा कप अच्छी तरह पके हुए चावल
2 बड़े चम्मच बारीक कटी हुई सब्जियां
1 छोटा चम्मच कुकिंग आयल
2 करी पत्ते
स्वादानुसार नमक और
कुछ दाने राइ के

विधि :-
चावल, दही और नमक को अच्छी तरह मिला लें |
कढ़ाई में तेल गरम करें और करी पत्ते का तड़का लगाएं |
इसमें उबली सब्जियां चावल और दही का मिलाकर ठंडा होने के बाद बच्चे को खिलाएं |
गर्मी के दिनों में इस बच्चे को दे |
इसमें दही होने से उसका पेट ठंडा रहेगा |

Tip :- दही में मौजूद प्रोटीन बच्चे की पाचन शक्ति के लिए अच्छा माना जाता है |

ब्रेड पोहा :-

2 स्लाइस ब्रेड
2 बड़े चम्मच बारीक कटा प्याज और टमाटर
एक बड़ा चम्मच तेल
स्वादानुसार नमक
चुटकी भर हल्दी
नींबू की कुछ बूंदें और
4-5 किशमिश
मूंगफली के कुछ दाने और
तड़के के लिए राई

विधि :-
कढ़ाई में तेल गर्म करें इसमें राई का तड़का लगाएं | प्याज और टमाटर डालकर पकाएं |
अब ब्रेड को गीले हांथो से ब्रेड को मसल ले |
कढ़ाई में डालकर चलाएं |
नमक, हल्दी, मूंगफली को एक तवे पर अलग से भून ले |
रोस्ट की हुई मूंगफली को दरदरा कर ले |
इसे कढ़ाई में डालकर चलाएं |
उतारने के बाद इसमें किशमिश मिला ले |
हल्का गर्म हो तो इसमें नींबू की 1-2 बुँदे निचोड़कर मिलाएं और बेबी को खिलाएं |
Tip :- कम समय है और बेबी फूड बनाने में देर है तो बेबी को बटर लगी ब्रेड भी दी जा सकती है |

0 से 3 साल के बच्चो को क्या खिलाये, Recipes और कुछ टिप्स || Baby Food Recipe and Tips In Hindi
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