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आज की जो औषधि है आप उससे भली भांति परिचित हैं तथा आपने इसका सेवन जरूर किया है | इस औषधि का नाम अजवायन है | घरेलु औषधि के रूप में अजवाइन का उपयोग भारत में प्राचीन काल से होता रहा है |अजवायन को संस्कृत में यवानी, दीप्यक और मराठी में औंवा कहते हैं | अजवायन की खेती सारे भारतवर्ष में की जाती है | मगर इंदौर तथा दक्षिण हैदराबाद में इसकी भारी मात्रा में बुआई की जाती है | आजवाइन के बीज में 5% तेल होता है और आजवाइन का प्रमुख गुण तो उसके तेल में ही है |

आइए जानते हैं :-

आयुर्वेद के अनुसार अजवायन भोजन को पचाने में सहायक, रुचि को बढ़ाने वाली, खाने में तीखी, गरम, तीक्षण, अग्नि प्रदीप्त करने वाली, कड़वी, और पित्त को उत्पन्न करने वाली होती है | साथ ही यह पेट के दर्द, कफ, वायु, बवासीर, उल्टियाँ होने व प्लीहा , का नाश करने वाली है | भोजन को पचाने में इस औषधि का कोई सानी नहीं है | यह औषधि शरीर के रोगों जैसे पेट दर्द, वायुगोला, अफारा व कृमि रोग, अपच, दस्त, पेचिश और जुकाम में काम में ली जाती है | अजवायन का शर्बत शरीर की वेदना,लकवा व कम्पन जैसी पीड़ाओं में लाभ पहुंचाने वाला है |

सुबह-सुबह तुलसी का अर्क वाला पानी पीने के फायदे

प्रस्तुत है :-

  1. जुकाम व नाक बंद का प्रभावशाली इलाज :-

    अजवायन को तवे पर गरम करके मलमल की पोटली में बाँध कर सूँघने पर जुकाम व नाक बंद रहने जैसी समस्याओं से निजात मिलती है | अजवायन के चूर्ण को भी सूँघने से पुराना नजला, जुकाम व दिमागी कीड़े नष्ट होते हैं |

  2. मोटापे में लाभदायक :-

    अगर आप मोटापे से परेशान हैं तो अजवाइन को पानी में भिगो कर रख दीजिये | सुबह-२ यह पानी छान कर पी लीजिये | इस तरह से अजवाइन के पानी का सेवन आपके लिए लाभदायक है |

  3. बदहज़मी से होने वाला पेट दर्द:-

    पेट में दर्द होने पर आधा या एक चौथाई चम्मच अजवाइन ले कर उसमे थोड़ा सा काला नमक डाल कर, दोनों को अच्छे से मसल ले | इतना मसले की अजवाइन अपनी सुगंध छोड़ने लग जाये | अब इस मिश्रण को मुँह में डाल कर अच्छे से चबा चबा कर खा ले और ऊपर से आधा गिलास पानी भी पी ले | बदहज़मी से होने वाले पेट दर्द का यह रामबाण उपाय है |

  4. गर्भावस्था में लाभदायक :-

    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इसका सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि यह ना सिर्फ खून को साफ़ रखती है वरन रक्त के प्रवाह को भी ठीक करती है |

  5. माँ बनने के बाद महिला के लिए फायदेमंद :-

    अजवाइन को गरम पानी में मिला कर पीने से हमारी पाचन क्रिया बढ़ जाती है । अक्सर जब महिलाएं माँ बनती हैं,तो माँ बनने के तुरंत बाद उन्हें खाने के लिए काफी पौष्टिक आहार दिया जाता है इसलिए उन्हे गरम पानी में अजवाइन डालकर पानी पीने की सलाह दी जाती है, जिससे उनका पाचन क्रिया सही रहे और पेट भी बाहर ना आ पाए।
    माँ बनने के बाद महिला को १ चम्मच आजवाइन और २ चम्मच गुड़ मिलाकर दिन में ३ बार खिलाने से कमर दर्द दूर होता है साथ ही भूख लगती है | मासिक धर्म की अनेक परेशनिया भी इस नुस्खे से दूर होती है |

  6. गठिया के दर्द में आराम :-

    गठिया रोग होने पर अजवायन और लहसुन को सरसो के तेल में डाल कर उबाल ले , उसके बाद इससे छान कर बोत्तल में भरकर रख ले | इस तेल की मालिश करने या अजवायन के चूर्ण की पोटली से सेंकने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है |

  7. खाँसी से छुटकारा :-

    अजवायन के रस में एक चुटकी काला नमक मिलाकर सेवन करें व ऊपर से गरम पानी पीने से खाँसी से छुटकारा मिलता है | अजवाइन को काले नमक के साथ मिलाकर चबा कर खाने से bhi खांसी में राहत मिलती है ।

  8. दमा:-

    दमे के रोग में अजवायन और पानी बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह शाम भोजन के बाद लेने से आराम मिलता है |

  9. गुर्दे के दर्द :-

    गुर्दे के दर्द को दूर करने के लिए आप गुड़ व पीसी हुई कच्ची अजवायन बराबर मात्रा में एक एक चम्मच दिन में चार बार लें |

  10. शुगर या मधुमेह :-

    शुगर या मधुमेह के रोगियों के लिए अजवायन बहुत ही लाभकारी है साथ ही यह फफूँद संक्रमण से बचाती है |

  11. पाचन क्रिया :-

    बरसात के मौसम में पाचन क्रिया कमजोर पड़ने पर अजवायन का सेवन लाभदायक है | यह अपच, खट्टी डकार व गैस की समस्या दूर करने के लिए अजवायन, काला नमक व सूखी अदरक को पीस कर चूर्ण बनाकर सेवन करें |

  12. छोटे बच्चों के लिए फायदेमंद:-

    छोटे बच्चों को जब कभी पेट में दर्द हो तो सरसो के तेल में अजवाइन डालकर उसे थोड़ा गरम करके पेट में हल्के हाथ से मालिश करने पर पेट के दर्द में राहत मिलती है ।
    बच्चे को मिटटी खाने की आदत है तो १ चम्मच अजवाइन का चूर्ण रात मै सोते समय नियमित रूप से ३ हफ्ते तक दे, यह आदत छूट जायगी |
    बच्चे के पेट में कीड़े हो जाये तो आधा-२ ग्राम अजवाइन पाउडर व काला नमक मिलाकर सोते समय गरम पानी के साथ दे , इससे लाभ होगा |

  13. सिर में जूँ:-

    सिर में जूँ हो जाये तो १ चम्मच फिटकरी और २ चम्मच अजवाइन को पीसकर १ कप छांछ में मिलाकर बालो की जड़ो में सोते समय लगाए और सुबह सर धो ले | इससे जुए मर कर निकल जायंगी |

  14. :-

    1) इसके काढ़े से आँखों को धोने पर आँखों की सफाई होती है | अजवायन का काढ़ा कान में डालने से बहरापन दूर होता है |
    2) अजवाइन और सौंफ का काढ़ा बना कर पीने से दस्त में आराम मिलता है, साथ ही यह पाचन क्रिया को भी मजबूत बनता है | मगर एक बात का ध्यान रखे की इस काढ़े को ठंडा करके ही पीये |

इसके अलावा अजवाइन को आंटे में डालकर परांठा बनाएं तो उसका स्वाद बढ़ जाता है साथ ही पाचन क्रिया भी मजबूत होती है ।

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अजवाइन गर्म और पित्त उत्पन्न करने वाली होती है इसलिए जिन लोगो के शरीर में पित्त की मात्रा या पित्त जनित बीमारिया होती है उन्हें इसका सेवन सोच समझ कर करना चाहिए या बिना परामर्श के नहीं करना चाहिए | जैसे

  1. अम्लता
  2. जलन का अहसास
  3. मुंह के छालें पेट में अल्सर
  4. सव्रण बृहदांत्रशोथ
  5. आंतरिक रक्तस्राव

अजवाइन इन स्थितियों/बीमारिओं को बढ़ा कर और बिगाड़ सकती हैं और इन बीमारियों के लक्षणों में वृद्धि कर सकती हैं ।

 

यह सारी चीजें रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली हैं, इसे औषधि के रूप में इस्तेमाल करें या खाने में, ही फायदे हैं ।

स्वास्थ्य के लिए अजवाइन बहुत लाभकारी है। इस आर्टिकल में आपको आगे बताये गए टॉपिक्स पर जानकारी कैसे लगी ? कृपया कमेंट कर के बताये ,

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