Milk in Hindi || गाय का दूध || आयुर्वेदा के अनुसार दूध क्या है? || गर्म दूध || दूध को उबालना क्यों चाहिए?

दूध क्या है? || दूध को उबालना क्यों चाहिए ?

गर्म दूध के बारे में जानकारी || Milk in Hindi
गर्म दूध के बारे में जानकारी || Milk in Hindi

दूध को उबालना क्यों चाहिए यह एक बहुत ही जरूरी सवाल है जिसका जवाब सभी को पता होना चाहिए और वह भी तब जब दूध को उबालने पर यह अपने बहुत से लाभकारी गुणों को खो देता है |

लेकिन इस सवाल का जवाब देने से पहले आपको बताते है की आयुर्वेदा के अनुसार दूध क्या है ? कौन सा दूध पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा होता है ? और दूध को छोटे बच्चों तथा मंद पाचन शक्ति वालों के लिए अनुकूल बनाने के लिए उसमे क्या मिलाना चाहिए ?

आयुर्वेदा के अनुसार जानते है दूध के बारे में की दूध क्या है ? || Milk in Hindi

प्राचीन काल से दूध मनुष्य का प्रिय पेय रहा है | दूध को आयुर्वेदा और शास्त्रों ने पृथ्वीलोक का अमृत कहा है | विशेषत: इसीलिए दूध रसायन जीवनी है | अतः यह शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ा कर शरीर को सदा रोग मुक्त रखता है |  दूध में विटामिन सी को छोड़कर शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व, विटामिन होने से दूध एक पूर्ण आहार है | 

गाय का दूध || कौन सा दूध पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा होता है ?


सभी प्रकार के दूध में माता का दूध सर्वोत्तम गिना जाता है | माता के दूध के बाद दूसरे क्रम में गाय का दूध है | बीमार व्यक्ति के लिए गाय का दूध सर्वोतम खाद्य है | औषधि एवं पथ्य के रूप में भी गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ है | अनेक रोगों में इसका उपयोग होता है अतः सब प्राणियों के दूध में गाय का दूध श्रेष्ठ माना जाता है | 

दूध को छोटे बच्चों तथा मंद पाचन शक्ति वालों के लिए अनुकूल बनाने के लिए उसमे क्या मिलाना चाहिए ?

सामान्यता दूध सभी के लिए अनुकूल रहता है तथापि गैस  या मंद पाचन की शिकायत वालों को सौंफ, इलायची, पीपलामूल, दालचीनी जैसे पाचक मसाले डालकर उबाला हुआ दूध लेना चाहिए | थोड़ी सी पीपर या सौंठ डालने से वह अग्नि प्रदीप्त तथा वातहर बनता है | तथापि कमजोर या रोगी मनुष्य को दिया जाने वाला दूध ज्यादा उबाल कर गाढ़ा ना बनाये | 

छोटे बच्चों तथा मंद पाचन शक्ति वालों को दूध देना हो तो उसमें तीसरे हिस्से का पानी मिला कर गर्म कर के गर्म दूध उपयोग में लेना चाहिए | दूध में आधा पानी मिलाकर पानी जल जाए तथा केवल दूध बाकी रह जाए इस प्रकार उबाला हुआ दूध अधिक  पथ्य गिना जाता है | 

हल्दी वाला दूध बनाने का सही तरीका और उसके सही होने के कारण

गर्म दूध || दूध को उबालना क्यों चाहिए?

 

दुहने के बाद, दो-तीन घंटे बीत जाने पर ठंडा पड़ा हुआ दूध त्रिदोष कारक होता है | दूध ताजा हो तो उसे गर्म करने की जरूरत नहीं होती अन्यथा दूध को ठीक से गर्म किए बिना उपयोग में ना ले |

दूध को ज्यादा उबालने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं और दूध गरिष्ठ हो जाता है, फिर भी उसकी वायु प्रकृति को कम करने के लिए और उसको जंतु रहित करने के लिए उसे उबालना हितावह रहता है |

बासी या लंबे समय तक फ्रिज में रखा हुआ दूध पचने में भारी होता है और उसके गुणों का संपूर्ण लाभ नहीं मिलता, दूध में सूक्ष्म जंतु उत्पन्न हो जाते हैं इसलिए दूध को गर्म करके गर्म दूध हिफाजत से रखें और उसका उपयोग करें |


अधिक जानकारी के लिए ” दूध को उबालना चाहिए या नहीं”  विडियो देखे धन्यवाद 
https://www.youtube.com/watch?v=oJapniumdN0



Our YouTube Channel is -> A & N Health Care in Hindi
https://www.youtube.com/channel/UCeLxNLa5_FnnMlpqZVIgnQA/videos

Join Our Facebook Group :- Ayurveda & Natural Health Care in Hindi —- 
https://www.facebook.com/groups/1605667679726823/

Leave a Comment

A & N Health Care Tips