1 से 3 साल || छोटे बच्चो की का घरेलु इलाज :-

बड़े ही नहीं छोटे बच्चे भी की परेशानी का शिकार होता है | कुछ बच्चों को पखाना ( Toilet ) बहुत मुश्किल से आता है और पखाने ( Toilet ) के साथ-साथ ब्लड भी आता है | नवजात बच्चों के सेहत का ध्यान रखना आसान काम नहीं है। बच्चे की सेहत में थोड़ी सी गड़बड़ी होने पर मां-बाप दोनों को फिक्र होने लगती है। छोटे बच्चे को है या नहीं यह जानने के लिए आगे बताई गई बातों पर ध्यान दे :-

  • पखाना ( Toilet ) से पहले या पॉटी करते समय शिशु रोये, असहज या चिड़चिड़ा हो जाये या उसे दर्द हो
  • सूखी, कठोर और गोली जैसी पॉटी होना, जिसे बाहर निकालने में शिशु को परेशानी हो रही हो
  • पखाना ( Toilet ) से पहले या पॉटी करते समय बदबूदार गैस और मल निकलना
  • शिशु को भूख कम लगना
  • शिशु का पेट कड़ा हो जाना

बच्चो मैं की परेशानी को दूर करने के लिए आज हम आपके सामने दो अलग-अलग उपाय लेकर आ रहे हैं जिन्हें आप छोटे बच्चों के साथ-साथ बड़ों पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं बस उसकी मात्रा का ध्यान रखे |

पहला उपाय :-

हरड़ का पानी :-

हरड़ को धात्री यानि मां के समान माना गया है | इसके सेवन से शिशुओं को बहुत सारी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है | यदि शिशु रो-रोकर कठिनाई से पखाना ( Toilet ) करता हो तो हरड़ के पानी के सेवन से वह बिना वेदना या तकलीफ के पखाना करने लग जाता है | हरड़ के पानी के इस्तेमाल से कई छोटे बच्चे को  की यह शिकायत सफलतापूर्वक दूर की जा चुकी है |

हरड़ का पानी तैयार करने की विधि :-

हरड़ लेकर उसे एक कप पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए | सुबह हरड़ को उसी पानी में मसलकर, उस पानी को छानकर अलग कर लीजिए | हरड़ का पानी नित्य सुबह खाली पेट एक या दो चम्मच की मात्रा में दें | यदि बच्चे को सर्दी जुकाम हो तो यह पानी हल्का सा गर्म करके यानि की यह कोसा हो जाए तो शिशु को पिलाये | इसके सेवन से शिशु हृष्ट-पुष्ट वह निरोगी रहेगा | उनके हड्डियां भी पुष्ट होंगी और उनका विकास विकार रहित होगा और शिशुओं की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ जाएगी | इसके सेवन से पाचन संबंधी जितनी भी परेशानियां हैं वह सभी दूर हो जाती है| साथ ही साथ ही छोटे बच्चे को की परेशानी भी दूर हो जाएगी |

दूसरा उपाय :-

अरंड का तेल :-

अरंड का तेल एक हानिरहित जुलाब है | इसे छोटे बच्चों को भी दिया जा सकता है तथा दूध के विकारों से पेट दर्द तथा उल्टी होने की अवस्था में भी इसका प्रयोग बहुत हितकारी होता है | इससे अमाश्य और आंतों को किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती |
नवजात शिशु को एक छोटा चम्मच अरंड का तेल लेना ही पर्याप्त रहता है | नवजात शिशुओं को एक कप गर्म पानी या दूध में मिलाकर एक छोटा चम्मच अरंड का तेल रात को सोते समय पिलाएं | छोटे बच्चे को  भी दूर हो जाएगी दस्त भी साफ आएगा |
व्यस्को को इसे 1 से 5 चम्मच की मात्रा में एक कप गर्म पानी या दूध में मिलाकर रात को सोते समय पीने से दूर हो जाती है और दस्त साफ आता है |
धन्यवाद

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