हर डायबिटिक को जानना चाहिए 12 बातें

हर डायबिटिक को जानना चाहिए ये 12 बातें:-

आधुनिक जीवन शैली का रोग से पीड़ित लोगो की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है | यह एक ऐसी बीमारी है जिसे अपने खान-पान पर नियंत्रण, रोजाना व्यायाम, सैर और जीवनशैली में परिवर्तन ला कर मधुमेह यानि शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है | यहां जीवनशैली से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देने जा रहे है जिनके बारे में हर मधुमेह के रोगी को पता होना चाहिए।

मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) की मात्रा बहुत अधिक होती है क्योंकि आपका शरीर ग्लूकोज (शर्करा) सही उपयोग नहीं कर पाता है । ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर या तो इंसुलिन (Insulin) नामक हार्मोन का उचित उपयोग नहीं कर पा रहा या पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ है | दोस्तों, यहां पर आपको बता दे की इंसुलिन उस हार्मोन का नाम है जो आपके खून में मौजूद ग्लूकोस (शर्करा)  को शरीर की कोशिकाओं के भोजन में बदलने के लिए जिम्मेदार होता है ।

मधुमेह मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है:-

टाइप 1 मधुमेह:- टाइप १ मधुमेह की स्थिति में आपका शरीर इंसुलिन (Insulin) का उत्पादन (Production) करने में असमर्थ होता है |
टाइप 2 मधुमेह:- टाइप 2 मधुमेह की स्थिति में आपका शरीर या तो शरीर के लिए पर्याप्त इंसुलिन (Insulin) का उत्पादन (Production) नहीं कर पाता, या अग्नाशय (Pancreas) द्वारा बनाये गए इन्सुलिन (Insulin) का उचित उपयोग नहीं कर पाता यानि शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) पैदा हो जाते है | 

दोस्तों, मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है जो बिगड़ने पर भयानक रूप ले लेती है | ऐसी स्थिति पैदा न हो इसलिए मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए | आइये जानते है उनके बारे में :-

हर डायबिटिक को जानना चाहिए 12 बातें
हर डायबिटिक को जानना चाहिए 12 बातें

1. रक्त शर्करा (Blood ) की निगरानी करें

मधुमेह पर नियंत्रण रखने के लिए रक्त में शर्करा की मात्रा का पता होना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है इसलिए, रक्त में शर्करा की मात्रा की जांच नियमित रूप से करवाते रहना चाहिए |

सामान्य रक्त शर्करा (Blood ) का स्तर :-
मधुमेह के रोगिओं के लिए:-
कम से कम आठ घंटे तक नहीं खाने (Fasting) के बाद 100 मिलीग्राम / डीएल से कम
भोजन से पहले रक्त में ग्लूकोस का स्तर 110 मिलीग्राम / डीएल के आसपास
खाने के दो घंटे बाद 140 मिलीग्राम / डीएल से कम हैं।

दिन के समय, भोजन से ठीक पहले रक्त में ग्लूकोस का स्तर सबसे कम होता है ।
स्वस्थ व्यक्तियों के लिए :-
कम से कम आठ घंटे तक नहीं खाने (Fasting) के बाद 70-130 मिलीग्राम / डीएल
भोजन से पहले रक्त शर्करा का स्तर 70 से 80 मिलीग्राम / डीएल के आसपास होता है।
खाने के दो घंटे बाद 180 मिलीग्राम / डीएल से कम

2. अपने खान पान का ध्यान रखे

हर डायबिटिक को जानना चाहिए 12 बातें 2
हर डायबिटिक को जानना चाहिए 12 बातें 2

भोजन में छिपा हुआ ग्लूकोस, शर्करा या शुगर मधुमेह के मरीजों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है । मधुमेह के मरीजों को इस बात का बहुत ध्यान रखना होता है की किन चीजों में शुगर अधिक मात्रा में होती है | ऐसे खाद्य पदार्थों में बिस्कुट, पैकेज फ्रूट जूस, नाश्ते के अनाज, आइसक्रीम, शर्बत और फलों के स्क्वैश हैं ।
मैदा संसाधित गेहूं (Processed Wheat) है जिसमें नगण्य पोषण होता है और इसमें उच्च ग्लाइसेमिक Index होता है, जो लगभग चीनी के समान होता है । मैदा का स्वाद मीठा नहीं होता है, फिर भी यह चीनी के तरह ही आपके रक्त में शर्करा (Glucose) के स्तर को बढ़ाता है |
ब्रेड, नान, बर्गर, बन्स, पूड़ी, नूडल्स, पास्ता, और पिज़्ज़ा जैसे कई आम खाद्य पदार्थ मैदे से बने होते है । मैदे के स्थान पर चोकर युक्त आटा से बनने वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है ।

बादाम फाइबर और असंतृप्त वसा का एक प्राकृतिक स्रोत है, जो स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर और स्वस्थ रक्त शर्करा (Blood ) के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है ।

3. व्यायाम करें

व्यायाम आपकी Blood शुगर को नियंत्रण में रखने का सबसे उपयोगी प्राकृतिक तरीका है । शरीर की हर कोशिका रक्त में मौजूद ग्लूकोस को एनर्जी में परिवर्तित कर सकती है और जब आप व्यायाम करते हैं तो मांसपेशियों की गतिविधियां बढ़ जाती है और बढ़ी हुई गतिविधियों के कारण कोशिकाओं द्वारा अधिक ग्लूकोज का उपभोग कर लिया जाता है जिससे रक्त में ग्लूकोस के स्तर को कम करने में मदद मिलती है । नियमित व्यायाम करने और शारीरिक गतिविधियां जैसे चलना, टहलना, दौड़ना, तैराकी और नृत्य मधुमेह को नियंत्रण में रखने में काफी असरकारक होते है |

4. अपने कार्बोहाइड्रेट देखें

मधुमेह (Diebetes) से पीड़ित व्यक्ति को अपने भोजन ग्रहण करने का समय निर्धारित करना चाहिए | साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए की वह नियमित रूप से निर्धारित समय पर खाना खाये | इतना ही नहीं उन्हें अपने द्वारा खाये जाने वाले भोजन में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलन बनाना, उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है । सब्जियों और साबुत अनाज में मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट को ग्रहण करना मधुमेह में लाभदायक रहता है ।

5. कृत्रिम मिठास के लिए ‘नहीं’ कहें

कृत्रिम मिठास रक्त शर्करा (Blood Glucose) को नियंत्रित करने की शरीर की क्षमता को बाधित (Disturbed) कर सकती है, जिससे चयापचय (Metabolism) की क्रिया में परिवर्तन हो सकता है | जो मधुमेह की बीमारी को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है । इसलिए, मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में चीनी का उपयोग करना बंद कर देना चाहिए ।

6. आदर्श शारीरिक वजन बनाए रखें

आदर्श शारीरिक वजन बनाए रखें
आदर्श शारीरिक वजन बनाए रखें

मोटापा जीवन शैली की बीमारियों का मूल कारण है । यदि आप मधुमेह साथ-२ मोटापे की समस्या से भी पीड़ित हैं, तो आपको अपने आहार पर नियंत्रण और व्यायाम करके अपने वजन पर नियंत्रण पाना होगा ।
टाइप 2 मधुमेह के मरीजों के वजन की अधिकता के कारण उनका शरीर अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा उत्पादित इंसुलिन का सही तरह से प्रयोग नहीं कर पाता जिस कारण रक्त शर्करा (Blod ) के स्तर में वृद्धि होती है । इसे इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) कहा जाता है ।
जैसे-२ आप अपना वजन कम करते जाते है, आपका शरीर इंसुलिन का सही तरीके से और अधिक कुशलता से उपयोग कर पाता है | नतीजतन, इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) कम हो जाता है, और इन्सुलिन अपना काम सही तरीके से करने लग जाता है ।

7. अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखें

मधुमेह को अगर समय पर नियंत्रण में न रखा जाये, तो समय के साथ-साथ यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है जिससे दिल की खतरनाक बीमारिया होने का खतरा पैदा हो जाता है । मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को यह सलाह है की वह अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जाँच करवाते रहे ताकि उन्हें अपने कोलेस्ट्रॉल की स्थिति की जानकारी रहे |

8. अपने आहार में फाइबर को शामिल करें

मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को घुलनशील फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ विशेष रूप से जई, चोकर युक्त आटा, नट, फलियां, फल और सब्जियां आदि अपने खाये जाने वाले खाद्य पदार्थो में शामिल करनी चाहिए जो शरीर में शुगर के अवशोषण (Absorption) को धीमा कर सकते हैं और रक्त शर्करा (Blood ) के स्तर में सुधार करने में मदद कर सकते हैं । एक स्वस्थ आहार जिसमें अघुलनशील फाइबर शामिल होता है, वह भी मधुमेह से होने वाले जोखिम को कम कर सकता है ।

9. आंखों की जांच करवाएं

मधुमेह में रक्त शर्करा (Blood ) के अधिक बढ़ने पर आंखों के आंतरिक लेंस में सूजन आ जाती है जिस कारण आँखों से धुंधला दिखाई देना जैसी दृष्टि की समस्या पैदा हो जाती हैं | इस तरह की आंखों की समस्या को बढ़ने से रोकने के लिए मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को नियमित रूप से आंखों का चेकअप कराना चाहिए ।

10. पैरों का चेकअप करवाएं

मधुमेह से पीड़ित व्यक्तिओ को अपने पैरो और टांगो का खास ख्याल रखना चाहिए | मधुमेह के मरीजों के पैरों में रक्त आपूर्ति (Supply) घट जाती है और पैरों के घाव, अल्सर, गैग्रीन, गोखरू, फफोले आदि जल्दी ठीक नहीं होते जिससे जटिलता और बढ़ जाती है । धीरे-२ मामला और गंभीर होता जाता है और पैर काटने की स्थिति आ सकती है ।
इससे बचने और अपने पैरों को स्वस्थ रखने के लिए कई कदम उठाये जा सकते हैं, जिसमें विशेष जूते पहनना, नियमित रूप से पैरो के व्यायाम करना और नियमित रूप से पैरों की जांच करना शामिल है ।

11. अपनी किडनी का ख्याल रखें

मधुमेह गुर्दे (Kidney) की बीमारी का प्रमुख कारण है । मधुमेह वाले 4 व्यक्तिओ में से लगभग 1 को गुर्दे (Kidney) की बीमारी है । यदि आपको मधुमेह है, तो समय के साथ, मधुमेह आपके गुर्दे (Kidney) को नुकसान पहुंचा सकता है ।
मधुमेह के कारण होने वाली गुर्दे (Kidney) की बीमारी को धीमा करने या रोकने का सबसे अच्छा तरीका रक्त शर्करा (Blood Suger) और रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रण में रखना ।

12. सबसे महत्वपूर्ण :-

1) यदि मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति अपने शरीर में कुछ भी असामान्य गतिविधि देखे या अजीब महसूस करे, तो उन्हें तुरंत ही अपने डॉक्टर या हेल्थ एडवाइजर से परामर्श करना चाहिए ।
2) आपके आस पास ले लोग, Whatsup, Facebook, Youtube, Internet आदि मधुमेह से जुडी बहुत सी जानकारी देते है मगर उनमे सी किसी भी सलाह को मानने से पहले अपने Doctor या Health Advisor से जरूर सलाह ले ले |

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