टमाटर का रस || खून को बढ़ाये और साफ करे || के फायदे || टमाटर के सूप के फायदे :-

टमाटर अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी है | शरीर-संवर्धन यानि शरीर की वृद्धि के लिए  के लिए उपयोगी मुख्य द्रव्य आयरन तथा अन्य पौष्टिक तत्व टमाटर में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं | सिर्फ संतरे, मोसम्मी, द्राक्षा आदि फलों की अपेक्षा टमाटर में रक्त उत्पन्न करने की शक्ति अनेक गुना अधिक होती है |टमाटर में विटामिन ‘बी’ और ‘सी’ के अतिरिक्त साइट्रिक एसिड, फास्फरिक एसिड तथा मौलिक एसिड नामक तीन प्रकार के उपयोगी द्रव्य होते हैं जो आरोग्य के लिए गुणकारी है |शरीर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक खटाई यानी अम्ल जितनी मात्रा में टमाटर में है उतनी अन्य किसी भी फल या सब्जी में नहीं है | संतरे में उपलब्ध सभी तत्व टमाटर में भी है | संतरे की अपेक्षा टमाटर में 10 गुना अधिक विटामिन होता है |

टमाटर का एक गिलास रस स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान गुणकारी है | स्वाद में खट्टा-मीठा होने के बावजूद यह गुणों का खज़ाना है | में 6 प्रकार के

विटामिन्स में से 5 प्रकार के विटामिंस मौजूद होते हैं | इसमें मौजूद पोटेशियम और आयोडीन, त्वचा एवं रक्त की बिमारिओ को ठीक करने में सहायक होते है | यह , पीलिया, अजीर्ण, संधीवात, साइनस इत्यादि की बिमारिओ में गुणकारी है |

टमाटर के एक गिलास रस में कब्ज को मिटाने की, रोग ग्रस्त यकृत को स्वस्थ करने की, रक्त को शुद्ध करने की तथा त्वचा को चमकीली बनाने की अद्भुत शक्ति है | पांडु रोग के रोगियों के लिए टमाटर आशीर्वाद का रूप है | टमाटर में सारे विटामिन पर्याप्त मात्रा में होने के कारण इस से न केवल रक्त शुद्धि होती है अपितु रक्त वृद्धि भी होती है |

छोटे बच्चों को टमाटर का रस पिलाने से उनका अच्छा विकास होता है | का नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है | इस में दूध से दुगना तथा अंडे की सफेदी से 5 गुना अधिक लोह यानी आयरन होता है | रक्त हीनता के रोगी अगर नियमित रूप से एक गिलास टमाटर का रस पिए तो इससे उनके रक्त का शुद्धि तो होगी ही रक्त की वृद्धि भी होगी और रक्त में रक्ताणुओं की संख्या भी बढ़ेगी |

टमाटर का रस भीतरी विष को नष्ट करता है और रोगी में नवचेतना लाता है | अपच, कब्ज, वायु, तथा जठर की बीमारियों में भी टमाटर का रस फायदेमंद है |
या सूप में शक्कर मिलाकर पीने से पित्त जन्य विकार मिटते हैं |

में शक्कर और लौंग का चूर्ण मिलाकर पीने से तृष्णा रोग दूर होता है |

में अर्जुन वृक्ष की छाल और शक्कर मिलाकर अवलेह (पेस्ट) बनाकर खाने से दिल के दर्द और दिल के रोगों में लाभ होता है |

पके हुए टमाटर की ताजा रस में पानी और थोड़ा सा शहद लाकर पीने से रक्तपित्त तथा रक्त के विकार मिटते है |

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