कमर दर्द का इलाज

कमर दर्द उन शारीरिक समस्याओं में से एक है जो आपको काफी परेशान कर सकता है। कमर दर्द का इलाज अगर आप सही समय पर नहीं करेंगे तो इस दर्द के कारण आप अपने रोजाना के कार्य भी सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। अगर आप इस समस्या से पीड़ित है तो रोजाना के छोटे-मोटे काम करना भी आपके लिए दूभर हो जायगा और इसके चलते आपको इन कार्यो को करने में बेहद दर्द और तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं अगर इस समस्या का उपचार गंभीरता से न किया जाये तो यह दर्द आपके लिए घातक साबित हो सकता है।

कमर दर्द का इलाज

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ज्यादातर लोग इस समस्या के उप[चार के लिए डॉक्टर और अंग्रेजी दवाइयों की तरफ भागते है लेकिन क्या आप जानते है की ऐसे बहुत से घरेलु नुस्खे है जिनकी सहायता से आप इस दर्द का घर पर ही इलाज कर सकते है। लेकिन इन उपायों के बारे में जानने से पहले यह जरूर जान ले की आखिर आपको होने वाले कमर दर्द की सही वजह क्या है? क्योकि कमर दर्द होने की एक नहीं कई वजह हो सकती है।

कमर दर्द का कारण

हर एक व्यक्ति को होने वाले कमर दर्द के अलग-2 कारण हो सकते है।

 कमर दर्द का कारण और कमर दर्द का इलाज
  • मासपेशियो में आने वाला तनाव और खिचाव कमर दर्द का प्रमुख कारण है। अधिकतर लोगो में कमर दर्द की तकलीफ मासपेशियो में आने वाली ऐठन, खिचाव और तनावपूर्ण लिगामेंट के कारण ही होती है। ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में बैठकर कोई कार्य करना जिसमे हाथों का अधिक प्रयोग करना पड़े, ऐसा कार्य मासपेशियो में खिचाव और कमर दर्द की वजह बनता है।
  • इसके अलावा कुछ अन्य कारण भी है जो मासपेशिओ में खिचाव और तनाव की वजह से कमर दर्द का कारण बनते है जैसे ठीक से न बैठना, ठीक से न खड़ा होना, सही अवस्था में न सोना आदि।
  • गैस के कारण पीठ में दर्द – पाचन क्रिया की गड़बड़ी के कारण शरीर में गैस बनने लगती है। यह गैस शरीर से बाहेर निकलने का रास्ता ढूंढ़ती है और रास्ता न मिलने पर यह शरीर में इधर उधर विचरने लगती है। यह गैस जहा भी जाती है, मासपेशियो पर दबाव डालती है और दर्द का कारण बनती है। इसलिए शरीर में होने वाले कमर दर्द का एक बढ़ा कारण गैस भी होती है।
  • रीढ़ की हड्डी की बनावट में गड़बड़ी होने की वजह से या हड्डियों की कमजोरी के कारण भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। रीढ़ की हड्डी की इन परेशानियों के चलते, यदि रीढ़ की हड्डी पर किसी भी कारण से, अधिक दबाव पड़ता है तो यह कमर में दर्द के रूप में सामने आता है। रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव गलत तरीके से उठना-बैठना, चलना-फिरना, टीबी, एंकाइलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस और रोजाना व्यायाम न करने के कारण पड़ता है।
  • शरीर की सारी क्रियाओ को मस्तिष्क ही नियंत्रित करता है और यदि हमारा मस्तिष्क ही तनाव में रहेगा तो कुछ न कुछ नुकसान तो करेगा ही। इसी कारण से कमर दर्द का एक कारण अत्यधिक तनाव भी है। अत्यधिक तनाव मस्तिष्क के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र पर भी प्रभाव डालता है जो कमर दर्द का कारण बनता है क्योकि रीढ़ की हड्डी में असंख्य पेशिया (तंत्रिकाएं ) और स्नायु मौजूद होते है।
  • मोटापा यानि शरीर के भारी वजन का सीधा असर कमर पर ही पड़ता है। जो कई बार कमर दर्द का कारण बनता है। इससे बचने का सबसे बढ़िया तरीका है अपने वजन को नियंत्रण में रखना।
  • गलत तरिके से किसी भी भारी वजन वाली वस्तु को उठाने या गिरने, फिसलने के कारण भी कमर में दर्द की वजह बन सकती है। ऐसा दर्द काफी समय तक बना रह सकता है। इससे बचने का सबसे बढ़िया उपाय है की हमेशा सावधानी बरते और ऐसी स्तिथि में आने से बचे।
  • मौसम में बदलाव भी कमर दर्द का कारण बन सकता है। मौसम में बदलाव आने के कारण मासपेशिओ में अकड़न आ जाती है जो की कमर दर्द का कारण बनती है। इस तरह के कमर दर्द में सिकाई और मालिश से आराम आता है।
  • खराब पॉश्चर भी कमर में दर्द की समस्या का कारण बन सकता है। गलत पॉश्चर में घुमना या पैदल चलना या फिर बैठना कमर दर्द को बुलावा दे सकता है।

अलग-२ कमर दर्द

सुबह उठने पर कमर दर्द

कभी न कभी आपके साथ भी यह हुआ होगा की रात को आप बिलकुल सही सोये और सुबह उठने पर कमर दर्द, कमर में दर्द शुरू हो गया हो। सुबह उठने पर होने वाला कमर दर्द अक्सर सोने के गलत तरीके के कारण होता है। गलत पोजीशन में सोने के कारण, सुबह उठने पर आपको अपनी कमर में दर्द महसूस होता है जो धीरे-२ बढ़ता जाता है।

इतना ही नहीं, इस तरह के कमर दर्द बेड, गद्दे या फिर तकिये के आरामदायक न होने से भी होता है। इसे बचने का सबसे बढ़िया उपाय यही है की आप अपने बेड, गद्दे , तकिये के साथ -२ अपने सोने की पोजीशन पर भी ध्यान दे।

सोते समय पीठ में दर्द होना

सोते समय होने वाला कमर दर्द अक्सर मासपेशियो में होने वाले खिचाव और अकड़न के कारण होता है। अगर आपके सोने की स्तिथि या पोजीशन का सीधा असर आपकी कमर पर पड़ता है। सोने की गलत स्तिथि से कमर में खिचाव और दबाव पड़ता है जो कमर दर्द का कारण बनता है। इतना ही नहीं अगर आप अक्सर पेट के बल सोते है तो यह भी आपकी कमर में दर्द का कारण बन सकता है।

पीठ के दाहिने हिस्से में दर्द

पीठ के दाहिने हिस्से में दर्द के बहुत से कारण हो सकते है। जिनमे से मासपेशियो में तनाव, चोट , किसी भारी वजन को एकदम से उठाना, शरीर से आवश्यकता से अधिक शारीरिक कार्य करना आदि कारणों के कारण पीठ के दाहिने हिस्से में दर्द की अनुभूति हो सकती है जो लम्बे समय तक भी रह सकती है।

कमर से पैर तक दर्द होना

कमर से पैर तक दर्द होने का कारण साइटिका नस में होने वाला दर्द होता है। इस तरह का दर्द कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है। यह दर्द शरीर में होने वाले किसी रोग की तरफ इशारा करता है जैसे सैक्रोलाइटिस, डिस्कप्रोलेप्स, स्पाइनल इंफेक्शन आदि। अधिक शारीरिक मेहनत करने या भारी वजन की वस्तु सही से न उठाने से यह समस्या होती है।

किडनी में पथरी भी होती है कमर दर्द का कारण

किडनी यानि गुर्दे में पथरी का दर्द भी कमर से ही शुरू होता है और यह दर्द इतना अधिक और तेज होता है की व्यक्ति तड़प उठता है। मेरे अपने अनुभव के अनुसार इस दर्द में कोई भी घरेलु उपाय कुछ सेकण्ड्स या मिनट्स से अधिक समय तक आराम नहीं दे सकता। इससे बचने का एक ही उपाय अभी तक है और वह है डॉक्टर से इजेक्शन लगवाना। हां , किडनी यानि गुर्दे की पथरी आप आयुर्वेदिक दवाइयों से आराम से निकल सकते है। इसके कई उपाय है जो मैंने भी आजमाए हुए है। उनकी जानकारी आपको एक अन्य लेख में मिल जायगी।

महिलाओं के कमर दर्द के कारण

कमर दर्द की समस्या महिलाओ के लिए भारी परेशानी का कारण होती है। अनियमित माहवारी, माहवारी में रक्तस्राव की कमी या अधिकता महिलाओ में कमरदर्द का एक प्रमुख कारण है। रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) के बाद भी अधिकतर महिलाओं में कमर दर्द की शिकायत पाई जाती है। स्त्री रोग, श्‍वेत प्रदर, रक्त प्रदर, कमर की हड्डियों के कमज़ोर होना भी महिलाओं में कमरदर्द का कारण बनता है।

इतना ही नहीं, लगभग 70 फीसदी महिलाओं को गर्भावस्था के समय के दौरान भी कमर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा भी देखा गया है कि बच्चे हो जाने के बाद भी महिलाओं में कमर दर्द की समस्या बनी रहती है और उन्हें परेशान करती रहती है। महिलाओं के लिए चलना-फिरना भी कमर दर्द की समस्या को बढ़ावा देता है।

इसके साथ-२ वो सभी कारण भी हो सकते है जो ऊपर बताये गए है साथ ही अधिक समय तक हाई हील पहने रहना और शरीर में कैल्शियम की कमी होना भी महिलाओ में कमर दर्द का कारण बनता है।

पुरुषों में कमर दर्द

पुरुषों में कमर दर्द के कारण

परुषो का शरीर महिलाओ के मुकाबले अधिक भारी काम करने के लिए भगवान के द्वारा बनाया गया है। अधिक भारी काम करना या हल्के काम को भी गलत तरीके से करने का सीधा प्रभाव कमर की मासपेशियो पर पड़ता है। जो अक्सर कमर दर्द का कारण बनता है।

इतना ही नहीं रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर, घंटो गाड़ी चलाना, गलत तरीके से घंटों बैठे रहना, सोते वक्त मोटे तकिए का इस्तेमाल करना इत्यादि भी कमर में दर्द शुरू कर सकते है। जिनका समय रहते ध्यान नहीं दिया जाये तो यह स्लिप डिस्क (Slip Disk ) की बीमारी को पैदा कर सकता है।

वृद्धावस्था में कमर दर्द 

उम्र बढ़ने के साथ-२ शरीर के अंग और शरीर की हड्डिया भी कमजोर होने लगती है। उम्र का असर रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ता है और वरटिबरा यानि रीढ़ की हड्डी के मनके कमजोर होने लगते है जिनके कारण वृद्ध व्यक्ति धीरे-२ सामने की और झुकता जाता है। कमजोर वरटिबरा के कारण लगातार धीमा या कभी कभी तेज, वृद्धावस्था में कमर दर्द की परेशानी शुरू हो जाती है।

वृद्धावस्था में कमर दर्द, काफ़ी बड़ी मुसीबते पैदा करता है। इसके कारण खड़े होना, बैठना, बिस्तर से बाहर निकलना, शौचालय तक जाना और अपनी दिनचर्या के छोटे मोटे काम को पूरा करने के लिए भी दुसरो पर निर्भर होना पड़ जाता है।

वृद्धावस्था में रीढ़ की हड्डी को सहारा देने के लिए कमर में बेल्ट लगाना एक बहुत ही अच्छा और आरामदायक उपाय है। साथ ही अगर आप स्वस्थ है और कमर के दर्द से बचना चाहते है तो उम्र बढ़ने पर झुकने और वजन उठाने वाले कार्यो से बचे।

कमर दर्द का इलाज

आइये जानते है कुछ घरेलू उपाय जिन्हे अपनाकर आप काफी हद तक अपने कमर दर्द की समस्या को छूमंतर कर सकते हैं।

मालिश है कमर दर्द का रामबाण इलाज

कमर दर्द के कुछ कारणों में मालिश सबसे बेहतरीन घरेलु नुस्खा है। इसके लिए सरसों या नारियल का तेल में लहसुन 5 से 6 छिली हुई कलियां डालकर, उसे चूल्हे पर तब तक पकाये जब तक की लहसुन की कलिये सड़ कर काली न हो जाये। इसके बाद जब यह तेल ठंडा हो जाए तो इस तेल से शरीर की मालिश करे। खास तौर पर कमर के उस हिस्से में जहां दर्द हो रहा हो।

आगे इस लेख में आपको मालिश के तेल बनाने की विधिओ को जानकारी के साथ -२ आपको यह जानकारी भी मिल जायगी की मालिश के लिए कौन-२ से तेल इस्तेमाल करने चाहिए।

सिकाई है कमर दर्द का रामबाण इलाज

कमर में तेज दर्द हो रहा हो और कोई मालिश करनेवाला भी आपके पास ना हो, तब ऐसे में सिकाई करना आपके लिए सबसे बढ़िया उपाय है। सिकाई आप अलग-२ तरीको से कर सकते है :-

  • गर्म पानी में नमक मिलाकर, इसमें एक तौलिया भिगोकर निचोड़ ले। इस भीगे हुए, गर्म, भाप निकलते तोलिये से अपनी कमर पर हल्की-हल्की सिकाई करना, आपको काफी आराम देगा।
  • गर्म पानी की बोतल से कमर दर्द वाले हिस्से की सिकाई करने से आपको बहुत आराम मिलेगा।
  • इस बात का ध्यान भी रखें कि सिकाई कभी भी सीधे त्वचा पर नहीं करनी चाहिए बल्कि किसी कॉटन के कपड़े को कमर पर रखने के बाद उसके ऊपर से ही सिकाई करनी चाहिए।

सौंठ, बादाम और दूध है फायदेमंद

सौंठ और बादाम को पीसकर, उसमे थोड़ी सी चीनी मिलाकर, इस मिश्रण को दूध के साथ एक चम्मच की मात्रा में खाने से कमर दर्द में आराम मिलता है। सौंठ जहा दर्दो को दूर करने की एक चमत्कारी दवा है वही बादाम पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो शरीर को ताकत प्रदान करता है। इनके मिश्रण को दूध, जो की कैल्शियम का मुख्य स्रोत्र है, के साथ सेवन करने से कमर दर्द में फायदा मिलता है।

पीपलामूल, बादाम और दूध भी है फायदेमंद

पीपलामूल को पीसकर, उसे अच्छे से छान ले। पीपलामूल के इस चूर्ण में बादाम पीसकर मिला ले। इस मिश्रण में स्वाद के अनुसार चीनी मिलाकर, इसे ढक्कन बंद बोत्तल या डिब्बी में रख ले। रात को सोने से पहले इस मिश्रण को दूध के साथ लेने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

अदरक का काढ़ा

अदरक का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करने से कमर दर्द में फायदा मिलता है। इसके लिए 1 कप पानी में थोड़ी सी अदरक को कूटकर या मसलकर डाले। इस मिश्रण को धीमी आंच में 10-15 मिनट उबाल लें। इसके बाद इसे छानकर, इसमें एक चम्मच शहद तब मिलाये जब यह पिने लायक हल्का गर्म रह जाये। इसका सेवन रोजाना करने से कमर में होने वाला दर्द धीरे-२ दूर हो जायगा।

सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन

लहसुन की 2 से 3 कलिया रोजाना सुबह खाली पेट खाना कमर दर्द के साथ-साथ कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा ऊपर बताई गई विधि से सरसों के तेल में 4-5 लहसुन की कलिया उबालकर, मालिश करने का लहसुन वाला तेल बनाकर, उससे मालिश करना काफी फायदेमंद रहता है।

सेंधा नमक

सेधा नमक में पाए जाने वाले गुण, इसे दर्द के साथ-२ सूजन में भी फायदेमंद बनाते है। इसके लिए सेंधा नमक में थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे कमर में दर्द वाले हिस्से में लगाने से आरा मिलता है।

मेथी दाना

मेथी दाना दर्द और सूजन में काफी फायदेमंद होता है। एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच मेथी का चूर्ण और एक चम्मच शहद डालकर, धीमे-धीमे इसका सेवन करना फायदेमंद होता है। इससे कुछ ही देर में आपको कमर दर्द से राहत मिल जाएगी।

हल्दी वाला दूध

हल्दी में ऐसे गुण पाए जाते है जो शरीर में होने वाले किसी भी दर्द में फायदा पहुंचाते है। इस काम में हल्दी वाला दूध आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध का सेवन करें। फायदा मिलेगा।

पुरुषों में कमर दर्द की दवा

पुरुषो में कमर दर्द का सबसे बेहतरीन उपायों में मालिश, सिकाई ( बर्फ की ठंडी सिकाई और गर्म सिकाई ), बजार में मिलने वाली आयुर्वेदिक मलहम जैसे IODEX , MOVE आदि का इस्तेमाल करना और आराम करना ।

रोजाना व्यायाम करना पुरुषो के लिए कमर दर्द से काफी हद तक बचाव करने में सहायक हो सकता है। रोजाना कम से कम 15 मिनट्स तक व्यायाम करने से आप शरीर की मासपेशियो को लचीला बनाये रख सकते है जिससे उनमे अकड़न आने की सम्भावना खत्म हो जाती है।

अक्सर एक ही जगह पर घंटो लगातार बैठने, ज्यादातर ऑफिस में काम करने वालो को यह परेशानी होती है, के कारण भी बहुत से लोगो को कमर में दर्द रहता है। इससे आराम पाने के लिए हर आधे या एक घंटे के बाद अपने स्थान से उठ कर टहल लिया जाये और बैठने का स्थान आराम दायक होने से भी कमर दर्द में फायदा मिलता है।

महिलाओं में कमर दर्द के घरेलू उपचार

कमरदर्द की समस्या के कारण महिलाओ की शारीरिक क्षमता और कामकाज बहुत बुरी तरह से प्रभावित होती है। इतना ही नहीं, इस दर्द के कारण महिलाओ की मानसिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। दर्द होने के बावजूद घरेलु कार्यो का पूरा भार उनके ऊपर ही होता है।

यह दर्द उनके मूड को चिड़चिड़ा बना देता है जिस कारण वह बात-बात पर झुंझलाने लगती है बात-२ पर गुस्सा करती है और उनका कमर दर्द पुरे घर के माहौल में टेंशन भार देता है। इसलिए महिलाओ को अपने स्वास्थ्य पर बहुत अधिक ध्यान देना चाहिए। महिलाओ के कमर दर्द को दूर करने में ऊपर बताई गई सिकाई, मालिश, बेड रेस्ट और अन्य उपाय तो फायदेमंद है ही साथ ही कुछ अन्य उपाय भी है जो सिर्फ महिलाओ को ही इस्तेमाल करने चाहिए।

कमरकस और बादाम का मिश्रण है फायदेमंद

कमरकस और बादाम, दोनों में मौजूद पोषक तत्व मुख्य रूप से महिलाओ के कमर दर्द में को दूर करने में फायदेमंद होते है। कमरकस को देसी घी में भूनकर बादाम के साथ मिलाकर बारीक़ पीस ले। इस मिश्रण में स्वादानुसार चीनी मिलाकर दूध के साथ रात को सोने से पहले सेवन करने से महिलाओ के कमर दर्द में फायदा मिलता है।

इस मिश्रण की तासीर काफी गर्म होती है इसलिए मौसम के ठंडा होने पर ही इसका इस्तेमाल करे। यह मिश्रण मुख्य रूप से महिलाओ के कमर दर्द को दूर करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता रहा है।

सरसो का तेल और कपूर

सरसो के तेल और कपूर को मिलाकर बनाये गए तेल से मालिश करने से भी कमर दर्द में फायदा मिलता है। इसके लिए 150 ग्राम सरसों का तेल ले कर उसमे तक़रीबन 35 ग्राम देशी कपूर को मिलाकर शीशी में भरकर तब तक धुप में रखे जब तक की कपूर अच्छे से पिघल न जाये। इस कपूर मिले तेल से कमर पर हल्के हाथों से मालिश करने से फायदा मिलता है।

अजवाइन है फायदेमंद

कमर दर्द का एक कारण शरीर में गैस भी होती है और अगर आपकी कमर में दर्द गैस के कारण है तो इसमें सबसे ज्यादा फायदेमंद अजवाइन ही हो सकती है। इसके लिए आधा चम्मच अजवाइन में थोड़ा सा कला नमक मिलाकर उसे अच्छे से चबाकर खा ले और ऊपर से १ गिलास पानी पी ले।

वजन उठाने से कमर दर्द का इलाज

कमर में दर्द के कई कारण हो सकते हैं जिनमे से एक है गलत तरीके से भारी वजन उठाना। गलत तरिके से वजन उठाने से कमर दर्द होना शुरू हो सकता है क्योकि इसके कारण मासपेशिओ में खिचाव पड़ता है।

वजन उठाने से कमर दर्द का इलाज में सही तरीके से मालिश करना और सिकाई करना, सबसे प्रभावशाली उपाय है। गर्म पट्टी कमर में बांधने से भी कमर दर्द में आराम मिलता है। साथ ही ऊपर बताये गए तरीके भी कमर दर्द को दूर करने में फायदेमंद होते है।

प्रेगनेंसी में कमर दर्द के घरेलू उपाय

प्रेगनेंसी में कमर दर्द होना एक सामान्‍य सी बात है और लगभग हर प्रेगनेंट महिला को कमर दर्द की समस्या को झेलना ही पड़ता है। प्रेग्नेंसी में अधिक दवाइया खाना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में घरेलु उपाय और खान पान में ध्यान दे कर और कुछ छोटी-मोटी बातों का ध्यान रख कर आप कमर दर्द की समस्या में फायदा पा सकती है।

प्रेगनेंसी में शरीर का पूरा भार आपकी कमर पर पड़ता है। ऐसे में कमर दर्द की समस्‍या को अपने से दूर रखने के लिए लम्‍बे समय तक एक ही पोश्चर में बैठने से बचना चाहिए । फिर भी अगर आपको ज्यादा देर तक बैठे रहने की जरूरत पड़े तो स्‍टूल पर पैर रखकर बैठें। अगर आप वर्किंग हैं और आपका काम पूरे दिन बैठकर करने का ही है तो कमर के पीछे तकिया जरूर लगाएं।

इतना ही नहीं अपने खान पान में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थो को शामिल करे और हरी पततेदार सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन करे । गाजर, चुकंदर, शकरकंद, चैरी, बैरीज, अंगूर, अनार और तरबूज जैसे फलो का सेवन करना फायदेमंद होता है क्योकि ये सभी पोषण से भरपूर होते हैं और मासपेशियो को नरम रखने के साथ-२ सूजन को दूर कर कमर दर्द में फायदा पहुंचाते है।

disclaimer

कमर दर्द में कौन से तेल है फायदेमंद

कमर दर्द दूर करने में मालिश एक रामबाण उपाय है। इसके लिए हमने कुछ तेल बनाने की विधि आपको इस लेख में बताई है। आइये और कौन से तेल इसमें फायदेमंद होते है ये भी जाने :-

  • सरसो का तेल
  • नारियल का तेल
  • जैतून का तेल
  • नीलगिरि का तेल
  • तिल का तेल
  • बादाम का तेल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कमर का दर्द कैसे ठीक होता है?

कमर दर्द ठीक करने के लिए वर्षो से उपयोग में लाये जाने वाले घरेलु उपायों में हलके हाथ से मालिश करना, गर्म पानी से भीगे तोलिये या गर्म पानी की बोतल से कमर में दर्द वाले हिस्से की सिकाई करना, सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली उपाय है जिनका आज भी सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाता है।

कमर दर्द की क्या दवा है?

सौंठ और बादाम को पीसकर, उसमे थोड़ी सी चीनी मिलाकर, इस मिश्रण को दूध के साथ एक चम्मच की मात्रा में खाने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

पुरुषों के कमर में दर्द क्यों होता है?

अधिक भारी काम करना या हल्के काम को भी गलत तरीके से करने का सीधा प्रभाव कमर की मासपेशियो पर पड़ता है। इतना ही नहीं रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर, घंटो गाड़ी चलाना, गलत तरीके से घंटों बैठे रहना, सोते वक्त मोटे तकिए का इस्तेमाल करना इत्यादि भी कमर में दर्द शुरू कर सकते है।

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