गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान

गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान (Chaas pine ke fayde or nuksan) – छांछ जिसे इंग्लिश में बटरमिल्क (Buttermilk) के नाम से भी जाना जाता है, बहुत से लोगो द्वारा गर्मियों में पिए जाने वाला सबसे पसंदीदा पेय है। छांछ में आप काली मिर्च का चूर्ण, सैंधा नमक और भुना हुआ जीरा डालकर नमकीन पी सकते है या फिर चीनी मिलाकर मीठा भी इसका आनंद उठा सकते है। इस लेख में हम आपको गर्मी में छाछ पीने के फायदे, गर्मी में छाछ पीने के फायदे और नुकसान, गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान, छाछ के फायदे और साइड इफेक्ट की जानकारी देने जा रहे है।

गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान | Chaas pine ke fayde or nuksan

दूध से बनने वाली छांछ में फैट और कैलोरी बहुत ही कम मात्रा में होती है। गर्मियों में छाछ पीने से शरीर हाइड्रेट तो रहता ही है साथ ही अपच, भूख न लगने व कब्ज़, एसिडिटी और पेट की जलन की समस्या में भी फायदा मिलता है। ठंडी तासीर की होने के कारण सर्दी-जुकाम, गठिया, जोड़ों के दर्द व मांसपेशियों का दर्द में इसका सेवन करने से समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है।

गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान के बारे में और अधिक जानने के लिए पढ़ते रहे :-

गर्मी में छाछ पीने के फायदे नुकसान

छाछ कैसे बनती है?। Buttermilk in Hindi

दूध में खट्टा लगाकर दही बनता है और दही को मथनी से मथकर सफ़ेद मक्खन और छाछ बनता है। जिसमे से मक्खन को अलग करके इस्तेमाल किया जाता है या घी निकाला जाता है और जो सफ़ेद पानी बचता है उसे छांछ कहते है।

आयुर्वेदा में सिर्फ एक पेय को ही भोजन के साथ लेने की सलाह दी गई है और वह है छांछ। आयुर्वेदा का अनुसार भोजन के साथ छांछ को ग्रहण करने से भोजन पचाने में आसानी होती है और पाचन सम्बन्धी कोई भी समस्या नहीं होती।

छांछ को नमकीन और मीठी दोनों प्रकार से पिया जा सकता है। छांछ में काली मिर्च का चूर्ण, सैंधा नमक और भुना हुआ जीरा डालकर, अच्छे से घोलकर, नमकीन पी सकते है या फिर चीनी मिलाकर मीठा भी इसका आनंद उठा सकते है।

भारतीय भोजन का एक प्रिय व्यंजन, कड़ी, छांछ के इस्तेमाल से ही बनाई जाती है जिसे बड़े चाव से खाना पसंद किया जाता है।

Buttermilk यानि छांछ में पाए जाने वाले पौषक तत्व

छांछ बनाते समय दूध में मौजूद फैट को मक्खन और घी के रूप में पहले ही निकाल लिया जाता है इसलिए इसमें फैट और कैलोरी काफी कम मात्रा में ही बचती है।

लेकिन छाछ में काफी अधिक मात्रा में विटामिन्स और खनिज मौजूद होते है। इसमें पोटेशियम, विटामिन B12, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन के अलावा फास्फोरस भी काफी मात्रा में पाए जाते है।

प्रति 100 ग्राम छाछ की पोषण संबंधी जानकारी:-

कुल वसा:0.17 ग्राम या 3%
कोलेस्ट्रॉल:4 मिलीग्राम
सोडियम:105 मिलीग्राम
पोटेशियम:151 मिलीग्राम या 4%
कुल कार्बोहाइड्रेट:4.8 ग्राम या 1%
चीनी:4.8 ग्राम
प्रोटीन:3.3 ग्राम या 6%
कैल्शियम:11%
कोबालिन:3%
विटामिन सी:1%

Buttermilk Health Benefits In Hindi – छाछ पीने के फायदे

शरीर की गर्मी को दूर करने वाला ठंडा पेय

छांछ की तासीर ठंडी होती है इसलिए यह गर्मियों में शरीर को शीतलता प्रदान करती है और गर्मी का नाश करती है। इस कारण से, इसे गर्मी का सबसे बढ़िया पेय माना जाता है। जब भी आपके पेट में जलन की समस्या हो तो तुरंत राहत पाने के लिए आप एक गिलास छाछ पी सकते हैं।

कब्ज दूर करने में सहायक

छाछ कब्ज दूर करने का एक प्राकृतिक उपचार है। आयुर्वेदा में भी इसे भोजन के साथ पीने वाला सबसे उत्तम पदार्थ माना गया है। यदि आप अपने नियमित आहार में छाछ को शामिल करते हैं, तो इसमें मौजूद फाइबर मल त्याग को सुविधाजनक बनाते हुए आपकी कब्ज की समस्या को कम करने में सहायक होता है।

एसिडिटी को दूर करने में सहायक

छाछ के सबसे अच्छे लाभों में से एक यह है कि यह अम्लता (एसिडिटी ) को कम करने में मदद करता है। यदि आप नियमित रूप से भोजन करने के बाद एसिडिटी की समस्या का सामना करते हैं, तो आपको छाछ का सेवन अवश्य करना चाहिए।

भोजन के साथ या उसके बाद एक गिलास नमकीन छाछ एसिडिटी को दूर करते हुए पाचन को सुधरने में सहायक हो सकती है। सौंठ या काली मिर्च जैसी सामग्री छाछ के गुणों को बढ़ा सकती है। यह एसिड के कारण उत्पन्न होने वाले पेट में जलन को कम कर सकता है।

कैल्शियम से भरपूर छांछ

छाछ कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत है। बहुत से लोग जो दूध या कोई अन्य डेयरी उत्पाद नहीं ले सकते हैं, lactose intolerant के कारण । उनके लिए अच्छी खबर यह है की वे लोग भी बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव के छाछ का सेवन कर सकते हैं।

मोटापे से पीड़ित व्यक्तिओ के लिए फायदेमंद

छाछ मोटापे से पीड़ित व्यक्तिओ के लिए काफी फायदेमंद होती है और वे वजन बढ़ने की चिंता किये बिना छांछ का सेवन केर सकते है क्योंकि इसमें वसा नहीं होती है।

Detoxification में मददगार

छाछ के महत्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि इसमें राइबोफ्लेविन होता है जो भोजन को ऊर्जा में बदल देता है। यह कुछ हार्मोन के स्राव में भी मदद करता है।

राइबोफ्लेविन detoxification को बढ़ावा देते हुए लीवर की कार्यप्रणाली में सुधार करता है। छाछ के लगातार सेवन से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

निर्जलीकरण रोकता है

यह आपके शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए एकदम सही कूलिंग समर ड्रिंक है। निर्जलीकरण यानि शरीर में पानी की कमी विशिष्ट बीमारियों और परेशानी का कारण बन सकती है।

छाछ में इलेक्ट्रोलाइट्स के गुण होने के कारण यह शरीर से पानी की कमी को रोकता है। तो, यह शरीर को प्राकृतिक रूप से हाइड्रेट करता है और शरीर को गर्मी की बीमारियों से बचाता है।

आवश्यक विटामिन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करें

छाछ में कई खनिज और विटामिन होते हैं, जैसे पोटेशियम, विटामिन बी, आदि। यह प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का एक उत्कृष्ट स्रोत है और इस प्रकार शरीर में विटामिन की कमी को संतुलित करने के लिए उपयुक्त है।

रक्तचाप कम करता है

कुछ अध्ययनों के अनुसार छाछ के नियमित सेवन से रक्तचाप काफी हद तक कम हो जाता है। इसमें बायोएक्टिव प्रोटीन होते हैं जिनमें कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण होते हैं; हाई बीपी के मरीजों को मक्खन खाने की सलाह दी जाती है।

संक्षिप्त में :- छाछ लोकप्रिय डेयरी उत्पादों में से एक है जिसमें कैल्शियम, खनिज और विटामिन के कारण जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह उचित पाचन को बनाए रखने में मदद करता है, वजन और रक्तचाप को कम करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।

गर्मी में छांछ पीने के नुकसान । छांछ के नुकसान | Side Effects of Buttermilk in Hindi

  • ताज़ी छांछ का ही सेवन करे। अधिक समय तक रखी हुई छांछ अधिक खट्टी हो जाती है और नुकसान दायक भी।
  • सर्दी-खांसी और जुकाम होने पर छांछ का सेवन नहीं करना चाहिए। इसका सेवन करने से समस्या और बिगड़ जाती है।
  • छांछ की तासीर ठंडी होती है इसलिए मौसम के ठन्डे होने पर इसके सेवन से मांसपेशियों व नसों में ब्लड सर्क्युलेशन में रुकावट आ सकती है।
  • गठिया, जोड़ों के दर्द व मांसपेशियों का दर्द हो तो ठंडी तासीर वाली छाछ का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए।
  • अस्थमा, फेफड़ो की समस्या, सांस की तकलीफ या ऐसी कोई समस्या हो जिसमे ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन निषेध हो तो छाछ न पिएं।
  • दिन में या दिन के भोजन के साथ छाछ पीना फ़ायदेमंद होता है, लेकिन शाम को छाछ का सेवन न करे। रात में पीने पर ठंडी तासीर की होने के कारण यह शरीर में कफ पैदा कर सकती है।
  • बुखार की स्तिथि में भी छाछ पीना नुकसानदायक है।
Disclaimer

छाछ कब नहीं पीनी चाहिए?

दिन में या दिन के भोजन के साथ छाछ पीना फ़ायदेमंद होता है, लेकिन शाम को छाछ का सेवन न करे। रात में पीने पर ठंडी तासीर की होने के कारण यह शरीर में कफ पैदा कर सकती है।

छाछ खाने से क्या नुकसान होता है?

ठंडी तासीर की होने के कारण सर्दी-जुकाम, गठिया, जोड़ों के दर्द व मांसपेशियों का दर्द में इसका सेवन करने से समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है।

छाछ पीने से शरीर में क्या होता है?

छाछ लोकप्रिय डेयरी उत्पादों में से एक है जिसमें कैल्शियम, खनिज और विटामिन के कारण जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह उचित पाचन को बनाए रखने में मदद करता है, वजन और रक्तचाप को कम करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।

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