माइग्रेन या आधासीसी का दर्द :-

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द एक ऐसी समस्या है जिसका आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में कोई उपचार / इलाज नहीं है | मगर आयुर्वेद में दिए गए कुछ घरेलू नुस्खे और योगासनों के द्वारा माइग्रेन या आधासीसी का दर्द से तुरंत आराम पाया जा सकता है |
हम आपको माइग्रेन या आधासीसी का दर्द के कारण,लक्षण, माइग्रेन या आधासीसी का दर्द दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे और योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं |

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द के लक्षण :-

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द को अर्ध कपाली भी कहते हैं | यह दर्द सिर के एक ही भाग में आंख के ऊपर, ललाट में, कनपटी में या सिर के पिछले हिस्से में सीमित रहता है | आमतौर पर सिरदर्द एक हिस्से को प्रभावित करता है और यह सिरदर्द 2 से लेकर 72 घंटों तक बना रह सकता है | इस दर्द के दौरे आते हैं | दौरा आरंभ होने से पहले आंखों की रोशनी में दोष उत्पन्न हो जाते हैं जैसे धुंधलापन, द्विदृष्टि आदि | उबासी आना, कब्ज, थकान की अनुभूति, प्रकाश ना देख सकना, उल्टी और वमन भी इस दर्द के लक्षण है | माइग्रेन या आधासीसी का दौरा अक्सर 2 सप्ताह या दो महीने के निश्चित अंतराल पर होता है | यह दर्द साधारण सिरदर्द से अधिक तेज और उग्र होता है |

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द के कारण :-

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द या अर्ध कपाली नसों का रोग है जिसका कारण मस्तिष्क के चारों ओर गर्दन की नालियों में विजातीय द्रव्य यानि टॉक्सिंस का इकट्ठा हो जाना होता है | इसके अलावा अधिक मात्रा में भोजन करना, पहले का खाना न पचने पर भी खाना खाना, पूर्व दिशा से चलने वाली वायु, अतिमैथुन, मल-मूत्र के वेग को रोकना, अति परिश्रम व अति व्यायाम से वात दोष, कफ दोष के साथ मिल कर सिर के आधे भाग को जकड़ लेता है जिससे सिर के आधे भाग में बहुत तेज दर्द की अनुभूति होती है, जो अधिक बढ़ने पर नेत्र व कर्णेन्द्रियों का नाश कर देता है । इसी को आधासीसी या माइग्रेन भी कहते है |

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द की चिकित्सा :-

1) हल्का व्यायाम और वायु सेवन प्रतिदिन करना, सादा सात्विक और सप्राण भोजन ग्रहण करना चाहिए | पैरों को गरम पानी का स्नान करवाने से भी आधासीसी या माइग्रेन में फायदा होता है |

2) आधा सिर की प्रॉब्लम (परेशानी) होने पर गर्म पानी का सेवन करके करने के बाद मुंह में उंगली डालकर वमन कर देने से भी माइग्रेन या आधासीसी का दर्द में तुरंत आराम मिलता है |

3) नियमित रूप से भुजंगासन का अभ्यास करने से भी माइग्रेन या आधासीसी का दर्द में आराम मिलता है | नियमित रूप से भुजंगासन का अभ्यास कंधे और गर्दन को तनाव से मुक्त करता है । यह आसन अस्थमा, अन्य श्वास प्रश्वास संबंधी रोगों तथा माइग्रेन या आधासीसी का दर्द के लिए अति लाभदायक होता है | लेकिन ध्यान रहे जिन्हे हर्निया की बीमारी हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए |

4) सरसों के तेल की दो-तीन बूंदे तीन बार सुबह-शाम और रात को सोते समय नाक में चार-पांच दिन तक डालने से माइग्रेन या आधासीसी का दर्द सदा के लिए समाप्त हो जाता है |

5) अगर आप चाहे तो लगातार 1 सप्ताह तक शुद्ध शुद्ध देसी घी की दो-तीन बूंद नाक में डालने से माइग्रेन या आधासीसी का दर्द बिल्कुल समाप्त हो जाता है | साथ ही इससे नाक से खून गिरना भी जड़मूल से नष्ट हो जाता है |

माइग्रेन या आधासीसी में क्या खाये :-

माइग्रेन या आधासीसी होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें, यदि शरीर में पानी की कमी रहती है तो यह माइग्रेन या सिरदर्द का एक कारण बन सकता है।
विटामिन बी-2, विटामिन बी-6 के धनी पदार्थों के लेने से माइग्रेन और सभी प्रकार के सिरदर्द की समस्या में लाभ मिलता है।
नारंगी, पीली और हरी सब्जियां, शकरकंद, गाजर और पालक, राइस खासकर ब्राउन राइस, सूखे या पके हुए फल खासकर नॉन सिट्रस फल जैसे चेरी और क्रैनबेरी आदि ले |

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