आयुर्वेद के 3 घरेलू उपचार :-

दोस्तों एनजाइना, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट आदि दिल की बिमारिओ का मुख्य कारण होता है नसों में होने वाली ब्लॉकेज जो खून में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के कारण होती है | कुछ वर्षों पूर्व तक दिल की बीमारियां ( एनजाइना, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट ) किसी-किसी इंसान को होती थी | मगर आजकल की गलत जीवनशैली के कारण दिल की बिमारिओ ( एनजाइना, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट ) के साथ-साथ मधुमेह यानि Diabetes और हाई बी पी आम समस्या बनती जा रही है |

यहां पर हम आपको आयुर्वेद के 3 घरेलू औषधियां और उनके इस्तेमाल करने की विधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जो खून में कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की बीमारियां ( एनजाइना, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट ) से बचाव करने के साथ-साथ मधुमेह और हाई बीपी को भी ठीक रखने में अत्याधिक उपयोगी सिद्ध होते हैं |

1) मेथी दाना :-

मेथी दाना में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट तथा कई प्रकार के खनिज जैसे आयरन , कैल्शियम , पोटेशियम , मैग्नेशियम , कॉपर , मैगनीज तथा ज़िंक आदि होते है । इसके अतिरिक्त मेथी दाना कई प्रकार के विटामिन और जरुरी पोषक तत्वों का बहुत अच्छा स्रोत है । इसमें विटामिन B 6 , विटामिन A , विटामिन C , फोलिक एसिड , थायमिन , राइबोफ्लेविन तथा नियासिन आदि शामिल है । मेथी दाना में मौजूद फायबर तथा सेपोनिन इसे आश्चर्यजनक औषधि बनाते है ।

विधि :-

3 ग्राम तकरीबन 1 चम्मच मेथी दाना के चूर्ण की फक्की सुबह शाम खाली पेट 10-15 दिन पानी के साथ लेने से हाई बीपी यानि उच्च रक्तचाप कम होता है , मधुमेह को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है और मेथीदाना में खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने का गुण होता है । इससे हानिकारक LDL कोलेस्ट्रॉल कम होता है ।

2) लहसुन :-

लहसुन में विटामिन और मिनरल्स से युक्त पोषक पदार्थ भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । इनमें सबसे मुख्य पोषक पदार्थ हैं विटामिन बी1, विटामिन बी6, विटामिन सी, मैंगनीज, कैल्शियम और कॉपर । लहसुन में मुख्य रूप से allicin नामक औषधीय तत्व पाया जाता है जिसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं । कच्चे लहसुन का सेवन करने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शीघ्रता से घटाने, रक्तचाप को कम करने और मधुमेह को कन्ट्रोल करने में मदद मिलती है |

विधि :-

प्रातः यानी सुबह सुबह खाली पेट लहसुन की 2-3 कलियों को छील कर रख ले | प्रत्येक कली के तीन-चार टुकड़े करके थोड़े से पानी के साथ सुबह-सुबह खाली पेट चबा-चबा कर खा ले या उन टुकड़ों को पानी के घुट के साथ निगल ले |

3) तरबूज के बीज की गिरी और खसखस :-

तरबूज के बीज की गिरी और सफेद खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर-बराबर वजन में मिलाकर रख लें | 3 ग्राम तकरीबन एक चम्मच की मात्रा में सुबह शाम खाली पेट पानी के साथ ले | इससे रक्तचाप कम होता है और रात में नींद अच्छी आती है | सिर दर्द भी दूर हो जाता है |
तरबूज के बीज की गिरी खाते रहने से रक्तचाप कम हो जाता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है, कोलेस्ट्रॉल पिघलकर पतला होकर निकलने लगता है, रक्तवाहिनियों की कठोरता घटने लगती है और उनकी रचना में खराबी आने भी रुक जाती है | वह मुलायम और लचीली बनने लगती है | इस औषधि को आवश्यकता अनुसार 3 से 4 सप्ताह तक लेना चाहिए |

तो दोस्तों ये है 3 घरेलू औषधियां और उनके इस्तेमाल करने की विधि, जो खून में कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की बीमारियां ( एनजाइना, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट ) से बचाव करने के साथ-साथ मधुमेह और हाई बीपी को भी ठीक रखने में अत्याधिक उपयोगी सिद्ध हुई हैं |

 

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