दस बून्द, एक बाल्टी नहाने का और त्रिफला चूर्ण दिलाये से छुटकारा :-

त्वचा की आम शिकायत होती है जो कि तेज गर्मी, अत्यधिक आना, कीड़े के काटने, एलर्जी या त्वचा के सूख जाने, दाद, पाचन तंत्र के खराब होने से या खून के दूषित होने से हो सकती है |

आज हम आपको से छुटकारा पाने या को दूर करने के लिए नारियल के तेल और कपूर से बनने वाली एक कारगर औषधि जिसे आप आसानी से घर पर ही बना सकते है और त्रिफला चूर्ण के इस्तेमाल से पाने या से आराम पाने का  तरीका बताने जा रहे है |

नारियल के तेल :-

नारियल के तेल में बहुत प्राकृतिक और औषधीय गुण होते हैं | इसके साथ-साथ इससे शरीर को बहुत से विटामिंस भी मिलते हैं | सभी प्रकार की त्वचा के लिए नारियल का तेल सर्वोत्तम क्रीम की तरह काम करता है | यह त्वचा को मुलायम बनाने में सहायक होता है | इसके साथ-साथ त्वचा के संक्रामक रोगों को दूर करता है |

कपूर :-

कपूर के स्वास्थ्य और त्वचा के प्रति फायदे को ध्यान में रखते हुए ही इसे आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है | कपूर त्वचा को संक्रमण से बचाता है | त्वचा में होने वाली जलन को दूर करता है | यह मुहांसों के लिए भी एक अच्छी घरेलू औषधि है | इसके साथ-साथ त्वचा में होने वाली पाने और फंगल इंफेक्शन को भी ठीक करने में सहायक होता है |

त्रिफला चूर्ण :-

त्रिफला चूर्ण वात, पित्त और कफ तीनों दोषों का नाश करने वाला उत्तम रसायन है | जो शरीर के पाचन तंत्र को सही रखता है, खून को साफ करता है और शरीर को सभी रोगो से मुक्त रखने में सहायक होता है |

सारे शरीर में उठने वाली और दाद आदि को दूर करने के लिए नारियल के तेल को देसी कपूर के मिश्रण को बनाने की विधि :-

100 ग्राम नारियल के तेल में 5 ग्राम देसी कपूर मिलाकर किसी कांच की शीशी में भर ले और कसकर ढक्कन बंद कर दे | मिलाने अथवा कुछ देर शीशी को धूप लगवाने से तेल और कपूर मिलकर एक रस होकर घुल जाते हैं |

इस्तेमाल करने की विधि :-

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रोजाना स्नान करने से पहले इस तेल की मालिश करने से सारे शरीर में उठने वाली सूखी या आराम मिलता है | दाद आदि चर्म विकार यानी त्वचा के रोग दूर हो जाते हैं |
सारे बदन पर होने पर इस कपूर के तेल की 10 बूंदे बाल्टी भर में डालकर नहाने से भी वह शांत हो जाती है |

त्रिफला चूर्ण से में आराम :-

आगे बताये गए नारियल के तेल के साथ-साथ 4 ग्राम त्रिफला चूर्ण तक़रीबन 1 चम्मच निरन्तर सोते समय के साथ सेवन करते रहे | जब तक में आराम न आ जाये |

परहेज :-

तेल, मिर्च, खटाई का परहेज करने से या जल्दी आराम मिलता है |

दाद :-

दाद विशेषकर जिसमे फुंसी की तरह दाना निकल कर जलन और के साथ-साथ भी निकलता हो, मैं इस तेल को रात को सोने से सोते समय दाद के स्थान पर लगाए | पट्टी की आवश्यकता नहीं है | सप्ताह अथवा कुछ ही दिनों में घाव भर जाएगा और पहले सफेद खाल निकल आएगी | सफेद खाल आने पर अकेला नारियल का तेल लगाए | एक माह में त्वचा अपने ही रंग में आ जाती है |

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