शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए?

शुगर यानि डायबिटीज गलत खान-पान और गलत जीवनशैली के कारण होने वाली बीमारी है। डायबिटीज एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जो समय के साथ-२ हमारे शरीर के अंगो पर गहरा असर डालकर उन्हें बीमार कर देती है। शुगर होने पर सबसे अधिक ध्यान अपने खान-पान का ही रखना होता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही आता है की शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए?

रोटी भारतीय भोजन का अभिन्न अंग है। ऐसे में डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज जो पहले मनमर्जी से रोटिओ का सेवन करते थे, वे जानना चाहेंगे की शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए और किस आटे की रोटी खाना शुगर में फायदेमंद होता है? और एक समय में शुगर में कितना खाना खाना चाहिए?

शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए?

डायबिटीज के मरीज को अपने खान-पान का ख्याल रखना चाहिए। एकसाथ भरपेट खाना खाने की बजाय अपने भोजन को छोटे-२ हिस्सों में बांट लेना चाहिए। हर दो घंटे के अंतराल पर शुगर के मरीज के लिए कुछ न कुछ खाना अत्यंत आवश्यक है।

इसके साथ-2 आप अपने भोजन में एक वक़्त में जितनी रोटियां खाते थे, उनको घटाकर रोटिओ की संख्या एक चौथाई कर दे और रोटिओ के स्थान पर सब्जिया, सलाद, फल, फ्रूट्स की संख्या बढ़ा दे। साथ ही यह जानना भी आवश्यक है की रोटियां कौन से आटे की होनी चाहिए?

शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए

शुगर के रोगी को कौन से आटे की रोटी खानी चाहिए?

डायबिटीज के मरीजों को ऐसे आटे की बनी रोटी का सेवन करना चाहिए जिससे उसका ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रहे। शुगर के रोगी को अपनी भोजन में प्रोटीन और फाइबर के साथ-२ कई अन्य पोषक तत्वों को भी शामिल करना चाहिए। बाजार में मिलने वाला गेंहू के आटे में से चोकर निकाल ली गई होती है, जिससे उसमे मौजूद पोषक तत्व भी चोकर के साथ निकल जाते है। ऐसे में यह आता बहुत हद तक मैदे के समान हो जाता है और मैदा शुगर के मरीजों के लिए नुकसान दायक होता है।

शुगर में फायदेमंद आटे

ऐसे में शुगर के मरीजों को कौन सा आटा खाना चाहिए, जो उनके शुगर लेवल पर नियंत्रण बनाये रखे और उनकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो? आइये जानते है :-

  • जौ का आटा
  • ज्वार का आटा
  • कुट्टू का आटा
  • रागी का आटा
  • राजगिरा का आटा
  • ​चने का आटा
  • बेसन
  • और सबसे बढ़िया होता है मल्टी ग्रेन आटा

हमारे देश में बहुत से लोग चावल खाना पसंद करते है वे रोटी खाये न खाये मगर चावल जरूर खाते है। शुगर के मरीजों के सामने एक सवाल और उठता है की शुगर में चावल खाना चाहिए या नहीं?

शुगर में चावल खाना चाहिए या नहीं?

यूं तो डायबिटीज यानि शुगर के मरीज सभी तरह के चावल का सेवन कर सकते हैं, लेकिन ब्राउन राइस, व्हाईट राइस के मुकाबले शुगर के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद होते हैं। व्हाइट राइस में अधिक मात्रा में स्टार्च होता है, जिस कारण ये जल्दी पच जाते है। वहीं ब्राउन राइस में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की ज्यादा मात्रा मौजूद होती है जिस वजह से इन्हे पचने में ज्यादा समय लगता है।

क्यों है इतना जरुरी शुगर के मरीज का खानपान ?

सबसे बढ़िया तरीका तो यह है की अपनी डाइट के जरिये ही ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल में रखा जाये, फिर अगर यह कण्ट्रोल में न आये तो शुगर के मरीज को डॉक्टर की सलाह ले कर ही दवाइयों का इस्तेमाल करना चाहिए। दवाई का इस्तेमाल करने वाले शुगर के मरीज को खाना सही समय पर लेना चाहिए।

ऐसा न करने पर दवाइयों के प्रभाव के कारण ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो सकता है जिससे कमजोरी लगना, पसीना आना, हृदयगति तेज होना, और गंभीर स्थिति होने पर व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। इसलिए शुगर के मरीज को अपने खानपान और खानपान के समय का बहुत अधिक ख्याल रखना चाहिए।

निष्कर्ष :-

शुगर में कितनी रोटी खानी चाहिए? शुगर होने पर आप रोटी खाने की बजाय अपना ध्यान कच्ची हरी सब्जिओ, फल-फ्रूट्स, सलाद आदि खाने पर लगाए और इनका रोटिओ से दुगनी मात्रा में सेवन करे।

शुगर के मरीज के लिए बेसन या साबुत अनाज के आटे या मल्टी ग्रेन आटे से बनी रोटी सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगी।

अगर आप चावल खाना पसंद करते है तो व्हाइट राइस के मुकाबले डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्राउन राइस ज्यादा फायदेमंद होते हैं।

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