अनार के फायदे और विभिन्न रोगो में प्रयोग की विधि की जानकारी

अनार क्या है? || What is Pomegranate in Hindi?

Table of Contents

अनार (Pomegranate) अत्यंत पौष्टिक और स्वादिष्ट फल है परंतु पौष्टिक होते हुए भी यह कम ही सेवन में लिया जाता है। अत्यंत महंगा होने के कारण यह आम आदमी की पहुंच से दूर है। अनार का उपयोग फल के रूप में कम और औषधि के रूप में अधिक किया जाता है। आयुर्वेदा में काफी समय से इसका उपयोग होता आया है।

आयुर्वेद के अनुसार अनार (Pomegranate) त्रिदोषनाशक, ह्रदय के लिए गुणकारी, वमन, संग्रहणी, अतिसार, तृषानाशक, पौष्टिक, शक्तिवर्धक, बल वीर्य वर्धक, ह्रदय रोगो और उच्च रक्तचाप में लाभदायक होता है।

अनार कितनी तरह का होता है? || Different Types of Pomegranate in Hindi

आयुर्वेद के अनुसार अनार 3 तरह का होता है :-

  • मीठा
  • खट्टा मीठा
  • केवल खट्टा

मीठा अनार (Anar ke Fayde) त्रिदोष नाशक, तृष्णा, दाह, ज्वर, हृदय रोग, कण्ड रोग और मुख की दुर्गन्ध को दूर करने वाला, तृप्तिदायक, बलवीर्य वर्धक, कषायरसयुक्त, ग्राही, स्निग्ध, हल्का मलरोधक, मेघा और बुद्धि को बल देने वाला होता है।

खट्टा मीठा अनार दीपन, रूचिकारक, किंचित पित्त कारक और हल्का होता है।

खट्टा अनार पित्त कारक, वात और कफ नाशक होता है।

अनार की जितनी भी किसमें है उनमें बेदाना अनार (Pomegranate) सब अनारो में श्रेष्ठ होता है।

अनार का पेड़ की जानकारी || Tree of Pomegranate in Hindi

  • अनार का पेड़ 8 से 10 फुट से अधिक ऊंचा होता है।
  • अनार के पेड़ की पत्तियां छोटी और हरी होती हैं।
  • फूल पीले, लाल और कुछ पौधों के फूल तो सफेद होते हैं।
  • रोपण के लगभग 4 वर्ष के पश्चात अनार फल देना शुरू कर देता है।
  • अनार के पेड़ पर सितंबर से फरवरी माह मध्य की अवधि के दौरान अधिक फल लगते हैं।

अनार कहां पाया या उगाया जाता है? || Where is Pomegranate Found or Grown?

अनार (Anar) का छोटा वृक्ष ईरान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान की पथरीली धरती में और भारत में सर्वत्र पैदा किया जाता है। अन्य राज्यों के अलावा कर्नाटक, कोलार, बंगलोर, मैसूर जिले में इसकी खेती होती है।

अन्य भाषाओं में अनार के नाम || Name of Pomegranate in Different Languages

इसे संस्कृत में दाड़िम, हिंदी में अनार, मराठी मई डालिम्ब, गुजरती में दाड़म, राजस्थानी में दाड़म, बंगला में दाड़िम, तेलुगु में दालिम्ब काया, मलयालम में मातलम, कन्नड़ में डालिम्ब, फारसी में अनार और अंग्रेजी में पोमेग्रेनेट कहते हैं। इसका लेटिन नाम प्युनिका ग्रेनेटम है ।

अनार कब खाना चाहिए ? || अनार का जूस कब पीना चाहिए?

अगर आप अनार का सेवन या अनार के जूस का सेवन करने जा रहे है और जानना चाहते है की अनार कब खाना चाहिए तो दोस्तों जान लीजिये की इसका सेवन सिर्फ इसके स्वाद के लिए कर रहे है तो आप कभी भी इसका सेवन कर सकते है और अगर आप अपने स्वास्थ्य को बढ़ाने और इसके गुणों का पूरा लाभ उठाने के लिए इसका सेवन करना चाहते है तो बता दे की अनार खाने या इसका जूस पीने का सबसे सही वक़्त सुबह-सुबह का होता है और अगर खाली पेट सिमित मात्रा में इसका सेवन किया जाये तो यह और ज्यादा फायदेमंद हो जाता है।

Uses and Benefits of Pomegranate in Hindi अनार के फायदे

अनार में पाए जाने वाले पोषक तत्व || Nutrition Value of Pomegranate in Hindi

प्रति 100 ग्राम अनार में प्रोटीन 1.6 ग्राम, वसा 0.1 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 14.5 ग्राम, ऊर्जा 65 कैलोरी, कैल्शियम 10 मिलीग्राम, फास्फोरस 70 मिलीग्राम, लोह तत्व 1.7 मिलीग्राम और विटामिन ‘C’ 16 मिलीग्राम पाए जाते हैं |

अनार ठंडा है या गरम | अनार की तासीर | Taseer of Pomegranate in Hindi

आप यह जरूर जानना चाहेंगे की इतने पौष्टिक तत्वों से भरपूर अनार की तासीर क्या होती है ? अनार ठंडा होता है या गरम ? किसी भी चीज की तासीर को जाने बगैर आप के पास जो भी जानकारी हो वह अधूरी ही मानी जायगी और अनार की तासीर (Anar ki Tasir ) ठंडी होती है इसलिए शाम या रात को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

अनार के फायदे || Uses of Anar Benefits of Pomegranate in Hindi

आयुर्वेद के अनुसार अनार त्रिदोषनाशक, ह्रदय के लिए गुणकारी, वमन, संग्रहणी, अतिसार, तृषानाशक, पौष्टिक, शक्तिवर्धक, बल वीर्य वर्धक, ह्रदय रोगो और उच्च रक्तचाप में लाभदायक होता है। पेट के विकारों और क्रीमी को नष्ट करने के लिए यह बहुत ही गुणकारी है। मीठा अनार अम्लपित्त के रोगों के लिए उपयोगी है। इसका उपयोग वायु गोला, अग्निमाध आदि रोगों में अत्यंत लाभप्रद है।

अनार सभी चर्म रोगों, गुर्दे की बीमारी, मूत्र में जलन, पथरी, लिवर की कमजोरी में भी लाभप्रद है। यह थकान को तत्काल कम कर देता है। पुरुषों की कमजोरियों, बीमारी के बाद की कमजोरी, रक्ताल्पता आदि में भी प्रभावी है। जिन बच्चों का विकास धीमा हो, कमजोर रहते हो, उन्हें अनिवार्य रूप से अनार का सेवन करना चाहिए। विभिन्न रोगो में अनार के उपयोग की विधि तो इस लेख में आगे दी गई है लेकिन उसे जानने से पहले आइये जानते है अनार के फायदे :-

सुबह खाली पेट अनार खाने के फायदे

अनार हो या अनार का जूस, इनका सुबह खाली पेट सेवन करना सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है । अनार में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व और विटामिन मौजूद होते है, जो आपके दिन को स्वस्थ शुरुआत तो करते ही है साथ ही आपके शरीर को ऊर्जा से भर देते है जिससे आपका शरीर ताजगी और एनेर्जी से भरपूर हो जाता है।

ऐसे में अगर आप सुबह सो कर उठने पर अपने आप को थका हुआ महसूस करते हैं तो अनार के जूस का सेवन करने से आपकी थकान तो दूर होगी ही साथ ही आप ताजगी से भी भर जायँगे। इतना ही नहीं, रोजाना अनार के जूस का सेवन, आपके मूड को अच्छा बनाने का काम भी करता है जिससे ाकि सुबह खुशनुमा हो जाती है।

पुरुषों के लिए अनार लाभ

अनार के जूस में पाए जाने वाले पोषक तत्व ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक होते हैं। यह स्ट्रेस स्पर्म डायफंक्शन का कारण बन सकते है। केवल पुरुषों में ही नहीं बल्कि महिलाओं में भी फर्टिलिटी कम होने का एक कारण ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस होता है। अनार का जूस में भरपूर मात्रा में आयरन मौजूद होता है जो शरीर में रक्त का प्रवाह तेज करता है।

वैज्ञानिकों क अनुसार महिलाएं और पुरुष 15 दिनों तक लगातार एक ग्लास अनार का जूस पिए तो उनके सेक्स हॉरमोन टेस्टोस्टेरोन में काफी वृद्धि होती है।

स्त्री के रोगो में लाभकारी अनार || Pomegranate in Hindi

कई महिलाओ के सौंदर्य से जुडी एक समस्या स्तनों का ढीलापन भी होती है जिसे आप अनार के छिलको के इस्तेमाल से औषधि बनाकर दूर कर सकते है। अनार के सेवन से आपके शरीर में कांति तो बढ़ती ही है साथ ही एक अलग सी आभा भी आ जाती है। अनार का सेवन स्त्रीओ के लिए विशेष रूप से लाभकारी होता है।

एनीमिया में अनार के फायदे

एनिमिया यानि खून की कमी होने पर अनार का सेवन करना काफी फायदेमंद रहता है । अनार के नियमित सेवन शरीर में आयरन की कमी तो पूरी होती ही है साथ ही यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स को भी बढ़ाने का काम भी करता है। इतना ही नहीं अनार का नियमित सेवन शरीर में ब्लड फ्लो भी बेहतर करने में सहायक हो सकता है।

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दिल की बीमारी की दवा है अनार

अनार दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर हमारे स्वास्थ्य को बनाये रखने में मददगार साबित हो सकता है। अनार में मौजूद पोषक तत्व हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाकर, रक्त धमनियों को साफ कर, शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर करने में मददगार साबित होते है, जिसके कारण रक्त को हमारे शरीर के सभी अंगों तक बिना किसी बाधा के पहुंच जाता है, इस वजह से ह्रदय संबंधी बीमारियां हमसे कोसो दूर रहती हैं।

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मस्तिष्क को तेज करने की दवा है अनार

इसका नियमित सेवन आपके दिमाग के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। अल्जाइमर यानि भूलने की बीमारी को दूर करने और याददाश्त को बढ़ाने में मददगार होता है अनार।

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प्रेगनेंसी में अनार खाने के फायदे

अनार में पाए जाने वाले पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु के सही विकास के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। अनार में अच्छी मात्रा में पोटेशियम भी पाया जाता है, जो प्रसव के दौरान दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद || Pomegranate in Hindi

अनार में पाए जाने वाले फाइबर व अन्य पोषक तत्व हमारे पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद होते है। अनार पाचन से जुडी समस्याओ के उपचार में काफी फायदेमंद होता है।

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पेचिश के घरेलू उपाय करे अनार से

पेचिश होने पर अनार आपके लिए लाभदायक हो सकता है । अनार के छिलको का उपयोग करके पेचिश की समस्या को दूर किया जा सकता है। पेचिश को दूर करने के लिए अनार के छिलको के उपयोग की विधि हमने आगे इस लेख में दी है।

कब्ज की दवा है अनार

कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए भी अनार आपके काम आ सकता है। इस समस्या को अनार के पत्तो के इस्तेमाल से दूर किया जा सकता है। जिसकी विधि हमने इस लेख में आगे दी है ।

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अतिसार या डायरिया और बच्चों का अतिसार या डायरिया

अतिसार यानि डायरिया की समस्या किसी को भी हो सकती है वो चाहे बड़ा हो या बच्चा। इस समस्या को अनार के सेवन से दूर किया जा सकता है लेकिन बच्चो मई दिआरिया की समस्या का इलाज बड़ो में डायरिया से अलग होता है जिसकी विधि हमने इस लेख में आगे दी है।

दस्त की समस्या में अनार के फायदे

पतले दस्त हो या खुनी दस्त, दस्त की समस्या में अनार काफी फायदेमंद हो सकता है। बस आपको यह पता होना चाहिए की इसका सेवन कैसे करना है और इसी की जानकारी हमने आगे इस लेख में दी है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए || Pomegranate in Hindi

एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल व एंटीवायरल गुण जो की अनार में पाए जाते है, वे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बहुत हद तक सुधर केर सकते है। अनार के दाने खाने के फायदे हमारे शरीर को अलग-२ तरह के बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने में सहायक होते है। इतना ही नहीं अनार हमारे शरीर को कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण होने वाली बहुत सी बिमारिओ को दूर रखने में सहायक होता है।

गर्भावस्था में सहायक अनार || Pomegranate in Hindi

अनार का सेवन करने से गर्भवती स्त्री को इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों का फायदों तो मिलता ही है साथ ही यह गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। गर्भवती महिला के लिए पोटैशियम एक जरुरी तत्व होता है जो अनार में पाया जाता है।

ऐसे में रोज अनार का जूस पीने से शरीर के लिए आवशयक पोटैशियम की पूर्ति होती है। ये प्रेग्‍नेंसी में होने वाली ऐंठन में आराम दिलाने में सहायक होता है। लेकिन गर्भावस्था महिला और शिशु दोनों के लिए एक नाजुक पड़ाव होता है, इसलिए ऐसे समय में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए।

मासिक धर्म में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी || Pomegranate in Hindi

महिलाओ में होने वाली रक्त प्रदर और श्वेत प्रदर, मासिकधर्म सम्बन्धी समस्याओ को दूर करने और उसमे राहत दिलाने में अनार काफी फायदेमंद होता है। इन समस्याओ को अनार के छिलके या अनार के पत्तो के प्रयोग से औषधि बनाकर, जिनकी विधि आगे इस लेख में दी गयी है, आराम पाया जा सकता है।

बवासीर में लाभकारी अनार || Pomegranate in Hindi

बवासीर से पीड़ित व्यक्तिओ के लिए भी अनार काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता है बस अगर आपको पता हो की इस रोग को दूर करने के लिए अनार का इस्तेमाल कैसे करना है। बवासीर को दूर करने की औषधि बनाने के लिए आप अनारदाने का इस्तेमाल कर सकते है या फिर अनार के छिलको के इस्तेमाल से खुनी बवासीर में आराम पाने के लिए आप औषधि का निर्माण कर सकते है। औसह्धी बनाने का तरिके आपको आगे इस लेख में मिल जायगा।

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दुबलापन दूर करे अनार || Pomegranate in Hindi

अगर आप अपने वजन को बढ़ाना चाहते है और अपने दुबलेपन से परेशान है तो आपके लिए अनार काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। अनार में मौजूद पोषक तत्वों का नियमित सेवन करने से आपके ह्रदय को बल मिलेगा और आपका दुबलापन २ से ३ माह में दूर हो जायगा। इसके प्रयोग की विधि आगे इस लेख में दी गई है।

खांसी में फायदेमंद अनार || Cough and Asthma: Anar Benefits in Hindi

अनार के सेवन से खांसी, और दमा रोग में भी लाभ लिया जा सकता है। खांसी दूर करना में जितना अनार फायदेमंद होता है उससे जयादा फायदेमंद अनार का छिलका होता है। इस लेख में अनार की छिलको के उपयोग से बनाई गई औषधियों के सेवन से आम खांसी तो दूर होती ही है साथ ही इसके उपयोग से काली खांसी जैसे रोग को भी दूर किया जा सकता है।

श्वास रोग में फायदेमंद अनार

श्वास सम्बन्धी रोगो को दूर करने में अनार फायदेमंद होता है। अनार के फूल के इस्तेमाल से बनाई गई औषधि श्वाश रोगो में काफी फ़ायदेमदं होती है। जिसको बनाने का तरीका इस लेख में आगे बताया गया है।

पीलिया रोग में फायदेमंद अनार

पीलिया होने पर काफी फायदेमंद हो सकता है। यह लीवर की कार्य क्षमता को बढ़ा कर पीलिया रोग को दूर करने में सहायता करता है। अनार या अनार के रस का नियमित सेवन करने से १ से २ सप्ताह में पीलिया रोग समाप्त हो जाता है। पीलिया रोग में अनार का किस तरह सेवन किया जाये, इसका तरीका आपको इस लेख में आगे मिल जायगा।

अनार का उपयोग – How to Use Pomegranate in Hindi

विभिन्न रोगों में अनार के प्रयोग की विधि

चेहरे व मुख के रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

मुहासे

अनार का छिलका, हल्दी व लौंग को पीसकर इसका इसका लेप बना ले। भाप लगाकर चेहरे पर इस लेप को करने से मुंहासे, झाइयां, व कील मिट जाते हैं।

मुख की दुर्गंध

अनार के छिलके का चूर्ण एक चम्मच सुबह-शाम पानी के साथ लेने से और छिलकों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से मुँह की दुर्गंध नष्ट होती है।

मसूड़ों से खून आना

अनार के सूखे पत्तों का मंजन करने से मसूड़ों से खून व पीप आना बंद हो जाता है।

मुंह के छाले

अनार के पेड़ की छाल जलाकर पीस क्र चूर्ण बना ले । इस चूर्ण को छालों पर लगाकर लार लटकाने से मुंह के छालों में आराम मिलता है।

दंत रोग

अनार की फूलों को छाया में सुखाकर, पीसकर मंजन बना ले और इसे मंजन के रूप में इस्तेमाल करने से दांतों में मजबूती आती है व खून आना बंद होता है।

पेट के रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

संग्रहणी, ऑव

5 ग्राम अनार की पत्ती, 3 ग्राम काला जीरा मिलाकर पीस ले। यह मिश्रण इस मात्रा दिन में 3 बार देने से यह रोग खत्म हो जाता है।

पेचिश का घरेलू इलाज

10 से 15 अनार के छिलके व २ लौंग पीसकर एक गिलास पानी में 8 से 10 मिनट तक उबाले। इस काढ़े को छानकर ५०-५० ग्राम कुछ दिनों तक दिन में 3 बार पीने से पेचिश का इलाज होता है और दस्त में लाभ होता है।

कब्ज

अनार के पत्तों का काढ़ा सेवन करने से कब्ज दूर होती है।

अतिसार या डायरिया

  • कुटज और अनार के वृक्ष की छाल का काढ़ा बनाकर, शहद के साथ देने से अतिसार या डायरिया में जल्द लाभ होता है।
  • पके केले को अनार के रस में मथकर सेवन करने से लाभ होता है।
  • सौंफ, धनिया तथा जीरा समान मात्रा में मिलाकर पीस ले। इस चूर्ण को अनार के रस के साथ प्रयोग करें तो लाभ होगा।
  • अनार के छिलकों का चूर्ण, गर्म जल के साथ लेने से इस रोग में लाभ होता है।

बच्चों का अतिसार या डायरिया

अनार के फूल 20 ग्राम, जावित्री 5 ग्राम, दालचीनी 10 ग्राम, धनिया 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम लेकर एकसाथ पीसकर चौथाई से आधा चम्मच शहद के साथ देने से बच्चों का अतिसार बंद हो जाता है।

खूनी दस्त

  • अनार की छाल का काढ़ा बनाकर, एक कप काढ़े में आधा चम्मच सोंठ डालकर, सुबह-शाम पीने से खूनी दस्त में आराम आता है।
  • अनारदाना, सौंफ व धनिया समान मात्रा में लेकर पीस कर चूर्ण बना लें । 2 ग्राम इस चूर्ण में 1 ग्राम मिश्री मिलाकर, दिन में 4 बार देने से खूनी दस्त व खूनी ऑव ठीक होती है।

पतले दस्त

अनार की छाल 100 ग्राम, जीरा 50 ग्राम मिलाकर पीस ले । यह चूर्ण १-१ चम्मच दिन में तीन बार लेने से पतले दस्त खत्म हो जाते हैं।

पेट के कीड़े

50 ग्राम अनार के जड़ की छाल को कूटकर २ लीटर पानी में उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसके 3 भाग करके, दिन में 3 बार पिलाएं और कुछ खाने को दे। दूसरे दिन कोई रेचक देने से कीड़े निकल जाते हैं।

पेट दर्द

अनार के मीठे दानों पर काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर खाने से पेट का दर्द मिट जाता है।

नाक के रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

नकसीर

  • अनार के फूल का रस नाक में डालें तथा तलुओं पर मालिश करें। आराम हो जाएगा।
  • अनार के रस की कुछ बूंदे नाक में टपकाने से नकसीर में लाभ होता है।

नाक-कान में घाव

अनार के रस की कुछ बूंदें डालें। फायदा होगा।

चर्म रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

गंजापन

सिर में जहां बाल गायब हो, अनार के पत्ते पीसकर वहां लेप करें। इससे फायदा होगा।

दाद

अनार के पत्तों को पीसकर, दाद, कोढ़ के घाव या बिच्छू, बर्र या मधुमक्खी के काटने पर लगाने से घाव ठीक हो जाता है।

खुजली व जलन

शरीर के किसी भी हिस्से में यदि खुजली हो रही हो तो अनार के अर्क की मालिश करें, लाभ होगा।

स्त्री के रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

गर्भपात

योनि में अनार की छाल की धूनी देने से गर्भपात हो जाता है।

स्तनों का ढीलापन

अनार के छिलके पीसकर, रात के समय स्तनों पर लेप करके सो जाये। सुबह उठकर धो ले। कुछ सप्ताह में स्तनों का ढीलापन दूर होगा।

रक्त प्रदर

अनार के छिलकों को छाया में सुखाकर, पीस लें। इसका एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ सुबह-शाम कुछ दिन लेने से मासिक रक्तस्राव में कमी होती है।

श्वेत प्रदर

अनार के १०-15 पत्ते व काली मिर्च पीसकर दिन में 2 बार पीने से आराम मिलता है।

अन्य रोग में अनार का उपयोग की विधि || Uses of Anar or Pomegranate in Hindi

कांच निकलना

अनार के छिलके पीसकर, गुदा पर लगाएं कांच निकलना बंद हो जाएगा।

स्वप्नदोष

सूखी लाल अनार का छिलका पीसकर, 3-4 ग्राम सुबह-शाम ताजा पानी से 2 सप्ताह तक लेने से स्वप्नदोष विकार ठीक हो जाता है।

पीलिया

50 ग्राम अनार का रस, लोहे के बर्तन में रात को खुले स्थान पर रख दें। प्रातः उसमें मिश्री मिलाकर पी ले । ऐसा १-2 सप्ताह करने से पीलिया रोग दूर हो जाता है।

दिल की धड़कन

अनार के कोमल पत्ते पीसकर, सुबह-शाम पीने से दिल की धड़कन कम होती है।

जुकाम

अनार के पत्तों को गुड़ में पीसकर, छोटी-छोटी गोलियां बना ले। एक-एक गोली दिन में तीन दफा चूसने से आराम आता है।

बहू मूत्रता

  • अनार के छिलकों को आग में भून कर, पीस लें। 50 ग्राम चूर्ण में 20 ग्राम अजवाइन पीसकर मिला ले। आधा चम्मच 2 दिन में दो बार ले।
  • अनार की कली, कत्था व मिश्री समान मात्रा में मिलाकर, एक-एक चम्मच दिन में दो बार लेने से लाभ होता है।
  • अनार के छिलके का चूर्ण, सुबह-शाम ताजा जल के साथ सेवन करें। लाभ होगा।

दुबलापन

दो से चार चम्मच अनार का रस, प्रतिदिन सुबह खाली पेट, 2 से 3 माह तक पीने से दुबलापन दूर होता है तथा हृदय को बल मिलता है, हिचकी और घबराहट मिटती है।

योनि रोग

50 ग्राम अनार के जड़ की छाल को जौ कूटकर ढाई सौ ग्राम पानी में उबालें । पानी जब आधा रह जाए, तब ठंडा करके छान ले । इस पानी में आधा चम्मच फिटकरी चूर्ण मिलाकर, योनि को इस पानी से अंदर तक धोए । इससे योनि शोध, योनि की शिथिलता और श्वेत प्रदर रोग समाप्त हो जाता है।

हिस्टीरिया

अनार के पत्ते एक तोला, गुलाब के ताजे फूल 1 तोला, दोनों को आधा लीटर पानी में उबालें । एक चौथाई पानी रहने पर, छानकर, एक तोला गरम-गरम गाय का घी मिलाकर, सुबह-शाम देने से हिस्टीरिया और उन्माद में लाभ होता है।

बवासीर

  • 50 ग्राम अनारदाना में १०० ग्राम गुड़ मिलाकर पीस लें । एक-एक चम्मच दिन में ३ दफा लेने से बवासीर, अजीर्ण, अतिसार नष्ट होते हैं।
  • अनार के 8 से 10 पत्तों को पीस ले । इस पइसे हुए अनार के पत्तो की टिकिया बना लें। इसे घी को गर्म करके उसमे भून ले। इस टिकिया को बवासीर के मस्सों पर बांधने से लाभ मिलेगा।
  • अनार के पत्तों निकलकर, 5 से 10 मिलिग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पीने से खूनी बवासीर में फायदा मिलता है।

घाव

अनार के छिलके को पानी में उबालकर, इस पानी से घाव धोने से घाव जल्द भरता है।

खूनी बवासीर

  • अनार के छिलकों का चूर्ण एक चम्मच, दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है।
  • अनार की छाल का काढ़ा एक कप में आधा चम्मच सौंठ डालकर सुबह- शाम पीने से लाभ होता है।

खांसी

  • अनार के फल के छिलके को मुंह में रखकर, उसका रस चूसने से लाभ होता है।
  • अनार का छिलका 20 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम, छोटी पीपली 20 ग्राम और जवाखार 5 ग्राम का महीन चूर्ण कर इसमें 8 ग्राम गुड़ मिलाकर छोटे बेर के बराबर गोलियां बना ले। एक एक गोली दिन में तीन बार चूसने से हर तरह की खासी मिटती है।
  • मीठे अनार के छिलकों का चूर्ण 20 ग्राम में ४-5 लाहौरी नमक डालकर पानी मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना ले। दिन में तीन बार एक-एक गोली चूसने से खांसी में लाभ होता है।

काली खांसी

काली खांसी के रोगी को अनार का छिलका डाला दूध उबालकर पिलाएं। कुछ दिनों में खासी सही हो जाएगी।

श्वास रोग

अनार के फूल 10 ग्राम, कत्था 10 ग्राम, कपूर 1 ग्राम को पान के रस में घोटकर, बेर के बराबर गोली बना ले। एक-एक गोली दिन में चार बार चूसने से श्वास रोग समाप्त होते हैं।

अनिद्रा यानि नींद ना आना

अनार के रस में भीगी हुई सौंफ का पानी आधा कप मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है।

disclaimer

अनार खाने के नुकसान

जैसा की हम हमेशा कहते है की “अति हर चीज की बुरी होती है।” उसी तरह अनार का अधिक मात्रा में सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा जैसा की हम ऊपर बता ही चुके है की अनार की तासीर ठंडी होती है तो कुछ रोगो में इसका सेवन करने से रोग और अधिक बढ़ सकता है। आइये जानते है और अधिक इस बारे में :-

  • किसी भी तरह की एलर्जी होने पर अनार का सेवन करने से नुकसान हो सकता है। यह उस एलर्जी को बढ़ा सकता हैं इसलिए एलर्जी होने पर डॉक्टर की सलाह से ही अनार का सेवन करे।
  • अनार की तासीर ठंडी होती है इसलिए इन्फ्लूएंजा, खांसी, और कब्ज के रोगी को अनार का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • ब्लडप्रेशर के रोगी को भी अनार का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
  • कुछ बिमारियों में ली जाने वाली दवाइयों के साथ अनार का सेवन करने से नुकसान हो सकता है जैसे एड्स या मानसिक बीमारी। इसलिए अगर आप भी किसी दवाई का सेवन कर रहे है तो अनार या अनार के जूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले ले।

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People also ask for Pomegranate or Anar (अनार)

अनार खाने से क्या होता है?

अनार सभी चर्म रोगों, गुर्दे की बीमारी, मूत्र में जलन, पथरी, लिवर की कमजोरी में भी लाभप्रद है। यह थकान को तत्काल कम कर देता है। पुरुषों की कमजोरियों, बीमारी के बाद की कमजोरी, रक्ताल्पता आदि में भी प्रभावी है। जिन बच्चों का विकास धीमा हो, कमजोर रहते हो, उन्हें अनिवार्य रूप से अनार का सेवन करना चाहिए।

अनार कैसे खाना चाहिए?

अनार के दानो को अच्छे से चबा-चबा कर खाना चाहिए या फिर इसका जूस घरप पर ही निकालकर उसका सेवन करना चाहिए क्योकि बाजार के जूस वाले इसके जूस को मीठा बनाने के लिए कई बार इसमें ग्लूकोस या मीठा मिला देते है जो कई रोगों में नुकसान पंहुचा सकता है।

क्या खाली पेट अनार खाना चाहिए?

अनार की तासीर ठंडी होने के कारण खाली पेट इसका सेवन करने से कई लोगो को सर्दी-जुकाम की परेशानी हो सकती है। वैसे भी इसका सेवन करने के 1 घंटे पहले और बाद में कुछ न खाये तो बेहतर रहेगा।

अनार का जूस कब पीना चाहिए?

अनार खाने या इसका जूस पीने का सबसे सही वक़्त सुबह-सुबह का होता है और अगर खाली पेट इसका सेवन सिमित मात्रा में किया जाये तो यह और ज्यादा फायदेमंद हो जाता है।

अनार की तासीर कैसी होती है?

अनार की तासीर ठंडी होती है।

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