Hindi Kahaniya 5 || चतुर बकरी

चतुर बकरी || Hindi  || Hindi Story For Children || 

 

एक किसान के घर में चंपा नाम की एक बकरी अपने 5 बच्चो के साथ रहती थी।

वह हमेशा अपने बच्चों को लेकर चिंतित रहती थी।

क्योंकि गाँव के किनारे एक जंगल था।

वह हमेशा चिंतित रहती थी क्योंकि उसके बच्चे अक्सर खेलते हुए जंगल के पास चले जाते जिस कारण वे किसी भी दिन किसी जंगली जानवर का शिकार बन सकते थे |

बकरी हमेशा अपने बच्चों को समझाती रहती थी की कभी जंगल की ओर नहीं जाना चाहिए।

लेकिन एक दिन बकरी का 1 बच्चा किसान के पुत्र और चरवाहे के बीच बातचीत सुनता है की जंगल में हर जगह हरा और नरम चारा बहुत होता है।

यह सुनकर बकरी का बच्चा हरा और नरम चारा देखने और खाने की इच्छा होती है और वह चुपचाप जंगल चला जाता है।

जब माँ बकरी को इस बात का पता चलता है तो वह बहुत परेशान होती है और वह अपने बच्चे की तलाश में उसके पीछे-२ जंगल जाती है।

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खेलते समय बकरी का बच्चा जंगल में थोड़ी दूर ही जाता है की 3 से 4 सियार आकर उसे घेर लेते है |

यह देखकर बच्चा डर जाता है और जोर-जोर से रोने लगती है और अपनी माँ को बुलाने लगता है |

यह सब देखकर सारे सियार हंसने लगते है।
और आपस में बात करने लगते है :-
” वाह!! आज तो स्वादिष्ट, नरम और जायकेदार भोजन खाने को मिलेगा |”

“काश, हमें वह 1 दिन पहले मिल जाता तो मजे आ जाते ।”

“ऐसा क्यों ? क्या था 1 दिन पहले ?”

“क्योंकि भाई कल मेरा जन्मदिन था। पार्टी और ज्यादा मजेदार और जायकेदार होती।”

“कोई बात नहीं, हम आज फिर से तुम्हारे जन्मदिन की पार्टी कर लेते हैं।”

तभी बकरी अपने बच्चे को ढूंढ़ते हुए वह आ जाती है | जिसे देख कर सियार खुश हो जाते है और आपस में बात करते है |

“लगता है जैसे आज की पार्टी में दबा के खाने को मिलेगा ।”

” हां | 250 ग्राम के साथ पूरे 1 KG मुफ्त।” और हसने लगते है

तभी माँ बकरी उन्हें डांटकर बोलती है “हसना बंद करो नहीं तो राजा शेर आकर तुम सबको खा जाएगा।”

“शेर राजा-क्यों ?!” सियार डरते हुए बोले |

माँ बकरी बोली
“तुम सब क्या सोचते हैं कि मैंने अपने बच्चे को जंगल में अकेला क्यों छोड़ दिया।”

” क्यों ?” सियार डरते हुए बोले |

माँ बकरी बोली ” क्योंकि हम शेर राजा की प्रोटेक्शन में है और उन्होंने ने मुझे आदेश दिया। शेर राजा के आने तक, अपने बच्चे के साथ इस स्थान को छोड़कर कही भी नहीं जाना । और अगर तुम मुझे या उसे खाने की कोशिश करेंगे। तब शेर राजा तुम चारों को जीवित नहीं रहने देगा।”

सियार डरते हुए बोले “राजा को कैसे पता चलेगा कि हमने तुम दोनों को खा लिया है।”

माँ बकरी बोली ” क्या आपको लगता है कि राजा मूर्ख है? वह जंगल का राजा है।”

थोड़ी दूर खड़े हुए एक हाथी की तरफ इशारा करते हुए बोली ” शक्तिशाली हाथी को देखो राजा ने उसे हम पर नजर रखने के लिए छोड़ दिया है। अगर आप जीवित नहीं रहना चाहते तो हम दोनों को खा सकते हैं।”

यह सुनकर सियार चिंतित हो गए और वे आपस में चर्चा करने लगते हैं।

“अगर हमने बकरी और उसके बच्चे को खाने की कोशिश की तो शक्तिशाली हाथी निश्चित रूप से राजा को हमारे बारे में बताएगा।”
“तो अब क्या करे?।”
“राजा को धोखा देना एक अच्छा विचार नहीं है।”
” चलो चलते हैं।”

यह कहते हुए सियार चले गये।

मां बकरी अपने बच्चे को साथ लेकर गांव की ओर भागने लगती है।

लेकिन जैसे ही वे थोड़ा आगे जाते हैं। अचानक उन्हें शेर राजा दिखाई देता है।

उन्हें देख कर शेर राजा दहाड़ता है। यह देखकर बकरी और उसका बच्चा दोनों डर जाते है। शेर एक ही छलांग में उनके ठीक सामने कूद जाता है।

इससे पहले की वह उन्हें अपना शिकार बनाये भयभीत बकरी मां साहस जुटाती है और कहती है ” ठहरिये राजा शेर वरना शेरनी को गुस्सा आ जायगा |”

शेर बोला ” कहाँ है शेरनी ? बेवकूफ बकरी – क्या तुम खुद को शेरनी समझते हो ? हा हा हा हा हा।”

माँ बकरी बोली ” नहीं, मैं आपकी शेरनी के बारे में बात कर रही हूँ।”

शेर बोला ” मेरी शेरनी ?”

माँ बकरी बोली ” हाँ। क्या आपको लगता है कि मैं यहाँ इस खतरनाक जंगल में पिकनिक के लिए अपने बच्चे के साथ आई हूँ? नहीं, मैं शेरनी द्वारा पकड़ी गई थी और उसने मुझे लौटने तक इंतजार करने को कहा है | और साथ ही कहा है की आज, मैं , मेरे राजा के लिए तुम्हें और तुम्हारे बच्चे का ताजा मांस पकाऊँगी। “

शेर बोला ” मैं तुम पर विश्वाश क्यों करू ?”

माँ बकरी बोली ” मुझे विश्वास मत करिये ! लेकिन बाद में शेरनी गुस्सा हो गई तो मुझे दोष नहीं दीजिये गा |”

और पास के पेड़ पर बैठे हुए कोए की और इशारा करते हुए बोली ” और अगर आप अभी भी मुझ पर विश्वास नहीं करते तो कौए से पूछें, शेरनी ने उसे मुझ पर नजर रखने के लिए छोड़ दिया है। और अगर आप अभी भी मुझ पर विश्वास नहीं करते हैं। अगर कोई मुझे नुकसान पहुंचाएगा तो कौवा शेरनी को बता देगा और शेरनी को गुस्सा आ जाएगा।”

“आप चाहें तो कौवे को डराकर भगाने की कोशिश कर सकते हैं। वह भागेगा नहीं । आखिरकार यह शेरनी का आदेश है।”

यह सुनकर राजा शेर ने कौआ को डराने के लिए दहाड़ लगाई | कौआ एक डाल से उड़ कर दूसरी पर बैठ गया लेकिन भागा नहीं |

यह देखकर बकरी जल्दी से बोली ” इसका कोई फायदा नहीं है। वफादार कौआ किसी भी कीमत पर शेरनी के आदेश का पालन करेगा।”

शेर बोला ” तुम सही कह रही हो कौवा तुम पर नजर रखने के लिए यहां मौजूद है। वह इस जगह से नहीं हिल रहा है। वैसे भी शेरनी रात के खाने में तुम्हे मुझे ही खाने को देगी |”

यह कहते हुए राजा शेर चला गया।

जैसे ही शेर निकलता है।

माँ बकरी अपने बच्चे के साथ गाँव की ओर भागती है।

जैसे ही वे थोड़ा आगे जाते हैं। उनके सामने रानी शेरनी आती हुई दिखाई देती है।

उन्हें देखकर शेरनी दहाड़ती है। भयभीत बच्चा अपनी बकरी मां के पीछे छिप जाता है ।

” वाह, आज रात राजा शेर तुम्हारे कोमल मांस से खुश हो जाएगा।” शेरनी बोली |

माँ बकरी बोली ” मैं एक-दूसरे के लिए आपके प्यार को देखकर बहुत प्रभावित हूं। आप दोनों एक-दूसरे को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।”

शेरनी बोली ” तुम्हारा क्या मतलब है?”

माँ बकरी बोली ” हर दिन आप राजा के लिए रात का खाना बनाती हैं। आज राजा ने हमें शिकार करके आपके लिए रात के खाने की योजना बनाई है।”

शेरनी बोली ” फिर उसने तुम्हारा शिकार क्यों नहीं किया ?”

माँ बकरी बोली ” क्योंकि राजा जी ने आपके लिए एक ताज़ा डिनर प्लान किया है। उन्होंने कहा कि मैं शेरनी को आप का ताजा शिकार करके खिलाऊंगा ।”

शेरनी मन ही मन खुश होते हुए बोली ” वास्तव में? क्या वह मेरे लिए योजना बना रहे है?”

माँ बकरी बोली ” हाँ | बस गुफा में जाओ। राजा आकर हमें ले जाएगा।”

शेरनी बोली ” ठीक है, लेकिन क्या होगा अगर तुम मेरे जाते ही भाग जाओ।”

माँ बकरी बोली ” हम नहीं भागेंगे | राजा ने मुझ पर नजर रखने के लिए खरगोश छोड़ दिया है। मैं जहां भी जाती हूं, वह पीछा करता है। और मेरी रिपोर्ट शेर को देता है।”

“क्या यह सही है श्री खरगोश ?” माँ बकरी बोली ” क्या आपने देखा कि उसने मेरी आवाज़ पर क्या प्रतिक्रिया दी? उसकी नजर हम पर है।”

शेरनी बोली ” ठीक है मैं जाकर गुफा में इंतजार करती हु |”

यह कहते हुए शेरनी निकल गई।

मां बकरी को चारों ओर देखती है।

और अपने बच्चे के साथ अपने गाँव की ओर भागती है।

बिना रुके वह किसान के घर की ओर भागती है जहाँ वह रहती है।

अन्य बच्चे अपनी माँ और भाई को लौटते हुए देखकर खुश होते हैं।

बच्चे बोले ” माँ तुम जंगल में गई थी। हम डर गए थे। हमें लगा आप दोनों मुसीबत में हो? आपको कोई जंगली जानवर मिल जाता तो “

बकरी का बच्चा बोला ” हमें शेर राजा, शेरनी और सियार मिले लेकिन माँ ने मुझे उन सभी से बचाया।”

बाकी बच्चे बोले ” किस तरह ?। माँ आप उनसे कैसे लड़ी? “

माँ बकरी बोली ” बच्चो । लड़ने के लिए ताकत के साथ आपको बुद्धि , ज्ञान और धैर्य की आवश्यकता होती है। एक बात हमेशा याद रखना । कभी भी समस्याओं से घबराना नहीं चाहिए।”

अपनी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा अपनी बुद्धिमत्ता और धैर्य का उपयोग करें। यह सबसे कठिन समस्याओं को दूर करने का तरीका है।

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