, अपनी डाइट में इन्हें शामिल करें तो उतर जायेगा चश्मा :-

दोस्तों,

सभी जानना चाहते है की  ? या ?

यही जानकारी हम यहां ले कर आये है |

दिमाग की मेहनत की अधिकता, तेज रोशनी वाली वस्तुओं को निकट से देखना तथा सेक्स की अधिकता और मस्तिष्क व स्नायु की कमजोरी से भी नजर जल्दी कमजोर हो जाती है | मगर क्या आप जानते है की प्रकृति अपने आप में बहुत सी ऐसी खाने पीने की चीजें समेटे हुए हैं जिन्हें अपने आहार में शामिल करके हम अपनी आंखों को कमजोर होने से बचा सकते हैं और जिन लोगों को चश्मा लगा हुआ है, उनका चश्मा भी उतर सकता है |आइये आपको इस बारे मैं कुछ जानकारी देते है

में पहला है :-

गाजर :-

यह तो आपको पता ही होगा कि गाजर आंखों के लिए लाभदायक होती है | दरअसल गाजर में पाए जाने वाले विटामिन ‘सी’, ‘ई’ और जिंक, आंखों के लिए बेहद जरूरी होते हैं | गाजर में मिलने वाला विटामिन ‘ए’ रेटिना ( सक्रिय विटामिन ए का रूप ) व कैरोटीन ( बीटा-कैरोटीन ) का अच्छा स्रोत है | यह बीटा कैरोटीन हमारी बढ़ाने में बहुत सहायक होता है | ध्यान दें कि अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन ‘ए’ ना मिले तो आंखों का कार्निया गायब तक हो सकता है | गाजर को आँखों के लिए आहार मैं शामिल करना चाहिए

बादाम :-

अगर में कमी बढ़ती उम्र की वजह से आ रही है तो बादाम बढ़ाने में सहायता कर सकता है | बादाम में विटामिन ‘इ’ पाया जाता है जो आंखो की बीमारी को दूर करता है और मैकुलर डिजनरेशन को कम करता है |विटामिन ‘ई’ ल्युटिन और जियाकस्थिन के साथ मिलकर मोतियाबिंद के खतरे को भी कम करता है | इसमें ओमेगा 6 फैटी एसिड पाया जाता है |

हरी पत्तेदार सब्जियां :-

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक का साग, पत्ता गोभी आदि | इन सब्जियों में ल्युटिन और जियाकस्थिन सबसे ज्यादा मात्रा में पाया जाता है | जो आंखों को बहुत फायदा पहुंचाता है | ल्युटिन एक एंटीऑक्सीडेंट है जो U.V. रेडिएशन से आँखों को पहुंचने वाले नुकसान को रोकता है | वही जियाकस्थिन आंखों से मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हुए आँखों की तमाम बिमारिओ को दूर करता है |

अखरोट :-

ओमेगा 3 फैटी एसिड की खुराक पूरी करने के लिए अखरोट काफी फायदेमंद होता है | यह हमारी रेटीना के नर्व कंडीशन की सेहत में सुधार करता है | साथ ही ग्लूकोमा कंडीशन को भी कंट्रोल में रखता है | इसके अलावा यह मेक्युलर डी जनरेशन का भी कम करता है |

अंडे :-

हमारी आंखों को न सिर्फ प्रोटीन की जरूरत होती है बल्कि बेहतर रोशनी के लिए लुटिन, जियाकस्थिन और जिंक जैसे पदार्थ भी जरूरी होते हैं | जो कि अंडे में पाए जाते हैं | अंडे की पीली जर्दी हमारी के साथ-साथ हमारा विजन क्लियर करने में भी मदद करती है | अगर आप रेगुलरली अंडे खाते हैं तो आंखों को होने वाली कई बीमारियों से बचाव हो सकता है |

खट्टे फल और जामुन :-

यह विटामिन ‘सी’ से भरपूर होते हैं | जो आंखों की बीमारियां जैसे अंधापन, मोतियाबिंद, धुंधला दिखना आदि को दूर करने में सहायक होते हैं |

वसायुक्त मछली :-

मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन मोतियाबिंद या आंखों में सूखेपन जैसी समस्याओं को दूर दूर करता है । हफ्ते में कम से कम दो बार मछली खाने से आंखों की सूजन कम होती है और मासपेशियां मजबूत बनती हैं ।

पपीता :-

पपीते में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘बी’, विटामिन ‘सी’ और विटामिन ‘D’ होते हैं | अन्य फलों की तुलना में पपीते में विटामिन ‘ए’ अधिक मात्रा में होता है इसलिए आंखों से संबंधित रोगों से शरीर की रक्षा करता है |

डेरी प्रोडक्ट :-

दूध, मक्खन, मलाई, चीज और पनीर आदि में विटामिन ‘ ए ‘ अच्छी मात्रा पाया जाता है यदि आंखों में विटामिन ‘ ए ‘ ही कमी हो जाएगी हो गई है तो रात के समय दिखने में परेशानी होती है |

|| ||  के बारे मैं दी जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित होगी |

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *