खाना हजम करने के उपाय

खाना हजम करने के उपाय जानना इसलिए भी आवश्यक है क्योकि हम जो कुछ भी खाते है, हमारे शरीर की पाचन क्रिया उस भोजन को पचा कर, उसके पोषक तत्वों को निकालकर, शरीर की क्रियाओ को पूरा करने और शरीर को स्वस्थ रखने में प्रयोग करती है। यही खाना अगर सही से हजम न हो तो हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जायगी और और शरीर को कई बीमारिया घेर लेंगी। ऐसे में आप घर पर ही खाना हजम करने के उपाय अपनाकर पाचन क्रिया को मजबूत बना सकते है।

खाना हजम करने के उपाय अपनाकर हम खाने पीने की अपनी गलत आदतों के कारण शरीर को होने वाली पाचन सम्बन्धी समस्याओ से बचा सकते है । भारतीय रसोई में बहुत से ऐसे खाना पचाने के घरेलू उपाय मौजूद होते है जिनकी मदद से गैस, कब्ज, बदहजमी, दस्त, उलटी और बहुत सी पाचन सम्बन्धी समस्याओ से बचाव कर सकते है।

खाना हजम करने के उपाय

खाना हजम करने के घरेलु उपायों के बारे में जानकारी देने से पहले आपको यह जानना अत्यंत आवश्यक है की हजमा खराब होता क्यों है?, हाजमा खराब होने के लक्षण और उसके कारणों को भी जान ले।

खाना हजम करने के उपाय

खाना हजम न होने के लक्षण

पाचन क्रिया के गड़बड़ाने से और खाना सही से हजम न होने पर यानि हाजमा ठीक न होने पर शरीर बहुत से लक्षणों को छोटी-मोटी बिमारिओ के रूप में सामने लाता है जैसे:

  • पेट में सूजन
  • पेट दर्द
  • बदहजमी
  • गैस
  • कब्ज़
  • दस्त
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • खट्टी डकारे
  • पेट में जलन

खाना न पचना का कारण

ऐसे बहुत से कारण है जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते की वह खाना न पचने के कारण भी बन सकते है। आइये जानते है उनमे से कुछ कारणों के बारे में :-

  • बहुत अधिक खाना खाना ।
  • बहुत तेजी से भोजन का सेवन करना ।
  • अधपके भोजन का सेवन करना।
  • अत्यधिक वसायुक्त या तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन करना।
  • शरीर में गैस पैदा करने वाले खाद्य पदार्थो का अधिक सेवन करना।
  • भोजन के दौरान अत्यधिक मात्रा में पानी का सेवन करना।
  • अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन करना ।
  • कैफीन का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना।
  • अत्यधिक मात्रा में शराब या मादक पदार्थो का सेवन करना।
  • बहुत अधिक चॉकलेट खाना।
  • बहुत अधिक गैसयुक्त पेय पदार्थों का सेवन करना।

खाना हजम करने के प्राकृतिक उपाय | Natural Tips

आगे बताये गए प्राकृतिक उपायों को अपनाकर आप अपने हाजमे को सही रख सकते है। खाना खाने के इन नियमो को बहुत ही कम लोग अपना पाते है, लेकिन जो लोग इन्हे अपना लेते है उनकी पाचन सम्बन्धी सभी समस्याएं दूर हो जाती है और वे स्वस्थ जीवन जीते है

समय पर खाना खाये

अगर आप अपना हाजमा सही रखना चाहते है तो अपना खाना खाने का समय निश्चित कीजिये। रोज नियमित समय पर खाना खाने से शरीर की पाचन क्रिया पर अच्छा असर पड़ता हैं और सही समय पर भूख लगती है।

भोजन के आस पास पानी पीने से बचे

खाना खाने से 45 मिनट्स पहले और 45 मिनट्स बाद तक पानी पीने से बचना चाहिए क्योकि भोजन के आस पास इस समय के दौरान पानी पीने से पाचन क्रिया मंद पड़ जाती है जिस कारण भोजन सही से हजम नहीं हो पाता और ऊपर बताई गई समस्याओ का कारण बनता है।

भरपेट भोजन करने से बचे

आयुर्वेदा के अनुसार अगर आप चाहते है की आपके द्वारा किया गया भोजन सही से पचे, हजम हो तो आपको अपनी भूख से एक रोटी कम खानी चाहिए यानि भरपेट भोजन करने से बचना चाहिए। भोजन को पचने के लिए शरीर द्वारा जो भी क्रिया की जाती है उसके लिए पेट थोड़ा सा खाली होना अत्यंत आवश्यक है। भरपेट भोजन करने से पाचन क्रिया अपना कार्य सही से नहीं कर पाती और पाचन सम्बन्धी समस्याएं पैदा होने लगती है।

भोजन के बीच का समय अंतराल

हमारा शरीर खाये गए भोजन को पचाने के लिए कम से कम 2-3 घंटे का समय लेता है। इसी लिए दो भोजनो के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतराल जरूर रखे। ऐसा ना हो की हमारी पाचन क्रिया पहला किया हुआ भोजन पचाने की कोशिश कर रहा हो और आप अपने मुँह में और भोजन डालना शुरू कर दे। यह तो कुछ इस तरह की बात हो गई की आप अपना पहला काम तो कर नहीं पाए और बॉस ने दूसरा काम आपके सर पर और डाल दिया।

भोजन चबा-2 कर ही करे

जब भी आप भोजन करे उसे अच्छे से चबाये ताकि वह अपने आप गले से नीचे उतरे, न की उसे जबरदस्ती निगलना पड़े। इस बात को आप इस तरह से समझे की आपके पेट और अमाशय में तो दांत नहीं होते, वह तो सिर्फ मुँह में ही होते है। इसके अलावा मुँह में लार भी होती है जो चबाते समय भोजन में अच्छे से मिक्स हो जाती है और पाचन क्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी लिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो भोजन को चबा-२ कर ही खाये।

तनाव से बचे

तनाव आपके शरीर के बहुत से कार्यो को बिगाड़ सकता है। यह दीमक की तरह शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। खाना हमेशा खुश हो कर और स्वाद ले कर खाना चाहिए, तभी वह शरीर को लगता है। तनाव में खाया गया खाना सही से हजम नहीं हो पाता और यह अधपचा खाना शरीर को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुँचता है।

स्थान और मौसम के अनुसार ही भोजन करे

आयुर्वेदा के अनुसार आप जिस स्थान पर हो उस स्थान पर उस मौसम में पाए जाने वाले भोजन को ग्रहण करना चाहिए जैसे गर्मियों के मौसम में ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करना चाहिए और सर्दियों में गर्म तासीर वाली चीजों का।

शारीरिक मेहनत, व्यायाम और योग

आजकल ज्यादतर लोग अपना अधिक समय ऑफिस में एक कुर्सी पर बैठ कर ही व्यतीत करते है। ऐसे लोगो की मानसिक मेहनत तो खूब होती है लेकिन शारीरिक मेहनत ना के बराबर होती है। जो लोग शारीरिक मेहनत अधिक करते है, व्यायाम करते है या योग करते है, जायदातर ऐसे लोगो की पचना क्रिया काफी मजबूत होती है, इसलिए अगर आप शारीरिक मेहनत वाला कार्य नहीं करते तो रोज कम से कम आधा घंटा व्यायाम या योग करने से खाना हजम करने में फायदा मिलता है और पाचन क्रिया स्ट्रांग बनती है ।

खाना पचाने की आयुर्वेदिक दवा | Ayurveda Tips

आयुर्वेदा के अनुसार कुछ ऐसे घरेलु उपाय है जिन्हे अपनाकर आप अपनी पाचन क्रिया को मजबूत बना सकते है। साथ ही अपने रोज़ अपने भोजन में कुछ चीजों को शामिल करके भी आप इस समस्या को बहुत हद तक दूर कर सकते है और उन्हें भोजन में शामिल करने से अपच और खाना हजम करने की समस्याएं दूर हो सकती हैं।

अदरक, निम्बू और सैंधा नमक है बदहजमी की दवा

अदरक के छोटे-२ टुकड़े काटकर, उनमे निम्बू का रस डालकर और ऊपर से सैंधा नमक छिड़ककर थोड़ी देर के लिए छोड़ दे। जब अदरक पर हल्का गुलाबीपन छा जाये तो खाना खाने से 15 से 30 मिनट्स पहले, इसके कुछ टुकड़ो को चबाकर, मजे ले कर खाने से न सिर्फ भूख खुलकर लगती है बल्कि खाया गया भोजन भी आसानी से पच जाता है। यह बहुत पुराना और कारगर नुस्खा है जिसे आज भी हम आजमाते है।

छांछ है बदहजमी की दवा

आयुर्वेदा के अनुसार खाना हजम करने के लिए और पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के लिए एक ही तरल पदार्थ को भोजन के साथ पीने की सलाह देता है और वह है छांछ। छांछ के अलावा किसी भी और तरह के तरल पदार्थ को भोजन के साथ सेवन करने की सलाह आयुर्वेदा में कही भी नहीं दी गई है।

छांछ में थोड़ी सी काली मिर्च और स्वादनुसार सैंधा नमक मिलाकर, भोजन के साथ सेवन करने से शरीर को भोजन पचाने में आसानी रहती है। दही से बनने वाली छांछ में कई प्रकार के गुड-बैक्टीरिया मौजूद होते है जो पाचन तंत्र को मज़बूत कर चयापचय को दुरुस्‍त करते हैं। इसके सेवन से बदहजमी भी नही होती और हाजमा दुरुस्त रहता है।

मूली

मूली खाने का सबसे बढ़िया तरीका है की आप इसे भोजन के साथ सलाद के रूप में खाये। इसमें ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते है जो भोजन को पचाने में सहायक होते है। मूली पचने में भरी होती है और इसे अकेला, अधिक मात्रा में खाने पर पाचन सम्बनधी समस्याएं हो सकती है। वहीं अगर आप इसे सलाद के रूप में भोजन के साथ खाते है तो यह भोजन को पचाने के साथ-२ आपकी पाचन क्रिया को भी मजबूत बनती है

हींग है बदहजमी का इलाज

हींग कई प्रकार से पाचन सम्बन्धी समस्याओ को दूर करने में सहायक होती है। इसमें ऐसे गुण पाए जाते है जो इसे अपच, बदहजमी, पेट खराब और गैस जैसी समस्याओं में फायदेमंद बनाते है। भोजन बनाते समय हींग का तड़का लगाने से खाने में सुगंध और स्वाद तो बढ़ता ही है साथ ही पेट की सभी परेशानियां का नाश भी होता है

अजवाइन

पाचन सम्बन्धी अधिकतर समस्याओ का रामबाण इलाज है अजवाइन। आधा चम्मच अजवाइन ले कर, उसमे थोड़ा सा सैंधा नमक मिलाकर , उसे अच्छे से मसलकर, उसमे से आने वाली सुगंध को सूंघ कर, इसका फक्का मारकर, ऊपर से एक गिलास पानी पी ले। इस तरह से अजवाइन का सेवन करने से पेट दर्द, गैस, बदहजमी और कई पाचन सम्बन्धी समस्याओ का नाश होता है और खाना पचाने में सहायता मिलती है

सौंफ और अजवायन

दो चम्मच सौंफ और आधा चम्मच अजवाइन ले कर उसे धीमी आंच पर भून ले। अच्छे से भून जाने पर इन्हे पीसकर , इनका चूर्ण बना ले। इस चूर्ण में स्वादानुसार सैंधा नमक मिलाकर रख ले। खाना खाने के बाद इस चूर्ण को थोड़ी सी मात्रा में खाने से खाना जल्दी पच जायगा और पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होगी

पानी पिये हाजमा ठीक रखे

शरीर में पानी की कमी हो जाने से शरीर के बहुत से कार्य बाधित होते है जिनमे से एक है पाचन क्रिया के कार्य। सुबह खाली पेट बासी मुँह तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी गपा गप करके पीने से पाचन क्रिया मजबूत बनती है। इतना ही नहीं पाचन क्रिया को सही रखने के लिए हर इंसान को दिन में कम से कम २ लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। इतना ही नहीं गर्म पानी का सेवन करने से भी खाना हजम करने में सहायता मिलती है।

त्रिफला चूर्ण है बदहजमी का इलाज

अगर आपका हाजमा सही नहीं रहता, आपकी पाचन क्रिया कमजोर है तो आपको त्रिफला चूर्ण जरूर आजमाना चाहिए। त्रिफला चूर्ण आयुर्वेदा का चमत्कार है जो 3 फलो ( हरड़, बहेड़ा और आंवला ) को मिलाकर बनाया गया है। खाना हजम करने के उपाय के रूप में यह सबसे बढ़िया औषधि है। यह ना सिर्फ आपकी पाचन क्रिया को स्ट्रांग बनती है बल्कि आपके शरीर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य की रक्षा करती है। त्रिफला से कायाकल्प, त्रिफला के सेवन की विधि है जो आयुर्वेदा में बताई गई है।

हरड़

हरड़ एक आयुर्वेदिक औषधि या फल है जिसे आयुर्वेदा में माँ के समान शरीर के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाला माना गया है। यह २ तरह की होती है बड़ी पीली हरड़ ( जो त्रिफला में इस्तेमाल होती है ) और छोटी काली हरड़ ( जिसे आप ऐसे ही निगला कर या इसका पाउडर बनाकर इस्तेमाल कर सकते है। बाजार में आपको हरड़ का चूर्ण और इसकी गोलिया भी मिल जायँगी, जो खाना हजम करने के साथ-२ कब्ज जैसे समस्या में भी फायदेमंद है

Disclaimer

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खाना हजम न होने पर क्या करें?

खाना हजम करने के उपाय अपनाकर हम खाने पीने की अपनी गलत आदतों के कारण शरीर को होने वाली पाचन सम्बन्धी समस्याओ से बचा सकते है । भारतीय रसोई में बहुत से ऐसे खाना पचाने के घरेलू उपाय मौजूद होते है जिनकी मदद से गैस, कब्ज, बदहजमी, दस्त, उलटी और बहुत सी पाचन सम्बन्धी समस्याओ से बचाव कर सकते है।

खाना हजम करने के लिए क्या खाना चाहिए?

आयुर्वेदा के अनुसार कुछ ऐसे घरेलु उपाय है जिन्हे अपनाकर आप अपनी पाचन क्रिया को मजबूत बना सकते है। अदरक, निम्बू और सैंधा नमक है बदहजमी की दवा , हींग , अजवाइन , त्रिफला चूर्ण का सेवन खाना हजम करने सहायक हो सकता है।

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