कई तरह के इन्फेक्शन का इलाज है फिटकरी, कैसे करें फिटकरी का उपयोग

Fitkari ke Fayde || फिटकरी के फायदे

फिटकरी सस्ती तथा और अत्यंत उपयोगी वस्तु है जो सरलता से सब जगह मिल जाती है | जिस स्थान की मिट्टी में अल्मुनियम और गंधक दोनों तत्व निश्चित मात्रा में पाए जाते हैं, उस मिट्टी में फिटकरी तैयार की जाती है |

फिटकरी मुख्य रूप से 4 तरह की होती है :-

  1. लाल फिटकरी
  2. सफेद फिटकरी
  3. पीली फिटकरी और
  4. काली फिटकरी

सफेद फिटकरी का प्रयोग की सर्वाधिक मात्रा में किया जाता है | फिटकरी एंटीसेप्टिक का कार्य करती है | फिटकरी का उपयोग अनेक बीमारियों को दूर करने में किया जाता है | हमने फिटकरी के फायदे और उपयोग की जानकारी को इस लेख में 4 हिस्सों में बाँट दिया है।

  1. मुख के रोग में फिटकरी के फायदे व उपयोग की विधि
  2. नाक आंख व कान के रोग में फिटकरी के फायदे व उपयोग की विधि
  3. चर्म रोग यानी स्किन के रोग में फिटकरी के फायदे व उपयोग की विधि
  4. अन्य रोग में फिटकरी के फायदे व उपयोग की विधि
Fitkari ke Fayde फिटकरी के फायदे
Fitkari ke Fayde || फिटकरी के फायदे

फिटकरी का विभिन्न रोगों में प्रयोग इस प्रकार है :-

मुख के रोग में फिटकरी का उपयोग

मुख के रोग जैसे दांत के रोग, दांत दर्द, दांत हिलना और मसूड़ों के रोगों में फिटकरी बहुत ही फायदेमंद ( Fitkari ke Fayde) होती है | फिटकरी को पीसकर, उसका चूर्ण बनाकर, उसे नमक, सरसों के तेल के साथ मिलाकर या फिर पानी में घोलकर, आगे इस लेख में बताए गए तरीकों से इस्तेमाल करने से मुख के बहुत से रोगों में आराम पहुंचता है | आइए जानते हैं अलग-अलग रोगों में फिटकरी के प्रयोग की विधि (Fitkari ke Fayde, फिटकरी के फायदे) :-

1 दांत के रोग में फिटकरी के फायदे ( Fitkari ke Fayde )

20 ग्राम फिटकरी, 10 ग्राम सेंधा नमक लेकर पीस लें | प्रतिदिन सुबह-शाम दांत और मसूड़ों पर मलने से ( लेकिन याद रखें इसे मसूढ़ों पर मलने के लिए टूथब्रश का इस्तेमाल न करे ) खून आना बंद हो जाता है तथा दांत मजबूत होते हैं |

2. दांत हिलना

फिटकरी और माजूफल का चूर्ण बनाकर मंजन करने से दांतों का हिलना बंद हो जाता है |

3. पायरिया

  1. पिसी हुई फिटकरी पानी में घोलकर दिन में दो बार कुल्ला करने से पायरिया रोग में फायदा पहुँचता है |
  2. फिटकरी का पाउडर दातों पर मलने से या 4-5 तोला फिटकरी का चूर्ण पानी में डालकर सुबह-शाम कुल्ला करने से पायरिया रोग में आराम मिलता है |

4. मसूढ़े

फिटकरी नमक और सरसों के तेल का को मिलाकर मसूढ़ों पर मलने से मसूढ़े मजबूत रहते हैं |

5. दांत दर्द में फिटकरी का उपयोग

  1. आधा ग्राम फिटकरी के चूर्ण को मक्खन के साथ 10 दिन तक सेवन करने से दांत दर्द मिट जाता है |
  2. लाल दंत मंजन में थोड़ा सा फिटकरी का चूर्ण मिलाकर मंजन करने से भी दांत दर्द में आराम मिलता है |

नाक, आंख व कान के रोग में फिटकिरी के फायदे

एंटीसेप्टिक होने के कारण फिटकरी नाक, आंख व कान के रोगों को दूर करने में फायदेमंद होती है | आइए जानते हैं कि इसे किस तरह से प्रयोग में लाया जा सकता है:-

6. नकसीर में फिटकरी के फायदे ( Fitkari ke Fayde )

गाय के दूध में फिटकरी घोलकर 3-4 बूंदे नाक में डालने से नाक से खून आना बंद हो जाता है |

नाक के द्वारा किया गया करे रोगो को जड़-मूल से खत्म || नाक के द्वारा उषापान के फायदे

7. नेत्र रोग

2 रत्ती फिटकरी का चूर्ण, 25 ग्राम गुलाब के अर्क में मिलाएं | दो बूंद दिन में तीन-चार बार आंख में डालने से आंख का दर्द, लाली व कीचड़ आना जल्दी ठीक हो जाता है |

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या खाएं ||आंखों के लिए आहार || आँखों की रौशनी तेज करने के लिए क्या खाना चाहिए?

8. कान दर्द

जरा सी भुनी हुई फिटकरी कान में डालकर ऊपर से दो-तीन बूंदे नींबू के रस को डालने से कान दर्द में लाभ होता है |

चर्म रोग यानी स्किन के रोग || फिटकरी के फायदे फोर स्किन

9. चर्म रोग (Skin)

चर्म रोग से प्रभावित हिस्से को फिटकरी के पानी से दिन में तीन चार बार धोने से सभी प्रकार के स्किन लोग मिट जाते हैं |

10. फिटकरी से दाद का इलाज

  1. नींबू में फिटकरी भरकर दाद या चर्म रोग से प्रभावित स्थान पर रगड़ने से खुजली और दाद में फायदा पहुँचता है।
  2. दाद होने पर नीला थोथा और फिटकरी दोनों को आग में भुनकर पीस लें। इस दोनों को मिलाकर, इसमें नींबू निचोड़कर लेप बनाएं और दाद वाले स्थान पर लगाएं। इसके इस्तेमाल से पुराना दाद भी ठीक हो जाएगा।

11. योनि की शिथिलता

दो माशा फिटकरी चूर्ण को 8 तोला पानी में घोलकर योनि मार्ग को प्रतिदिन धोने से योनि की शिथिलता दूर होती है |

अन्य रोग में फिटकरी के फायदे ( Fitkari ke Fayde )

12. बिच्छू दंश

बिच्छू के काटे हुए स्थान पर फिटकरी पीसकर लगाने से उसके काटे का असर कम हो जाता है |

13. जुएं

फिटकरी के पानी से सिर धोने से जुएं खत्म हो जाती हैं |

14. बुखार

जरा सी फिटकरी में सौंठ मिलाकर बताशे के साथ रोगी को देने से बुखार उतर जाता है |

Papita ke Patte ke Fayde | पपीता के पत्ते का जूस [10 फायदे ]

15. ज्वर

2-4 रत्ती फिटकरी के चूर्ण में एक रत्ती देसी खांड मिलाकर रोगी को 2-2 घंटे के बाद देने से ज्वर उतर जाता है |

16. विषम ज्वर

3 रत्ती फिटकरी के चूर्ण में शक्कर मिलाकर ज्वर आने से पहले खाने से विषम ज्वर का नाश होता है |

17. दूषित जल

दूषित जल लीवर को खराब करता है और पीलिया जैसे रोगो का कारण बनता है। ऐसे में दूषित जल को पीने योग्य बनाने के लिए उसमें जरा सी फिटकरी डाल दें, कुछ ही देर में गंदगी नीचे बैठ जाएगी और पानी शुद्ध हो जाएगा |

18. रक्तपित्त

  1. एक रत्ती रस सिंदूर व एक रत्ती फिटकरी मिलाकर खाने से रक्तपित्त में लाभ होता है |
  2. एक रत्ती फिटकरी में 3 ग्राम मिश्री डालकर पानी के साथ सेवन करने से रक्त पित्त के रोगी को लाभ मिलता है

19. रक्तस्राव

शरीर के बाहरी अंगों पर चोट लगने पर निकलने वाले रक्त पर पीसी फिटकरी छिड़कने या पानी में घोलकर उस पानी से घाव को धोने से रक्तस्राव रुक जाता है |

20. नजला-जुकाम होने पर गुनगुने पानी में फिटकरी पीने के फायदे

फिटकरी को गर्म तवे पर फुलाकर महीन पीस लें | इसकी एक चुटकी मात्रा गुनगुने पानी के साथ दिन में 3 बार 3 दिन तक लेने से आराम होता है |

सर्दी-खांसी और जुकाम से हैं परेशान, अपनाएं ये 11 घरेलू नुस्खे

21. घाव

फिटकरी के चूर्ण में शहद मिलाकर, उसमें रुई लपेटकर कान में रखने से कान का जख्म भर जाता है |

22. गंजेपन का रामबाण इलाज हैं फिटकरी

5 ग्राम फिटकरी और 5 ग्राम छड़ेला (छड़ेला एक औषधीय पौधा है जिससे दवाइयां बनाई जाती हैं) को पानी के साथ पीसकर गंजेपन की जगह 3-4 दिनों तक लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

23. सफेद बाल काले

फिटकिरी और गुलाबजल दोनों को साथ में उपयोग लेने से आपके बालों को फ़ायदा पहुंच सकता है | सबसे पहले फिटकरी को अच्छे से पीस लें। फिर उसमें गुलाबजल मिलाकर बालों में लगाएं। हफ्ते में 2 बार इसको लगाने से सिर्फ 15 दिनों में आपके सफेद बाल काले हो जाएंगे।

Disclaimer :-
अलग-२ शरीर की अलग-२ प्रकृति होती है, इसी कारण किसी भी रोग में इसका उपयोग किसी वैध या चिकित्सक की सलाह से ही करे अन्यथा फिटकरी फायदे की बजाए नुकसान भी पंहुचा सकती हैं । इस लेख में फिटकरी के फायदे और अलग-२ रोगो में उसके प्रयोग की विधि की जानकारी दे रहे हैं, क्योंकी यह लेख लिखने का मूल उद्देश्य लोगो को भारतीय चिकित्सा पद्धति आर्युवेद के प्रति जागरूक करना है ।

किसी भी गंभीर रोग में किसी भी नुस्खे का सेवन करने से पूर्व चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें । जानकारी के लिए लिखे गए इस लेख का किसी भी रोग को दूर करने के लिए उपयोग किसी वैद्य या चिकित्सक की सलाह से ही करे। किसी भी तरह के नुकसान के लिए यह वेबसाइट जिम्मेवार नहीं होगी।

Leave a Comment