Spinach

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एक प्रसिद्ध भाजी यानि सब्जी है | हरी पत्तेदार सब्जियां यानि तरकारियाँ खाने की सलाह सभी डॉक्टरों के द्वारा दी जाती है क्योंकि यह सभी पोषक तत्वों से भरपूर होती है | हरे पत्तो की तरकारियों में के पत्तो की तरकारी अधिक पथ्य और उपयोगी होती है | इसी कारण यह स्वाद के अलावा स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छी होती है | सितम्बर से लेकर अप्रैल तक आसानी से उपलब्ध होती है जो की ठण्ड का समय होता है और ठण्ड के मौसम में इसे खाने के फायदे भी बहुत है | वैसे आजकल साल भर तक सभी सब्जियां मिल जाती है, लेकिन बरसात में आने वाली में मिट्टी, कीड़े व कीटाणु बहुत अधिक मात्रा होते है इसलिए हमेशा गरम पानी से अच्छे से धोने के बाद ही इसका उपयोग करना चाहिए | साथ ही वायुकारक भी होती है इसलिए वर्षाऋतु में इसका सेवन न करे |
खून की कमी होने पर सबसे पहले लोग खाने की सलाह देते है, इसको खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है | रक्त को बढ़ाने के साथ-साथ रक्त को शुद्ध भी करती है और हड्डियों को मजबूत भी बनाने में सहायक होती है | को हमेशा अच्छे से 2-3 बार साफ गर्म पानी से अच्छे से धोकर उपयोग में लाना चाहिए |
सलाद व सब्जी के रूप में, चटनी बनाकर , उबाल कर या सूप बनाकर या जूस के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है | के पकोड़े अकेले या कड़ी में डाल कर बहुत स्वादिष्ट लगते है |

 

पथरी :–

के पत्तों का रस अथवा कवाथ पिलाने, सब्जी खिलाने से पथरी गल या पिघल जाती है और मूत्रवृद्धि होकर इसके कण बाहर निकल जाते है |
आँतों के रोगों से छुटकारा :- में आंतो को कष्ट देने वाला कोई भी द्रव्य नहीं होता इसलिए यह आंतो के रोगो में अत्यंत हितकारी है | का सेवन करने से पुरानी कब्ज भी ठीक हो जाती है, आँतों के रोगों से छुटकारा मिल जाता है |

 

आँखों के लिए लाभदायक :-

का रस पियें | से मिलने वाले बीटा केरोटीन तथा ल्यूटेन आँखों के लिए काफी लाभकारी होते है । ऑंखें सूखी रहती हों , जलन होती हो तो का नियमित सेवन लाभकारी होता है ।

 

फेफड़ो की सड़न एंव गले में जलन :-

फेफड़ो की सड़न को भी सुधरती है | का रस निकालकर उससे कुल्ला करने से गले की जलन दूर होती है |

 

पयेरिया :-

कच्चा दातों से चबा के खाने से पायरिया में आराम मिलता है । सुबह के समय खाली पेट का रस पीने से मसूड़ों से खून आना बंद होता है साथ ही दांत व मसूढ़े मजबूत होते हैं |

 

गले में दर्द :-

गले के दर्द से आराम पाने के लिए को पानी में उबालें, फिर को उसी पानी में निचोड़कर, मसलकर उस पानी को छानकर, उसी गर्म पानी से कुल्ला करने से गले दर्द में आराम मिलता है|

 

गर्भावस्था में :-

पालक में फोलेट बहुत मात्रा में पाया जाता है, जो गर्भावस्था में खाने के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थों में से एक है । फोलेट विटामिन बी से भरपूर होता है जो स्वस्थ शिशु के विकास के लिए जरूरी है । यह रीढ़ और मस्तिष्क के गंभीर दोषों को रोकने में मदद करता है, खून की कमी नहीं होने देता , समय से पूर्व प्रसव से बचाता है ।

पालक के नुकसान :-

दोस्तों, जैसा की में हमेशा कहता हूँ की अति हर चीज़ की बुरी होती है | अधिक मात्रा में पालक का सेवन करने से आगे बताई गई परेशानिया हो सकती है :-

  • अधिक मात्रा में पालक का सेवन करने से पेट ख़राब, गैस , पेट फूलना , ऐंठन आदि जैसी परेशानिया पैदा हो सकती है ।
  • पालक में फाइबर अधिक मात्रा में होता है जो दस्त का कारण भी बन सकता है इसलिए उचित मात्रा में ही पालक का सेवन करना चाहिए ।पालक में
  • प्यूरिन तथा ऑक्जेलिक एसिड पाए जाते है जो की गुर्दे में पथरी का कारण बन सकते है ।

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