विटामिन B9 की कमी के 7 गंभीर लक्षण | Vitamin B9 deficiency in Hindi

Vitamin B9 deficiency in Hindi (विटामिन B9 की कमी के लक्षण)- फोलेट एक ऐसा रसायन है, जो शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करने और नई कोशिकाओं के बनाने में सहयोग करता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कई कार्यों में इसका अहम रोल है। विटामिन B9 की कमी से शरीर में अनेको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। वैसे तो यह खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से मौजूद रहता है। लेकिन किसी किसी के शरीर में इसकी कमी को पूरा करने लिए फोलिक एसिड (Vitamin B9) का उपयोग किया जाता है। यह फोलेट का कृत्रिम रूप है।

विटामिन B9 की कमी के लक्षण में थकान, कमजोरी, सांस की तकलीफ, दिल की धड़कन, और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आदि प्रमुख है। विटामिन बी9 की कमी (Vitamin B9 deficiency in Hindi) यानि फोलिक एसिड की कमी (Folic Acid deficiency) से एनीमिया हो सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है | इतना ही नहीं फोलिक एसिड की कमी से गर्भावस्था के दौरान एक गर्भस्त शिशु को रीड़ की हड्डी के विकार उत्पन्न हो सकते है और शिशु का विकास बधित हो सकता है।

आइये और अधिक जानते है विटामिन बी9 यानि फोलिक एसिड (Folic Acid) के बारे में।

विटामिन B9 या फोलेट या फोलिक एसिड के फायदे

विटामिन B9 क्या है ? | फोलेट या फोलिक एसिड क्या है ? | What is Folic Acid?

विटामिन बी9, जिसे फोलेट या फोलिक एसिड भी कहा जाता है, 8 तरह के बी विटामिनों में से एक है। सभी तरह के विटामिन B शरीर की मदद से भोजन (कार्बोहाइड्रेट) को ईंधन (ग्लूकोज) में बदलने में मदद करते हैं जिसका उपयोग शरीर ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाता है। ये बी विटामिन, जिन्हें अक्सर बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन कहा जाता है, शरीर को वसा और प्रोटीन का उपयोग करने में भी मदद करते हैं।

विटामिन B9 या फोलेट या फोलिक एसिड के फायदे | Folic Acid Ke Fayde

विटामिन B9 या फोलिक एसिड, पानी में घुलनशील विटामिन है | यह विटामिन शरीर के लिए कितना ज्यादा जरूरी और फायदेमंद होता है आप इस बात का अंदाजा विटामिन B9 या फोलेट या फोलिक एसिड के फायदे जानकर आसानी से लगा सकते है | विटामिन B9 या फोलेट या फोलिक एसिड के फायदे (Folic Acid Ke Fayde) :-

  • इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है |
  • दिल के लिए फायदेमंद होता है |
  • शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करने और नई कोशिकाओं के बनाने में सहयोग करता है |
  • शरीर को बढ़ने और बनाने में सहायक होता है |
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है |
  • मूड को सुधारता है।
  • गर्भवती महिला और उसके शिशु को भी अनेक रोगो से बचाता है |
  • पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक होता है।
  • कैंसर जैसी गंभीर समस्या को दूर रखने में भी फायदेमंद होता है।
  • तनाव को कम करने में भी फोलिक एसिड मदद करता है|

विटामिन B9 की कमी के 7 गंभीर लक्षण | Vitamin B9 deficiency in Hindi

यह विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड शरीर के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होता है और इसकी कमी से शारीरिक और मानसिक कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती है। आइये जानते है विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी (Folic Acid Ki Kami) से शरीर में नजर आने वाले लक्षणों (vitamin b9 ki kami se rog ) के बारे में :-

Vitamin B9 deficiency in hindi

खून की कमी

विटामिन बी9 की कमी (Vitamin B9 Ki Kami) से सबसे पहला लक्षण शरीर में खून की कमी के रूप में नजर आता है जिसे एनीमिया भी कहते है। फोलेट या फोलिक एसिड की आवश्यकता शरीर को रेड ब्लड सेल्स को बनाने के लिए भी होती है। यह रेड ब्लड सेल शरीर के अलग-अलग अंगो तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। अगर शरीर में विटामिन बी9 की कमी हो जाए तो इससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में भी कमी आ जाती है।

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थकान और कमजोरी

रेड ब्लड सेल्स की संख्या कम होने से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुँचती। शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण आपको थकान और कमजोरी महसूस होती है, साँस लेने में तकलीफ महसूस होती है। लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण त्वचा का रंग भी पीला नजर आने लगता है।

डिप्रेशन

विटामिन बी9 की कमी से डिप्रेशन भी हो जाता है। फोलेट या फोलिक एसिड सीधा संबंध मस्तिष्क में पैदा होने वाले फील गुड केमिकल्स के साथ होता है। शरीर में विटामिनB9 की कमी से मस्तिष्क में फील गुड केमिकल कम बनते है जिससे व्यक्ति का मूड खराब रहता है , सोशल बिहेवियर खराब होता है। विटामिन B9 खाना शुरू करने के बाद व्यक्ति के व्यवहार में सुधार होता देखा गया है। इसलिए अगर आपको डिप्रेशन की समस्या है या आपका मूड खराब रहता है तो उसका एक कारण विटामिन B9 की कमी भी हो सकता है।

अल्जाइमर

विटामिन B9 की कमी से अल्जाइमर की बीमारी भी हो सकती है। अल्जाइमर याददाश्त से जुडी एक बीमारी होती है। दिमाग में एक केमिकल होता है जिसका नाम है बेटा एमाइलॉयड ऐप डाइट। विटामिन B9 की कमी होने से यह केमिकल जमा होने लगता है और एक प्लाक का रूप ले लेता है। प्लाक नसों में ब्लॉकेज का कारण बनता है। यह प्लाक दिमागी की स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है जिससे याददाश्त चली जाती है और अल्जाइमर की बीमारी होती है। विटामिन B9 की पर्याप्त मात्रा खाने से यह प्लाक दिमाग में नहीं बनती जिससे यादाश्त कम नहीं होती और अल्जाइमर की बीमारी नहीं होती।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक

विटामिन B9 की कमी से हार्ट के ऊपर भी बुरा असर होता है। खून में एक केमिकल होता है जिसका नाम है होमोसिस्टाइन। यह केमिकल खून की नसों को सख्त बनाता है और खून की नसों के अंदर ब्लड क्लॉट्स को बनाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ता है। विटामिन बी9 की कमी से खून के अंदर होमोसिस्टाइन का लेवल बढ़ जाता है। लेकिन विटामिन B9 पर्याप्त मात्रा खाने से खून में होमोसिस्टाइन का लेवल कम होता है इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है। विटामिन B9 का सीधा संबंध दिल की बीमारी से है। शरीर में विटामिन B9 कम होगा तो दिल की बीमारी ज्यादा होगी।

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विटामिन B9 की कमी से गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है बुरा असर

विटामिन बी नाइन की कमी से गर्भ में पल रहे बच्चे के ऊपर भी बुरा असर होता है। अगर मां में विटामिनB9 की कमी है तो इससे होने वाले बच्चे में रीड की हड्डी का विकार या ब्रेन से संबंधित कोई समस्या हो सकती है इसलिए आज कल डॉक्टर पहले ही दिन से विटामिन B9 जिसे फोलिक एसिड भी कहते हैं, होने वाली मां को देना शुरू कर देते हैं। इससे बच्चे में होने वाला रीड की हड्डी का विकार नहीं होता और ब्रेन से संबंधित कोई विकार पैदा नहीं होता और बच्चा स्वस्थ पैदा होता है। फोलिक एसिड DNA और कोशिकाओं का निर्माण भी करता है इसलिए होने वाली मां के लिए विटामिन बी9 खाना अत्यंत आवश्यक होता है।

कमजोर इम्युनिटी

विटामिन B9 डीएनए को बनाने और कोशिकाओं को बनाने के लिए आवश्यक होती है इसलिए अगर विटामिन B9 की कमी हो जाए तो इससे डीएनए को नुकसान हो सकता है जिससे इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।

इसके अलावा विटामिन B9 कम होने से इम्युनिटी सेल्स की संख्या में भी कमी आ सकती है। इससे इम्युनिटी भी कमजोर होती है और इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ता है। विटामिन B9 की पर्याप्त मात्रा खाकर आप अपने इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग रख सकते हैं और बीमारियों से बच सकते हैं।

शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या को सही रखने के लिए और इन स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ से बचें क लिए आप को पर्याप्त मात्रा में विटामिन B9 से भरपूर खाद्य पदार्थो का सेवन अच्छी मात्रा में करना चाहिए।

Disclaimer

विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी को कैसे दूर करें?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ है जिनके सेवन से आप विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी को दूर कर सकते है। सबसे ज्यादा विटामिन B9 या फोलिक एसिड :-

  • ब्रोकली में होता है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों में होता है।
  • साबुत दालों में होता है।
  • चुकुन्दर में होता है।
  • खट्टे फलों में होता है।
  • ड्राई फ्रूट में होता है।
  • बीजो में होता है।
  • गेहूं के छिलके में होता है।
  • पपीते में होता है।
  • केले में होता है।

विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी को कैसे दूर करें?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ है जिनके सेवन से आप विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी को दूर कर सकते है। जिनकी जानकारी आपको इस लेख में मिल जायगी।

विटामिन b9 की कमी से कौन सी बीमारी होती है?

विटामिन B9 की कमी के लक्षण में थकान, कमजोरी, सांस की तकलीफ, दिल की धड़कन, और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आदि प्रमुख है। विटामिन बी9 की कमी (Vitamin B9 deficiency in Hindi) यानि फोलिक एसिड की कमी (Folic Acid deficiency) से एनीमिया हो सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है | इतना ही नहीं फोलिक एसिड की कमी से गर्भावस्था के दौरान एक गर्भस्त शिशु को रीड़ की हड्डी के विकार उत्पन्न हो सकते है और शिशु का विकास बधित हो सकता है।

विटामिन बी 12 की कमी से कौन सा रोग होता है?

विटामिन बी9 की कमी (Vitamin B9 deficiency in Hindi) यानि फोलिक एसिड की कमी (Folic Acid deficiency) से एनीमिया हो सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है | इतना ही नहीं फोलिक एसिड की कमी से गर्भावस्था के दौरान एक गर्भस्त शिशु को रीड़ की हड्डी के विकार उत्पन्न हो सकते है और शिशु का विकास बधित हो सकता है।

विटामिन बी के स्रोत कौन कौन से हैं?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ है जिनके सेवन से आप विटामिन B9 यानि फोलिक एसिड की कमी को दूर कर सकते है। सबसे ज्यादा विटामिन B9 या फोलिक एसिड :-
ब्रोकली में होता है।
हरी पत्तेदार सब्जियों में होता है।
साबुत दालों में होता है।
चुकुन्दर में होता है।
खट्टे फलों में होता है।
ड्राई फ्रूट में होता है।
बीजो में होता है।
गेहूं के छिलके में होता है।
पपीते में होता है।
केले में होता है।

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