Tomato || टमाटर में है संतरे से 10 गुना अधिक आयरन || टमाटर किसे खाने चाहिए, किसे नहीं?

टमाटर अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी है | टमाटर में आहार उपयोगी पोषक तत्व काफी मात्रा में होने के कारण ये साग सब्जियों एव फल के रूप में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है | शरीर संवर्धन यानि शरीर की वृद्धि के लिए उपयोगी मुख्य द्रव्य लोह यानी आयरन तथा अन्य क्षार तत्व टमाटर में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है | इस में दूध से दुगना तथा अंडे की सफेदी से 5 गुना अधिक लोह यानी आयरन होता है | सेब, संतरा, मौसमी, द्राक्ष आदि फलों की अपेक्षा इस में रक्त उत्पन्न करने की शक्ति अनेकों गुना अधिक है | रक्त हीनता के रोगी अगर नियमित रूप से एक गिलास टमाटर का रस पिए तो इससे उनके रक्त का शुद्धि तो होगी ही रक्त की वृद्धि भी होगी और रक्त में रक्ताणुओं की संख्या भी बढ़ेगी |
साथ ही दोस्तों टमाटर में आक्झेलिक एसिड थोड़ी मात्रा में तथा साइट्रिक एसिड काफी मात्रा में होता है | इसमें लवण, पोटाश, लोहा, चुना और मैग्नीज पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है | टमाटर में खनिज क्षार लोह, फास्फेट, फोलिक एसिड, ताजगी देने वाले और रक्त सुधारने वाले खट्टे पदार्थ भी है | शरीर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक खटाई यानी अम्ल जितनी मात्रा में टमाटर में है उतनी अन्य किसी भी फल या सब्जी में नहीं है | संतरे में उपलब्ध सभी तत्व टमाटर में भी है | संतरे की अपेक्षा टमाटर में 10 गुना अधिक विटामिन होता है | टमाटर में विटामिन ‘बी’ और ‘सी’ के अतिरिक्त साइट्रिक एसिड, फास्फरिक एसिड तथा मौलिक एसिड नामक तीन प्रकार के उपयोगी द्रव्य होते हैं जो आरोग्य के लिए गुणकारी है | टमाटर का एक गिलास रस स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान गुणकारी है | स्वाद में खट्टा-मीठा होने के बावजूद यह गुणों का खज़ाना है |

टमाटर लीवर गुर्दा और अन्य अंगों पर महत्वपूर्ण कार्य करता हैं | यह आंतों को व्यवस्थित करता है | टमाटर के रस में 6 प्रकार के विटामिन्स में से 5 प्रकार के विटामिंस पाए जाते हैं | इसमें मौजूद पोटेशियम और आयोडीन, त्वचा एवं रक्त की बिमारिओ को ठीक करने में सहायक होते है | यह लीवर, पीलिया, अजीर्ण, संधीवात, साइनस इत्यादि की बिमारिओ में गुणकारी है | पके हुए टमाटर में विटामिन ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ काफी मात्रा में होते हैं |

 

टमाटर किन्हे नहीं खाने चाहिए :-

दोस्तों,
टमाटर गुणकारी है फिर भी:-

  • पथरी, सूजन, संधिवात, आमवात और अम्लपित्त यानि एसिडिटी के रोगियों के लिए अनुकूल नहीं है इसलिए उन्हें टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • जिन्हे शीतपित्त की शिकायत हो उन्हें भी टमाटर नहीं खाने चाहिए |
  • जिनके शरीर में गर्मी की मात्रा ज्यादा हो, जठर, आंतो या गर्भाशय में उपदंश हो, उनके लिए भी टमाटर का सेवन लाभकारी नहीं होता |
  • जिन्हें दस्त लग गए हो वे भी टमाटर ना खाएं या उसका सूप न पिए |
  • जिन लोगों के शरीर या शरीर की प्रकृति को खटाई अनुकूल ना हो वे भी टमाटर का सेवन ना करे या उसका सूप न पिए |

← Back

Our YouTube Channel is -> A & N Health Care in Hindi
https://www.youtube.com/channel/UCeLxNLa5_FnnMlpqZVIgnQA/videos

Join Our Facebook group: Ayurveda & Natural Health Care in Hindi —-
https://www.facebook.com/groups/1605667679726823/

Join our Google + community: Ayurveda and Natural Health Care —
https://plus.google.com/u/0/communities/118013016219723222428

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *