|| खाने से होने वाले नुकसान को कैसे दूर करे ?

(अंग्रेजी नाम फ़िग, वानस्पतिक नाम: “फ़िकस कैरिका”, प्रजाति फ़िकस, जाति कैरिका, कुल मोरेसी) एक वृक्ष का फल है जो पक जाने पर गिर जाता है। पके फल को लोग खाते हैं। सुखाया फल बिकता है। सूखे फल को टुकड़े-टुकड़े करके या पीसकर दूध और चीनी के साथ खाते हैं। इसका स्वादिष्ट जैम (फल के टुकड़ों का मुरब्बा) भी बनाया जाता है। सूखे फल में चीनी की मात्रा लगभग ६२ प्रतिशत तथा ताजे पके फल में २२ प्रतिशत होती है। इसमें कैल्सियम तथा विटामिन ‘ए’ और ‘बी’ काफी मात्रा में पाए जाते हैं।
स्वाद होने के साथ-२ कई बिमारिओ को दूर करने की प्रभावशाली औषधि भी है | यहां पर हम के द्वारा कई बीमारिया जैसे पुरानी से पुरानी कब्ज, दमा, खून की कमी, सुस्ती, मधुमेह आदि को दूर करने की औषधियां बनाने की विधि के साथ साथ खाने से होने वाले नुकसान और उनसे बचने का उपाय भी बताने जा रहे है | तो दोस्तों यह जानकारी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध हो सकती है |

दोस्तों,

सूखे में लोहा यानी आयरन और विटामिन ‘ई’ भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं | इसके साथ-साथ यह खनिज पदार्थों का उत्तम स्रोत भी है | इसमें चुना, सोडियम, पोटैशियम, मैग्निशियम, गंधक, फ्लोरीन, सिलिकॉन, गोंद, फास्फोरिक एसिड, लवण और अलमुनियम भी पाए जाते हैं | में मौजूद खनिज तत्व पोटेशियम ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में काफी मददगार साबित होता है | इसी कारण मधुमेह मैं सूंखे दिया जा सकते है | मधुमेह के रोगियों को दूसरे फलों की तुलना में का सेवन खासतौर से लाभकारी होता है।

अनीमिया :-

में आयरन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में मिलते हैं जिस कारण यह अनीमिया को दूर करने में मददगार है | 10 मुनक्के, 8 को 200 ML दूध में उबालकर पीने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है और खून संबंधित सभी विकास दूर हो जाते हैं |

कब्जियत यानी कॉन्स्टिपेशन :-

3 से ४ दूध में उबालकर रात को सोने से पहले चबा-चबा कर खाएं और इसके बाद वही दूध पी लें | इससे कब्जियत यानी कॉन्स्टिपेशन दूर होता है | साथ ही दूध में उबली हुई खाकर ऊपर से वही दूध पीने से शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है और खून भी बढ़ता है | रोज थोड़े-थोड़े खाने से बड़ी आंत में जमा हुआ मल भी साफ हो जाता है और पुरानी से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है |

रक्त शुद्धि :-

एक सूखे और 5 से 10 बादाम को दूध में डालकर उबाल लें | इसमें थोड़ी सी चीनी डालकर रोज सुबह पीने से रक्त शुद्धि यानी खून साफ होता है, गर्मी शांत होती है, उदर शुद्धि यानी पेट साफ होता है और कब्ज भी दूर होती है तथा शरीर बलवान बनता है |

दमा :-

दो सूखे सुबह शाम दूध में गर्म करके खाने से कफ की मात्रा घटती है, शरीर में नई शक्ति का संचार और दमा भी मिटता है |

जुकाम:-

पानी में पांच डालकर उबाल ले | उबले हुए ों को उसी पानी में मसलकर इस पानी को छानकर गरम-गरम सुबह और शाम पी ले | इससे जुकाम में अप्रत्याशित लाभ होता है |

भूख :-

र तेज होता है जिस वजह से जोर से भूख लगती है इसलिए इनका उपयोग अपनी पाचन शक्ति के अनुसार ही करना चाहिए |

दोस्तों ,
पचने में भारी होते हैं इसीलिए इन्हें खूब चबा चबा कर खाना चाहिए ताकि यह सरलता से पच जाए | साथ ही इनका उपयोग अपनी पाचन शक्ति के अनुसार ही करना चाहिए | खाने के लिए 2 से 4 की मात्रा उचित रहती है क्योंकि ज्यादा खाने से पेट में शूल यानि पेट दर्द हो जाता है | साथ ही पेट में कीड़े होने की संभावना भी पैदा हो जाती है और कुछ लोगों को तो पेचिश तक हो जाती है |
अंजीर अधिक मात्रा में खाने से यकृत और अमाशय को नुकसान भी पहुंचता है इसीलिए इसका सेवन संयम से करना चाहिए |

दोस्तों,
अंजीर अधिक खाने से होने वाली शारीरिक परेशानी से बचने के लिए बादाम खाने चाहिए | अंजीर खाने से होने वाली विकृति की शांति बादाम खाने से होती है |

दोस्तों,
अगर आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आती है तो कृपया इसे अन्य लोगों के साथ शेयर कीजिए धन्यवाद|

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