गन्ने के रस के 9 फायदे और नुकसान

गन्ने के रस के फायदे और नुकसान

पके हुए गन्ने का रस (Ganne ka Ras) पित्त तथा क्षय रोग का नाश करने वाला, नेत्र रोगों में लाभकारी व वीर्य वर्धक होता है | गन्ने का जूस प्यास बुझाने के साथ-२ शरीर को ताजगी और ठंडक से भर देता है। इसका सेवन करने से शरीर को बहुत से स्वास्थ्य लाभ मिलते है। आइये जानते है उनके बारे में :-

गन्ने के रस के फायदे

लिवर फंक्शन के लिए

एक रिसर्च में पाया गया कि गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) पीने से लिवर काफी सक्रिय हो जाता है। चिकित्सा वैज्ञानिकों के मत के अनुसार गन्ने का रस (Ganne ka Ras) गुर्दे की क्रिया को बढ़ाता है और रक्त की शुद्धि करता है साथ-साथ यह रक्त में पर्याप्त वृद्धि भी करता है इसलिए निमोनिया, पीलिया आदि उन रोगों में जिनमें शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, गन्ने के ताजा रस का सेवन करने के साथ-साथ गन्ने के रस में पक्का कर बनाई गई रस खीर खाने से शरीर में रक्त से वृद्धि होती है | इसके सेवन से पीलिया स्थाई तौर पर ठीक हो जाता है इतना ही नहीं गन्ने का रस (Ganne ka Ras) रक्त में शर्करा की कमी को जल्दी ही पूरा कर देता है |

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गर्मियों में ठंडक दे गन्ने का रस (Ganne ka Ras)

शरीर में उष्णता की वृद्धि होने से शरीर में दाह (जलन ) की अनुभूति होने लगती है | ऐसे में गन्ने का रस (Ganne ka Ras) फायदेमंद सिद्ध होता है | गन्ने के रस में थोड़ा सा हरे धनिए की पत्तियों का रस अथवा धनिये के दानों को मिलाकर निकाले गए गन्ने के रस को पिया जाए तो पर्याप्त लाभ होता है तथा दाह यानी जलन शांत होती है |

पाचन क्रिया ठीक करने में गन्ने के जूस के फायदे

पाचन क्रिया ठीक करके पेट में गैस बनने की समस्या को दूर करने में बहुत ही फायदेमंद है गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) | यदि किसी के पेट में गैस बनती हो तो गन्ने का ताजा रस लेकर उसमें आधा नींबू निचोड़ कर थोड़ा सा काला नमक व अदरक का रस मिलाकर सेवन करवाएं तो वायु विकार, अफारा शीघ्र ही समाप्त होता है और पेट में गैस नहीं बनती |

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खूनी दस्त यानी पेचिश में गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) पीने के फायदे

गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) पोटेशियम से भरपूर होता है जिस कारण यह पेट के संक्रमण से बचाव करता है। यदि किसी को खूनी दस्त यानी पेचिश हो जाए तो गन्ने का रस (Ganne ka Ras) समान मात्रा में अनार का रस मिलाकर 100 से 200 मिलीलीटर की मात्रा में पीने से खूनी दस्त त्रीवता (बहुत तेजी ) से नियंत्रित हो जाते हैं | इसके अलावा गन्ने के जूस का सेवन शरीर के अन्य अंगों के रक्त स्राव में भी लाभकारी होता है |

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कब्ज में गन्ने के जूस के फायदे

गन्ने में फाइबर काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है ऐसे में कब्ज दूर करने में गन्ने का रस (Ganne ka Ras) काफी फायदेमंद होता है | यदि पेट में कब्ज रहती हो तो गन्ने का ताजा रस नित्य पीने से लाभ मिलता है | यदि इसमें समान मात्रा में अंगूरों का रस भी मिला दिया जाए तो यह और उत्तम हो जाता है |

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एसिडिटी यानि आम्लपित्त व सुजाक रोग यानी गनेरिया में गन्ने के जूस के फायदे

एसिडिटी यानि आम्लपित्त व सुजाक रोग यानी गनेरिया में पचास से सौ ग्राम गन्ने के रस में समान मात्रा में आंवले का ताजा रस मिलाकर पिलाया जाए तो विशेष लाभ मिलता है |

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नकसीर में गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) पीने के फायदे

नाक से खून गिरना यानी नकसीर की स्थिति में गन्ने के रस में आंवले के रस के साथ धनिए की पत्तियों का रस तथा धनिया मसलकर प्राप्त जल मिला कर पीने से पर्याप्त लाभ मिलता है |

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फेफड़ों को मजबूती दे गन्ने का रस (Ganne ka Ras)

गन्ने के ताजा रस को थोड़ा गर्म करके उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक और बस थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर पीने से खांसी ठीक हो जाती है तथा फेफड़ों में मजबूती मिलती है |

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बढ़े हुए पित्त को शांत करे गन्ने का रस (Ganne ka Ras)

यदि किसी के शरीर में पित्त बढ़ गया हो पित्त की उल्टियां हो रही हो तो गन्ने के ताजा रस में शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो या तीन बार पीने से पित्त शांत होकर उल्टियां रुक जाती है |

गन्ने के रस के नुकसान

  1. मधुमेह, सर्दी, जुकाम, सोम रोग आदि के रोगियों और कफ वाले रोगों में गन्ने का जूस (Ganne ka Juice) का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं करना चाहिए |
  2. जिन लोगों के पेट में कीड़े पड़ते हैं उन्हें भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए |
  3. गन्ने का रखा हुआ रस पीना पड़े तो उसमें थोड़ा सा नींबू अदरक का रस अवश्य मिला लेना चाहिए |
  4. मुंह में पायरिया रोग हो गन्ना नहीं चूसना चाहिए बल्कि अन्य विधि से रस निकालकर उसका सेवन करना चाहिए |

गन्ने के रस का सेवन करने से पहले ये भी जान ले

  1. भोजन करने के तुरंत पहले गन्ने के रस का सेवन करने से पित्त का नाश होता है लेकिन भोजन के बाद सेवन करने से वायु विकार का खतरा रहता है |
  2. भोजन के मध्य में सेवन करने से पेट भारी होता है |
  3. कच्ची ईख के गन्ने का रस (Ganne ka Ras) कफ बढ़ाने वाला तथा मेद व प्रमेह को उत्पन्न करता है अतः इसे लेना उचित नहीं है |
  4. अधपके गन्ने का रस (Ganne ka Ras) वातहर, मधुर, किंचित तीक्ष्ण तथा पित्त नाशक होता है, अतः इसका सेवन लाभकारी होता है |
  5. पके हुए गन्ने का रस (Ganne ka Ras) पित्त तथा क्षय रोग का नाश करने वाला, नेत्र रोगों में लाभकारी व वीर्य वर्धक होता है |

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