जरूर जानिए सोंठ खाने के फायदे और नुकसान || सोंठ के हैरान कर देने वाले 15 फायदे || सोंठ की तासीर

sonth ke fayde
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जरूर जानिए के हैरान कर देने वाले 15 फायदे

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जब पककर सुख जाता है तब उसकी  बनती है | दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वातनाशक औषधि होने के कारण खाने के फायदे बहुत है | की तासीर भी की ही तरह गर्म होती है। में के सारे गुण मौजूद होते हैं। के फायदे के साथ-2  के नुकसान भी कई है |

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आम का रस किसे नहीं पसंद मगर कई लोगो में आम का रस की समस्या पैदा कर देता है | आम का रस पेट में न करें इसलिए उसमें और घी डाला जाता है।

में वायुनाशक गुण होने से यह विरेचन औषधियों जैसे आदि के साथ मिलाई जाती है। पाचन तंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी होती है |

वृद्धावस्था में अधिकतर पाचन क्रिया मंद पड़ती है, पेट में वायु उत्पन्न होती है, कफ प्रकोप रहता है, ह्रदय में और हाथ ो में वेदना यानि रहता है | ऐसी स्थिति में में थोड़ी सी चीनी या मिश्री मिला कर गर्म के साथ लेने से लाभ होता है |

कफ और वायु के सभी विकारो और ह्रदय रोगिओं के लिए सोंठ उपयोगी होती है |

सोंठ तैयार करते समय ज्यादातर लोग एक गलती करते है और वह यह की वे सोंठ तैयार करने के लिए अदरख को छीलकर सुखाते है परंतु उस छीलन में सर्वाधिक उपयोगी तेल (Essential Oil) होता है, इसी कारण छिली सोंठ औषधीय गुणवत्ता की दृष्टि से घटिया मानी जाती है | को स्वाभाविक रूप में सुखाकर ही सोंठ तैयार करनी चाहिए ।

वह सोंठ जो को तेज धूप में सुखाकर तैयार की गई हो उस सोंठ से अधिक गुणकारी होती है जो बंद कमरे में कृत्रिम गर्मी की सहायता से को सुखाकर तैयार की जाती है ।

 

रोगो को दूर करने में किस तरह से फ़ायदेमंत है सोंठ?

जुकाम में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ गर्म प्रकृति की होने के कारण कफ एवं सर्दी, जुकाम के लिए काफी लाभप्रद होता है | इसके लिए

  • थोड़े से में सोंठ डालकर उबाल लीजिये | इस को पीने से पुराना जुकाम खत्म होता है। सोंठ के टुकड़े को रोजाना बदलते रहना चाहिए।
  • सोंठ, और कालीमिर्च को बराबर की मात्रा में लेकर पीस लें । इसमें 1 चुटकी त्रिकुटा को के साथ चाटने से जुकाम में आराम आता है।

 

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शरीर के में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ मांसपेशियों में के साथ ऐंठन जैसी समस्याओं को दूर करने में काफी लाभदायक होती है | शरीर के नष्ट करने के लिए :-
सोंठ, सज्जीखार और हींग का चूर्ण गर्म के साथ सेवन करना लाभकारी रहता है ।

में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ से बनती है और एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में पेट से जुडी परेशानियों को दूर करने में बहुत लाभदायक होती है | इसके लिए

  • सोंठ, जीरा और सेंधानमक का चूर्ण ताजा दही के मट्ठे में मिलाकर के बाद सेवन करने से पुराने अतिसार () का मल बंधता है। आम (कच्ची ऑव) कम होता है और का पाचन होता है।
  • छोटे बच्चो को लगे हो तो सोंठ और जायफल को पीसकर में अच्छी तरह मिलाकर पिलाने से छोटे बच्चो को में आराम मिलता है।

आधे सिर का में सोंठ खाने के फायदे

सिरदर्द के अलावा माईग्रेन की वजह से होने वाले में राहत में सोंठ काफी मददगार होती है । इसके लिए :- 
सोंठ को या में घिसकर नाक से सूंघने से और लेप करने से आधे सिर के में लाभ होता है।

जरूर जानिए सोंठ खाने के 15 फायदे और नुकसान || sonth ke fayde

शरीर की सूजन में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ को सुखाकर बनती है और में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं | इसके लिए :-
तक़रीबन 12 ग्राम की मात्रा में सोंठ के चूर्ण को गुड़ के साथ मिलाकर खाने से शरीर की सूजन में आराम मिलता है।

खांसी, जोड़ों में , कमर और हिपशूल में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ, कालीमिर्च और हल्दी का अलग-अलग चूर्ण बना लें। प्रत्येक का 4-4 चम्मच चूर्ण लेकर मिला लें और इसे कार्क की शीशी में भरकर रख लें। इसे 2 ग्राम (आधा चम्मच) गर्म के साथ दिन में 2 बार सेवन करना चाहिए। इससे श्वासनली की सूजन और में लाभ मिलता है। ब्रोंकाइटिस के अतिरक्त यह खांसी, जोड़ों में , कमर और हिपशूल में काफी लाभदायक होता है। इसे आवश्यकता के अनुसार 1 हफ्ते तक लेना चाहिए। पूर्ण रूप से लाभ न होने पर इसे 4-5 बार ले सकते हैं।
सोंठ और कायफल को मिलाकर बनाए गये काढे़ का सेवन करने से वायु प्रणाली की सूजन में लाभ मिलता है।

मसूढ़ों की सूजन, पीव, और दांतों का हिलना में सोंठ के फायदे

सोंठ दांत में राहत देने में एक अहम भूमिका निभा सकता है | इसके लिए :- सोंठ, हरड़, बहेड़ा, और सरसों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करें। इससे रोजाना सुबह-शाम कुल्ला करने से मसूढ़ों की सूजन, पीव, और दांतों का हिलना बंद हो जाता है। को गर्म में पीसकर लेप बना लें। इससे रोजाना दांतों को मलने से दांतों में दर्द नहीं होता और मसूढे़ मजबूत होते हैं।

अंगुलियों की कंपन में सोंठ खाने के फायदे

महारास्नादि में सोंठ का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने और रोजाना रात को 2 चम्मच एरण्ड के तेल को में मिलाकर सोने से पहले सेवन करने से अंगुलियों की कंपन की शिकायत दूर हो जाती है।

दिल कमजोर हो, धड़कन तेज या बहुत कम में सोंठ खाने के फायदे

यदि दिल कमजोर हो, धड़कन तेज या बहुत कम हो जाती हो, दिल बैठने लगता हो तो 1 चम्मच सोंठ को एक कप में उबालकर उसका काढ़ा बना लें। यह काढ़ा रोज इस्तेमाल करने से लाभ होता है।

में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वातनाशक औषधि है और घुटनो का दर्द और के होने का कारण शरीर में वात का बढ़ना भी होता है | इसके लिए

  • ग्राम सोंठ और ग्राम अजवायन को 200 मिलीलीटर सरसों के तेल में डालकर आग पर गर्म करें। सोंठ और अजवायन भुनकर जब लाल हो जाए तो तेल को आग से उतार लें। यह तेल सुबह-शाम दोनों घुटनों पर मलने से रोगी के दूर हो जाता है।
  • ग्राम सोंठ, ग्राम कालीमिर्च, 5 ग्राम बायविडंग और 5 ग्राम सेंधा नमक को एक साथ पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक छोटी बोतल में भर लें, फिर इस चूर्ण में आधा चम्मच मिलाकर चाटने से का दर्द दूर हो जाता है।

में सोंठ खाने के फायदे

6 ग्राम पिसी हुई सोंठ में 1 ग्राम नमक मिलाकर गर्म से फंकी लेने से में फायदा होता है।

स्त्रियों के रोग में सोंठ खाने के फायदे

  • सोंठ, मिर्च, , नागकेशर का चूर्ण घी के साथ माहवारी समाप्त होने के बाद स्त्री को सेवन कराने से गर्भ ठहर जाता है।

  • सोंठ, गुग्गुल तथा गुड़ को -10 ग्राम की मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर सोते समय पीने से मासिक-धर्म सम्बन्धी परेशानी दूर हो जाती हैं।

  • 50 ग्राम सोंठ, 25 ग्राम गुड़ और 5 ग्राम बायविडंग को कुचलकर 2 कप में उबालें। जब एक कप बचा रह जाए तो उसे पी लेना चाहिए। इससे मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

पीलिया में सोंठ खाने के फायदे

गुड़ के साथ ग्राम सोंठ खाने से पीलिया का रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

लकवा में सोंठ खाने के फायदे

सोंठ और उड़द उबालकर इसका पीने से लकवा ठीक हो जाता है |

बुढ़ापे के रोगों में सोंठ खाने के फायदे

बुढ़ापे में पाचन क्रिया कमजोर पड़ने लगती है, वात और कफ का प्रकोप बढ़ने लगता है, हाथो ो तथा शरीर के समस्त जोड़ो में दर्द रहने लगता है | ऐसे में सोंठ मिला हुआ पीने से बुढ़ापे के रोगों में आराम मिलता है | 

 

सोंठ लेते वक्त क्या-2 सावधानिया बरतनी चाहिए?

हर चीज की तरह सोंठ का अधिक उपयोग आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है इसलिए हमेशा आयुर्वेदाचार्य और डॉक्टर्स सोंठ की बेहद कम मात्रा यानि 5 ग्राम का ही सेवन करने की सलाह देते हैं।

 

सोंठ के नुकसान

  1. सोंठ का अधिक उपयोग करने से पेट संबंधी रोग यानि डायरिया होने का खतरा पैदा हो जाता है।

  2. गर्म तासीर होने के कारण, लगातार लंबे समय तक सोंठ का इस्तेमाल करने से सीने में जलन, मुंह में जलन और की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है |

  3. गर्मी के मौसम में सोंठ का प्रयोग सोच समझ कर करना चाहिए क्योंकि यह सेहत के लिए नुकसानदेय हो सकती है |

  4. की उल्टी होने पर गर्मी के मौसम में सोंठ का चूर्ण लेना हानिकारक होता है|

  5. गर्म प्रकृति वाले लोगो के लिए सोंठ अनुकूल नहीं है |

  6. उच्च रक्तचाप के रोगी भी सोंठ का अधिक प्रयोग ना करें तो उचित होगा|

  7.  का अधिक सेवन करने से पीरिड्स में हैवी ब्लीडिंग होने का खतरा बढ़ जाता है।

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