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ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें शुगर यानी मधुमेह की बीमारी होती है और उसके साथ-साथ उन्हें दिल की बीमारियां भी होती है जैसे ब्लॉक आर्टरीज मतलब नसों की ब्लॉकेज या कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना जो कि बाद में कई अन्य बड़ी बीमारियों का कारण बनती जैसे हार्ट अटैक |
कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बहुत से इलाज है लेकिन अगर मधुमेह यानि शुगर (Diabties) हो तो उनमे से बहुत से इलाज मधुमेह को बढ़ा सकता है और एक बीमारी को कण्ट्रोल करने के चक्कर मैं दूसरी बीमारी कण्ट्रोल से बाहर हो सकती है |
हम आपको एक ऐसी औषधि के बारे मैं बताने जा रहे है जो मधुमेह के साथ -२ खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी कम करती है, नसों की ब्लॉकेज को भी खोलती है और जिसके इस्तेमाल से बहुत से ऐसे लोग जिन्हें डॉक्टर द्वारा एंजिओप्लास्टी करवाने और stunt डलवाने की सलाह दी गई थी , इसके सेवन से पूर्णता ठीक हुए हैं |

यह औषधि है | हृदय रोगों के साथ-साथ हाई बीपी यानी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय शूल यानी एनजाइना, रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने, तेज धड़कन को कंट्रोल करने के लिए का प्रयोग बहुत ही फायदेमंद सिद्ध हुआ है |

अर्जुन एक वृक्ष का नाम है | अर्जुन वृक्ष का वैज्ञानिक नाम टर्मिमिनेलिया अर्जुना है | भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे धवल, कुकुभ जैसे नामों से भी जाना जाता हैं | अर्जुन वृक्ष एक सदाबहार यानी हमेशा हरा-भरा आने वाला वृक्ष है | अर्जुन वृक्ष का नाम प्रमुख औषधीय वृक्षों में से है | इसके पत्ते जामुन के पत्तों की तरह होते हैं और इसमें छोटा सा फल कमरख जैसा लगता है | तना भी लगभग जामुन से मिलता जुलता होता है | दिल्ली में यह वृक्ष खूब मिलता है | इसकी छाल तने के ऊपर लगभग डेढ़ इंच तक मोटी होती है | छाल का काढ़ा या चाय बनाकर पीने से रक्तचाप कम हो जाता है, रक्त का बहाव सुचारु रुप से नसों में होने लगता है, रक्त पतला हो कर हृदय को भाती प्रकार से पहुंचता है | इसके पीने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल नहीं बनता जिससे रक्त को धमनियों में हृदय तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं आती तथा इसका सेवन हृदय को शक्ति प्रदान करता है | में ऐसे गुण होते हैं जो मधुमेह की बीमारी को ठीक करने साथ-साथ खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी कम करती है |

आइए आपको बताते हैं की चाय बनाने की विधि:-

आधा या एक चौथाई चम्मच का चूर्ण चाय बनाते समय चायपत्ती डालने से पहले इसमें डालकर उबाल लें | फिर चाय की पत्ती डालकर उबालें | ऐसी चाय के रुप में भी का सेवन मधुमेह और खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में लाभदायक सिद्ध होता है |

रोजाना प्रातः यानी सुबह-सुबह हृदय रोग जिसमे मिट्रल वाल्व ढीला पड़ जाता है, उच्च रक्तचाप या एंजाइना की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लिए को पीसकर बनाए हुए चूर्ण में से आधी छोटी चम्मच चाय बनाते समय चाय के साथ उबालकर उस चाय का प्रयोग बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है |

दोस्तों को अन्य तरीको से भी इस्तेमाल में लिया जा सकता है जिसे जानने के लिए मेरे एक अन्य ब्लॉग को देखे :-

अर्जुन की छाल के फायदे और उसका सेवन करने के 4 तरीके || अर्जुन की छाल के नुकसान 

अर्जुन वृक्ष के छाल के नुकसान :-

  • अर्जुन वृक्ष की छाल के नुकसान गर्भवती महिलाएं इसके उपयोग में सावधानी बरतें |
  • शुगर और रक्तचाप के मरीज भी अर्जुन वृक्ष की छाल का उपयोग सावधानीपूर्वक करें |
  • में ऐसे तत्त्व होते हैं, जो रक्तचाप और रक्त में शक्कर की मात्रा को निर्धारित करते हैं | मगर फिर भी अति हर एक चीज की बुरी होती है किसी भी आयुर्वेदिक औषधि को खाने से पहले किसी चिकित्सक से परामर्श लें | इसके प्रयोग के बाद अगर आपको किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत ही सेवन बंद कर दें |

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