अजवाइन की तासीर

अपने विशेष गुणों के कारण अजवाइन हर घर में इस्तेमाल की जाती है। पराठा , अचार , कढ़ी ,चावल , बिस्किट और बहुत से पकवानो में अजवाइन का इस्तेमाल करने से यह चीजे पचना शरीर के लिए आसान हो जाता है। बदहजमी, गैस, कब्ज और पेट दर्द आदि रोगो में तो रामबाण है अजवाइन। इतनी फायदेमंद अजवाइन की तासीर (Ajwain Ki Taseer) जानना भी आपके लिए बहुत जरुरी है।

अजवाइन की तासीर गर्म होती है बल्कि आप कह सकते है की कुछ ज्यादा ही गर्म होती है, इसलिए इसका इस्तेमाल सिमित मात्रा में करना चाहिए। गर्म तासीर की होने के कारण यह बहुत से रोगो को दूर करती है लेकिन शरीर में पित्त की मात्रा को बढ़ा देती है इसलिए जिन लोगो को गर्म तासीर वाली वस्तुए माफिक नहीं आती, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

अजवाइन की तासीर कैसी होती है ? | Ajwain Ki Taseer

बहुत से रोगो में फायदेमंद अजवाइन की तासीर जानकर आप खुद भी यह तय कर सकते है की कौन से रोग में ये फायदेमंद होती है और कौन रोग में नहीं। शरीर में वात, पित्त और कफ के बैलेंस के बिगड़ने से शरीर को बहुत सी बीमारिया जकड लेती है।

अजवाइन की तासीर कैसी होती है

शरीर में कफ की मात्रा बढ़ने पर जो रोग होते है उनमे ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। ठंडी तासीर वाली चीजे शरीर में कफ की मात्रा को बढाती है।

उसी तरह से शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ने से होने वाले रोगो में गर्म तासीर वाली वस्तुओ का सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि गर्म तासीर वाली वस्तुए शरीर में पित्त की मात्रा को और बढ़ा देती है।

इसीलिए आपको हर वस्तु या औषधि की तासीर की जानकारी तो होना ही चाहिए। मुख्य रूप से उन चीजों की जिनका इस्तेमाल हम घरेलु उपचार के रूप में करते है।

अजवाइन की तासीर गर्म होती है और यह शरीर में पित्त की मात्रा को बढ़ाती है। अजवाइन के छोटे-२ दाने जहां वात और कफ जनित रोगो में फायदेमंद होती है वही पित्त जनित रोगो को यह और बढ़ा देते है। इतना ही नहीं अधिक मात्रा में अजवाइन का सेवन करने से अम्लता (Acidity), जलन का अहसास, मुंह के छालें, पेट में अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव, नकसीर आदि की समस्या पैदा हो जाती है।

अजवाइन के नुकसान

गर्म तासीर की होने के कारण अजवाइन का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर को फायदे की बजाय नुकसान पहुंच सकते है। अजवाइन खाने से आगे बताये गए व्यक्तिओ को बचना चाहिए :-

  • गर्भवती महिलाओं को अजावाइन का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • जिन व्यक्तिओ को गर्म तासीर की वस्तुए माफिक नहीं आती उन्हें अजवाइन का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • एक दिन में 10 ग्राम से अधिक अजवाइन का सेवन करने से बचन चाहिए। इसके अधिक प्रयोग से नकसीर, मुंह में छाले, पेशाब में जलन, पेट में गैस आदि की समस्या पैदा हो सकती है।
  • पेट में अलसर, अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों को अजवाइन के सेवन से बचन चाहिए।

अजवाइन के फायदे

गर्म तासीर वाली अजवाइन एक घरेलु आयुर्वेदिक औषधि है जो बहुत से रोगो को दूर करने में सक्षम होती है। आइये जाने अजवाइन के फायदे :-

  • अजवाइन का पानी पीने से दांतो का दर्द और मुंह की बदबू की समस्या में लाभ मिलता है।
  • यह पेट की बीमारियों में फायदेमंद होती है जैसे पेटदर्द, गैस, बदहजमी, कब्ज आदि ।
  • अजवाइन खाना जल्दी पचाने में सहायक होती है।
  • अजवाइन के सेवन से वजन घटाने में मदद मिलती है.।
  • अजवाइन सर्दी और कफ की समस्या में फायदेमंद होती है।
  • अजवाइन को सूंघने से अस्थमा में फायदा मिलता है।
  • अजवाइन का पानी पीने से सिरदर्द में राहत मिलती है |
Disclaimer

अजवाइन खाने से क्या नुकसान है?

अधिक मात्रा में अजवाइन का सेवन करने से अम्लता (Acidity), जलन का अहसास, मुंह के छालें, पेट में अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव, नकसीर आदि की समस्या पैदा हो जाती है।

अजवाइन का पानी कब पीना चाहिए?

अगर आप रोजाना सुबह इसका पानी पीते हैं तो दांतो का दर्द और मुंह की बदबू की प्रॉब्लम दूर होती है |

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