Kidney || किडनी क्या है? || गुर्दा || किडनी का दर्द कहाँ होता है?

Kidney || किडनी क्या है? || गुर्दा || किडनी का दर्द कहाँ होता है?

किडनी क्या है?, शरीर में किडनी कहां पर होती है?, फंक्शन ऑफ Kidney, गुर्दा यानि किडनी  का दर्द कहाँ होता है?, किडनी के दर्द के लक्षण क्या-2 होते है? इन सभी बातों की जानकारी हम आपके लिए इस लेख में ले कर आये है | 

 

किडनी क्या है और उसकी पूरी जानकारी

शरीर में किडनी कहां पर होती है?

वृक्क या किडनी जिसे गुर्दा के नाम से भी जानते है | एक आम इंसान के शरीर में 2 किडनी यानि जोड़ा होता है | शरीर में इनका निवास स्थान रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ यानि की दाई ओर बाई पसली की नीचे लिवर के पीछे और बायीं तरफ की ग्यारहवी पसली के नीचे प्लीहा के पीछे,पीठ की तरफ होता है। दायां गुर्दा बाएं की तुलना में थोड़ा नीचे होता है | विशिष्ट रूप से बायां गुर्दा दाएं की तुलना में थोड़ा बड़ा होता है |दोनों किडनियों का काम एक जैसा होता है और यह साथ मिलकर काम करती है |

Kidney || किडनी क्या है? || किडनी का दर्द कहाँ होता है?

किडनी का वजन कितना होता है?

(Kidney) किडनी क्या है नामक इस लेख में आगे जानिए की किडनी का वजन कितना होता है:-

किडनी (Kidney) का रंग भूरा होता है | हर वयस्क गुर्दे का वजन पुरुषों में तक़रीबन 125 से 170 ग्राम के बीच और महिलाओं में तक़रीबन 115 से 155 ग्राम के बीच होता है । इनका आकार बिलकुल सेम के आकार जैसा होता है । 1 गुर्दा लगभग 11-14 सेमी लंबा, 6 सेमी चौड़ा और 3 सेमी मोटा होता है । किडनियों में करीब दस लाख की संख्या में बारीक़ फ़िल्टर होते है जिससे होकर शरीर का सारा खून हर घंटे में 2 बार साफ और शुद्ध होकर निकलता है |

 

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फंक्शन ऑफ किडनी

किडनी क्या है में आगे जानिए फंक्शन ऑफ़ किडनी यानि किडनी हमारे शरीर में क्या-२ करती है?

वृक्क या गुर्दे के जोड़े का प्रमुख कार्य एक छलनी की तरह होता है, जिससे शरीर का सारा खून हर घंटे में 2 बार छाना जाता है ताकि नुकसानदायक तत्वों को मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकाला जा सके ।

मूत्र पहले किडनी के अंदर इक्कठा होता है फिर इनके अंदर लगी एक नाली द्वारा मूत्राशय में आता है | आप यकीन नहीं करेंगे की आपके शरीर का 90% कूड़े करकट को किडनिया ही शरीर से बाहर करती है।

खून में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा को संतुलन में रखने का काम किडनी के जिम्मे ही होता है | यह संतुलन बिगड़ा नहीं की इसके खतरनाक परिणाम सामने आने लगते है ।

शरीर में रक्त कोशिकाओ के निर्माण और पानी की मात्रा , रक्त में एसिड और छार का संतुलन बनाये रखने का काम भी किडनियों के द्वारा ही किया जाता है । शरीर में अगर पानी की मात्रा ज्यादा हो जाये तो कोशिकाएं डूब जाएँगी और पानी की मात्रा कम होने से कोशिकाएं सूख जायेंगी, ऐसे में शरीर में पानी का संतुलन बनाने का कम भी किडनी के जिम्मे ही होता है |

सबसे ज्यादा अहम् काम है शरीर से गैर जरूरी लवणों को मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकलना | लवण पानी को सोखते है लिहाजा खून में लवण की मात्रा ज्यादा होने पर पानी भी ज्यादा जमा होगा जिससे शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और चेहरे और पेट पर सूजन आने लगती है, नतीजा यह होता है की आपका दिल इस अतिरिक्त भार को सहन नहीं कर और Heart Fail जैसे बुरे नतीजे सामने आ सकते है ।

पोटैशियम,जो मुख्य रूप से भोजन और फलो में पाया जाता है, यदि शरीर में इसकी कमी हो जाये तो मांसपेशिया निढाल होकर अपना काम बंद कर देती है और यदि इसकी मात्रा ज्यादा हो जाये तो भी खतरनाक हो सकता है | इसकी अधिकता से आपके दिल की धड़कन इतनी तेज हो जाती है की कुछ समय के बाद आप लड़खड़ा कर गिर भी सकते है ।

दोनों गुर्दे 24 घंटे में लगभग 2 लीटर मूत्र, मूत्राशय में जमा करते है जो समय के साथ-2 बाहर निकल जाता है । वैसे रात के समय शरीर की सारी मासपेशियो की तरह किडनी भी दिन की अपेक्षा कम काम करती है, इसका एक फायदा यह होता है की रात में भी बार बार पेशाब के लिए उठना नहीं पड़ता ।

मूत्र की मात्रा पर वैसे तो सारा नियंत्रण मष्तिस्क का होता है , वह एक हॉर्मोन का स्त्राव करता है जो मूत्र को काबू में रखता है, वरना यदि किडनियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाये तो यह संतुलन बरक़रार नहीं रह पाएंगे और इतनी मात्रा में मूत्र का निर्माण होगा की शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है |

यही कारण है की शराब पीने के बाद लोगो में मूत्र की मात्रा बढ़ जाती है | कारण ये होता है शराब मष्तिस्क को निष्क्रिय कर देता है और उसके द्वारा स्त्राव होने वाले हॉर्मोन्स की मात्रा कम हो जाती है, जिससे किडनी बेकाबू होकर मूत्राशय में ज्यादा मूत्र जमाव करने लगते है |

कुछ इसी तरह काफी के अत्यधिक सेवन करने से भी होता है और बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है ।

किडनी की एक खासियत यह भी है की यदि इनके भीतर मौजूद कोशिकाओं का 90 % हिस्सा नष्ट भी हो जाये तो भी यह अपना काम बखूबी कर सकती है, इसीलिए किसी एक गुर्दे का दो तिहाई हिस्सा भी दुरूस्त हो तो आप आसानी से जिन्दा रह सकते है। यही कारण है की एक स्वस्थ ब्यक्ति जिसके दोनों गुर्दे ठीक हो अपना एक गुर्दा किसी ऐसे ब्यक्ति को दान कर सकता है जिसके दोनों गुर्दे ख़राब हो चुके हो।

किडनी क्या है, यह कहाँ स्थित होती है और इसका क्या-2 काम है जानने के बाद हमारे शरीर में मौजूद इतने जरूरी और अविश्वश्नीय अंग को हमे ज्यादा समय तक स्वस्थ रखने के लिए चाय, काफी और शराब जैसी चीजो के ज्यादा सेवन से जरूर तौबा करनी चाहिए।

किडनी का दर्द कहाँ होता है?

किडनी पेट के अंदर, पीछे के हिस्से में, रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ पीठ की तरफ के हिस्से में स्थित होती है, इसी कारण पीठ में नीचे की तरफ होने वाले दर्द की एक वजह किडनी में पथरी के कारण होने वाला दर्द भी हो सकता है।

बहुत बार लोग किडनी के दर्द को पीठ दर्द समझ लेते हैं क्योंकि किडनी का दर्द भी शरीर के पिछले हिस्से में ही महसूस होता है। लेकिन इन दोनों दर्द में एक ही अंतर होता है और वह यह की किडनी का दर्द असहनीय, तेज और गंभीर होता है |

किडनी के दर्द के लक्षण

किडनी का दर्द बहुत असहनीय और तीर्व होता है। किडनी में दर्द होने के लक्षणों में दर्द के साथ बुखार आना, पेशाब करते समय दर्द और जलन होना, जी मिचलाना और उल्टी होना आदि शामिल है।

शरीर के निचले हिस्से में दर्द होने के साथ अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे क्योंकि किडनी में पथरी के दर्द में सिकाई, मालिश, बाम, पेनकिलर कुछ काम नहीं आती | डॉक्टर के द्वारा लगाया जाने वाला इंजेक्शन ही इस दर्द से आराम पाने का एकमात्र उपाय है ।

 

दोस्तों, 

गुर्दा किडनी क्या है, यह कहाँ स्थित होती है और इसका क्या-२ काम है विषयो पर हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी यह कमेंट करके बताना न भूले |

धन्यवाद

गुर्दा

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