त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है

त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है (Triphala ki taseer kaisi hoti hai) – आयुर्वेदा की सबसे प्रसिद्ध औषधि है त्रिफला चूर्ण (Triphala Churan)। यह अनेको रोगो को दूर करने वाली चमत्कारी औषधि है। इसकी तासीर को लेकर अनेको लोग सवाल करते है इसलिए इस लेख में हम त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है, त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या है (Triphala Churan ki taseer kaisi hoti hai), त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या होती है (Trifla churan ki tasir kya hoti hai) आदि सवालों के जवाब डिटेल में देने जा रहे है।

त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है | Triphala Ki Taseer Kaisi Hoti Hai

त्रिफला चूर्ण अलग अलग तरीको से बनाया जाता है। इसको बनाने के लिए जिन जड़ी बूटीओ का इस्तेमाल किया जाता है उनमे से बिभीतक (बहेडा) (Terminalia bellirica) और हरितकी (हरड़ Terminalia chebula) की तासीर गर्म होती है और अमलकी (आंवला (Emblica officinalis)) की तासीर ठंडी होती है। अधिकतर त्रिफला को इन तीनो के चूर्ण को समान अनुपात यानि 1:1:1 में मिलाकर बनाया जाता है इसलिए त्रिफला चूर्ण की तासीर गर्म होती है।

और अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ते रहे।

अलग-२ ऋतुओ में त्रिफला चूर्ण लेने का तरीका और उसके फायदे

त्रिफला चूर्ण | Triphala Churan | Trifla Churan

त्रिफला चूर्ण एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो आयुर्वेदा की तीन प्रमुख जड़ी-बूटियाँ (अमलकी (आंवला), बिभीतक (बहेडा) और हरितकी (हरड़) के चूर्ण का मिश्रण है।

त्रिफला चूर्ण वात, पित्त और कफ त्रिदोषनाशक यानि तीनों दोषों का नाश करने वाला रसायन है जिसे हमारे ऋषि मुनियो ने गहन अध्ययन के बाद मानव शरीर को रोगो से दूर रखने के लिए तैयार किया।

त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है

कब्ज को दूर करने के लिए त्रिफला का उपयोग कैसे करे?

त्रिफला चूर्ण को बनाने में इस्तेमाल होने वाली:-

  • आमलकी यानि आंवला की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में पित्त दोष को दूर करने में सहायक होता है।
  • विभीतकी यानि बहेड़ा की तासीर गर्म होती है और यह शरीर में कफ दोष को दूर करने में सहायक होता है।
  • हरीतकी यानि हरड़, जिसे आयुर्वेदा में माँ के समान हितकारी मन जाता है, की तासीर गर्म होती है और यह शरीर में वात दोष को दूर करने में सहायक होती है।

त्रिफला चूर्ण वात, पित्त और कफ के दोषो को दूर करके वात, पित्त और कफ के बैलेंस को सही रखकर शरीर के स्वास्थ्य को बनाये रखने में सहायक होती है।

इन तीनो को मिलाकर बनाये गए त्रिफला चूर्ण (Trifla Churn) का विधिवत सेवन अमृत तुल्य है और शरीर का कायाकल्प करने में समर्थ है | त्रिफला चूर्ण वात, पित्त और कफ के बैलेंस को सही रखकर शरीर के स्वास्थ्य को बनाये रखने वाला रसायन है |

त्रिफला चूर्ण और शहद मिलाकर खाने के फायदे

त्रिफला चूर्ण को अलग अलग विधियों से बनाया जाता है:-

  • त्रिफला रेश्यो 1:1:1 यानि हरड़ 1:बहेड़ा 1: आंवला 1 ( triphala ratio 1:1:1 )
  • त्रिफला 1:2:3 रेश्यो यानि हरड़ 1:बहेड़ा 2: आंवला 3 ( triphala 1:2:3 ratio )
  • त्रिफला रेश्यो 1:2:4 हरड़ 1:बहेड़ा 2: आंवला 4 ( triphala ratio 1:2:4 )

त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या है | Triphala Churan Ki Taseer Kya Hai

जैसा की आप ऊपर जान ही चुके है की हरड़ और बहेड़ा दोनों की तासीर गर्म होती है और आंवला की तासीर ठंडी होती है तो आप खुद ही समझ सकते है की जिस अनुपात (रेश्यो ) में बने हुए त्रिफला चूर्ण का आप इस्तेमाल कर रहे है उसकी तासीर कितनी गर्म होगी। जितना आंवला ज्यादा उतनी त्रिफला की तासीर कम गर्म।

गर्म तासीर का होने के कारण गर्भवती स्त्रियों को और स्तनपान कराने वाली माताओं को त्रिफला चूर्ण के सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनका पेट अक्सर खराब रहता हो, दस्त आदि की समस्या रहती हो, उन्हें त्रिफला का सेवन करने से पहले किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

यह आपके ऊपर है की आप किस विधि से बने हुए त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल कर अपने आप को स्वस्थ रख रहे है। त्रिफला से कायाकल्प की विधि और इसके फायदे , जिसके बारे में पूरी जानकारी हमारे एक अन्य लेख में मिल जायगी, में Triphala 1:2:3 ratio के हिसाब से बनाया और इस्तेमाल किया जाता है।

हम उम्मीद करते है की इस लेख में दिए गए त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है (Triphala Churan ki taseer kaisi hoti hai), त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या है (triphala ki taseer kya hai), त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या होती है आदि सवालों के जवाब आपको ज्ञानवर्धक लगे होंगे।

त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है?

त्रिफला चूर्ण बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली 3 में से 2 औषधियों की तासीर काफी गर्म होती है जिस वजह से त्रिफला चूर्ण की तासीर भी गर्म होती है।

क्या त्रिफला चूर्ण को खाली पेट लिया जा सकता है?

जी हाँ, त्रिफला चूर्ण का सेवन खाली पेट किया जा सकता है। त्रिफला से कायाकल्प विधि के अनुसार तो त्रिफला का सेवन सुबह उठते ही खाली पेट करना होता है।

Disclaimer

हम उम्मीद करते है की त्रिफला चूर्ण की तासीर कैसी होती है, त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या है (Triphala Churan ki taseer kaisi hoti hai), त्रिफला चूर्ण की तासीर क्या होती है (Trifla churan ki tasir kya hoti hai), विषयो पर दी गई यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रहेगी।

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