छोटे बच्चो की कब्ज के कुछ अनसुने कारण और उन्हें दूर करने के उपाय

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छोटे बच्चो की के कुछ अनसुने कारण और उन्हें दूर करने के उपाय

छोटे बच्चे हंसते, मुस्कुराते, किलकारियां मारते हुए अच्छे लगते हैं | अगर वह बीमार पड़ जाए, तो मां-बाप ही नहीं पूरा घर ही परेशान हो जाता है | कई बार बच्चों की सेहत से जुड़ी दिक्क्तों को घर पर ही दूर किया जा सकता है और कई बार डॉक्टर के पास जाने की जरूरत भी पड़ जाती है |
बच्चों को होने वाली दिक्कतों में से एक है | जिसके कारण बच्चे पेट दर्द, भारीपन, गैस आदि परेशानियों से घिर जाते हैं और रोने लगते हैं | को होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमे से बहुत से कारणों से बचाव छोटी-2 सावधानियां रखकर आप खुद ही कर सकते है | इनमें से तीन कारण है:-

  1. बच्चों का खानपान,

  2. बच्चों द्वारा पोटी रोके जाना और

  3. इमोशनल फैक्टर

बच्चों का खान पान :-

बच्चों के खानपान में पर्याप्त मात्रा में फाइबर और तरल पदार्थ यानि लिक्विड का ना होना, में का कारण बन सकता है | बच्चा 6 महीने का हो जाए, उसे तभी से फाइबर से भरपूर तरल पदार्थ देना शुरू कर देना चाहिए | लेकिन अधिकांश पेरेंट्स इस बात का ध्यान ही नहीं रखते जिस कारण को का सामना करना पड़ जाता है |
को से बचाने के लिए घर का बना फाइबर से भरपूर आहार जैसे हरी सब्जियां और उनका सुप, फल या उनका रस जरूर देना चाहिए | जैसे-जैसे बच्चों के आहार में तरल पदार्थ और फाइबर की मात्रा बढ़ती जाएगी उनकी पॉटी स्मूथली यानि आराम से पास होनी शुरू हो जाएगी |

बच्चों द्वारा पॉटी रोके रखना :-

 

पोट्टी रोके रखने का मतलब यह है कि बच्चे को पॉटी तो आ रही है मगर वह इसे रोक रहा है | पॉटी रोके रखना, Stool पास करने की इच्छा होने पर भी ध्यान ना देना बच्चों के लिए यह आम बात है | ऐसे बहुत से कारण होते हैं जब बच्चे अपनी पोट्टी को रोके रखते हैं |
पहला कारण :- अगर बच्चे को पॉटी करते हुए परेशानी हो या दर्द महसूस हो तो वह इस कष्ट से बचना चाहेगा, जिस कारण वह अपनी पॉटी रोक लेता है |
दूसरा कारण :- एनस की ओपनिंग पर कोई कट हो या घाव हो | कई बार बच्चों की पोटी इतनी सख्त है कि वह निकलते समय बच्चे के एनस कट या घाव डाल देती है | अगली बार जब बच्चा पोटी करता है तो उसे दर्द होता है | इससे बचने के लिए बच्चा पॉटी रोक लेता है |
तीसरा कारण :- बच्चे को टॉयलेट की गंध इतनी खराब लगती है कि वह टॉयलेट कि नहीं जाना चाहता और इससे बचने के लिए बच्चे पॉटी रोक लेते हैं |
अगर इन बातों पर सही वक्त पर ध्यान ना दिया जाए तो यह में का कारण बन जाती है | आपके बच्चे को टॉयलेट ट्रेनिंग की जरूरत है जिसके लिए बच्चे को दिन भर में 2 बार एक नियत समय पर टॉयलेट जाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि उनको नियत समय पर Bowl खाली होने की आदत पड़ जाए |

 

इमोशनल फैक्टर:-

जब भी बच्चा अलग वातावरण में जाता है तो उसके द्वारा किए जाने वाला रोज के कार्य बिगड़ने लगते हैं | इस कारण छोटे बच्चे में की समस्या पैदा हो जाती है | घर बदलना जैसे नानी घर या दादी घर रहने जाना, स्कूल में बहुत छोटी क्लास जैसे स्कूल में नर्सरी की कक्षा में जाना आदि इसकी आम वजह हो सकती है |
इससे बचने के लिए एक ही उपाय “टॉयलेट ट्रेनिंग” | सही टॉयलेट ट्रेनिंग मिलने पर बच्चा कहीं भी हो निश्चित समय पर अपने आप पॉटी करने की इच्छा जागृत हो जाएगी और वह पोट्टी करने लगेगा |
दोस्तों इन कारणों को दूर करने के बावजूद अगर छोटे बच्चे को की समस्या हो तो थोड़े समय के लिए Stool को सॉफ्ट करने के लिए बच्चे को Minrel Oil दिए जा सकते हैं या फिर हमारे द्वारा सुझाए गए अन्य उपायों के बारे में अन्य लेखो मैं इसकी जानकारी मिल जायगी |

 

 

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